बेटी जन्म ली तो दम्पति ने अस्पताल को सजाकर लोगों में बांटी मिठाईयां

464
0
SHARE

दया नन्द तिवारी

एक तरफ जहां पूरे भारत में बेटियों का बुरा हाल है, दहेज प्रथा को लेकर बेटी को जन्म से पहले ही मार दी जाती है, आए दिन अस्पताल के कूड़ेदान में भी बेटियां मिल जाती है। वहीं दूसरी तरफ सासाराम के एक दंपति ने बेटी जन्म पर पूरे अस्पताल को सजाते हुए प्रसाद वितरण किया और लोगों के बीच खुशियां बांटी। सासाराम के करपुरवा गांव निवासी राजेंद्र कुमार का पहले एक बेटा था लेकिन उनका मानना है कि बेटी भार नहीं इस जग में, बेटी है आधी आबादी, बेटा है कुल का दीपक तो, बेटी है दो कुल की थाती।

दंपति का कहना है कि नवरात्रि में दुर्गा लक्ष्मी के रूप में बेटी घर में पधारी है जिससे मेरा परिवार पूर्ण हो गया। गौरतलब हो कि जन्म से पहले बेटी को गर्भ मार दी जाती है जिससे लिंगानुपात में सासाराम में भी काफी अंतर हुआ है, लेकिन दंपति की इस पहल से लोगों में जागरूकता होने की उम्मीद है दंपति ने अपील किया है कि बेटियों को मारिए नहीं संस्कृति का है धरोहर।