बिहार सरकार द्वारा बाल बजटिंग हेतु मानक कार्यसंचालन प्रक्रिया का लोकार्पण

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पटना – बाल दिवस के अवसर पर बिहार के उप-ंमुख्यमंत्री और वित्त मंत्राी सुशील कुमार मोदी ने बिहार में बाल बजट निर्माण के लिए मानक कार्यसंचालन प्रक्रिया का लोकार्पण किया। कार्यक्रम का आयोजन बिहार सरकार के वित्त विभाग द्वारा बिहार यूनीसेफ आौर एशिएन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट (आद्री) के साथ मिलकर किया गया। मानक कार्यसंचालन प्रक्रिया (एसओपी) के विकास के लिए बिहार यूनीसेफ और आद्री ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया है।

सत्र की अध्यक्षता करते हुए मोदी ने कहा कि चूंकि बिहार की आबादी का आधा हिस्सा 18 वर्ष सेे कम उम्र का है इसलिए हमने बच्चों पर पर्याप्त निवेश किया है। उन्होंने कहा कि बाल बजट का दस्तावेज राज्य बजट से स्वतंत्र नहीं होकर राज्य बजट के उन आबंटनों का विश्लेषण होता है जिनसे बच्चों के कल्याण में सुधार होता है। उन्होंने बच्चों की उत्तरजीविता से संबंधित तीन बिंदुओं का उल्लेख किया शिशु-मृत्यु दर में कैसे कमी की जाय, कुपोषण कैसे घटाया जाय और स्वास्थ्य में सुधार के लिए सुरक्षित पेयजल कैसे उपलब्ध् कराया जाय।

बाल विकास और संरक्षण के बारे में मोदी ने जोर देकर कहा कि उनके समग्र विकास के लिए हर बच्चे को यौन उत्पीड़न, हिंसा और उपेक्षा से संरक्षण पाने का अधिकार है। उन्होंने लड़कियों का उचित विकास सुनिश्चित करने को विशेष प्राथमिकता दी। मोदी ने बताया कि 2013-ं14 से 2017-18 के बीच बिहार सरकार ने बाल विकास के लिए कुल 80,827.85 करोड़ रु. का आबंटन किया और उस अवधि में उन पर 67,101.02 करोड़ रु. व्यय हुए। इस अवधि में बच्चों के लिए कुल आबंटन 18.1 प्रतिशत की वार्षिक दर से और व्यय 26.1 प्रतिशत की दर से बढा।