बेटियों में मानो पढ़ने और आत्मनिर्भर होने की होड़ लग गई है – डॉ. सुहेली मेहता

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पटना – जदयू प्रदेश प्रवक्ता डॉ. सुहेली मेहता ने कहा कि वो समय गया जब बेटियों को सिर्फ इसलिए पढ़ाया जाता था कि बेटी की शादी अच्छे लड़के एवं अच्छे घर मे शादी हो जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शिता की वजह से अब तो बेटियों में मानो पढ़ने और आत्मनिर्भर होने की होड़ लग गई है। 2015 में चुनाव से पहले लिए गए सात निश्चय के तहत बिहार के सभी स्तर की नौकरी महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत जगह सुरक्षित कर मुख्यमंत्री ने आधी आबादी को उनका वाजिब हक दे दिया है। शैक्षणिक संस्थानों में बेटियों की भीड़ को देखकर ऐसा लगता है मानो बेटियां पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर होकर अपनी असली आजादी की चाह में है जिससे वो अपनी ऊंची उड़ान भर सके।

ऐसा नहीं है कि केवल सरकारी नौकरियों में ही बल्कि आत्मनिर्भर होने के लिए बिहार सरकार के द्वारा युवाओं के लिए कौशल विकास योजना के तहत लाखों बेटे और बेटियों को तरह-तरह के हुनर जैसे मेहंदी डिजाइनिंग, सिलाई-कढ़ाई, कंप्यूटर इत्यादि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे युवा वर्ग अपना कारोबार शुरू कर आर्थिक रूप से सक्षम हो रहे हैं और परिवार को आर्थिक सहायता भी कर रहे हैं। डॉ. मेहता ने युवा साथियों से अपील किया है कि अगर आपके पास ज्यादा कोई शैक्षणिक योग्यता नही है जिससे बड़ी सरकारी नौकरियां लग सके तो बिहार सरकार की इस योजना का लाभ अवश्य उठाएं। यही आर्थिक निर्भरता समाज से दहेज जैसी बीमारी को दूर कर सकती है और बाल विवाह करने को मजबूर बेटियों के माँ-पिता को आत्मबल मिल सकता है।