बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए हम प्रतिबद्ध है:- मुख्यमंत्री

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पटना:- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज एन0एम0सी0एच0 में सेंटर आॅफ एक्सिलेंस (डायग्नोस्टिक सेंटर) का उद्घाटन सह लोकार्पण फीता काटकर किया। कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर मुख्यमंत्री ने विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर मुझे खुशी हो रही है। जिस तरह पहले इस मेडिकल कॉलेज के भवन को देखा था तो काफी खराब स्थिति में थी, यह एक महत्वपूर्ण अस्पताल है, जहां बड़ी संख्या में लोग इलाज कराने आते हैं। हमलोग उसी समय से इसके विकास के लिए सोचते रहे हैं और आज उसी का परिणाम है कि सेंटर ऑफ एक्सिलेंस का उदघाट्न हुआ है, जहां हर प्रकार के इलाज की सुविधा होगी। यहां जांच करने के लिए निजी सेक्टर के लिए एग्रीमेंट हुआ है, जिसे जल्द ही सरकारी तौर पर की जानी चाहिए। मेरा एक सुझाव है कि मुंबई जैसे बड़े-बड़े प्राइवेट अस्पतालों में जो संयंत्र लगते हैं, उसमें अस्पताल, कंपनी के साथ यह एग्रीमेंट करती है कि जैसे-जैसे उपकरणों की गुणवत्ता में सुधार होगा तो पुराने उपकरण को उसकी जगह पर बदलना होगा। यह प्रयोग अपने सरकारी क्षेत्र में करने की जरुरत है। मेरा सुझाव देना काम है बाकि विशेषज्ञ इस पर निर्णय लेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एलोपैथिक क्षेत्र में आज जांच आधारित इलाज चल रहा है, इसमें यह जांच केंद्र स्वास्थ्य सेवा को और बेहतर बनाएगा। एन0एम0सी0एच0 को और बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग डी0पी0आर0 तैयार कर रही है। इसका विकास तीन चरणों में करने की योजना है। 57 एकड़ भूमि में एक ही कैंपस में पढ़ाई, जांच, हॉस्पिटलिटी, आदि चीजों की समुचित व्यवस्था होगी। आज यहां पढ़ाई के लिए मात्र 100 सीट है, जो अब 250 सीट की हो जाएगा। 750 बेडों की यहां पहले से सुविधाएं हैं, वे आगे से 2500 बेडों का हो जाएगा। यह इतना बड़ा हॉस्पीटल बनने वाला है। सरकार के पास जितना जल्दी प्रस्ताव आएगा, उसको स्वीकृति देने के लिए तैयार है। सरकार द्वारा बहुत स्कीम शुरु की गई है। फर्स्ट फेज में सेंटर ऑफ एक्सिलेंस, राज्यस्तरीय वैक्सिन सेंटर बना और अब बी0एस0सी0 नर्सिंग कॉलेज बनकर तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कॉलेज खुलेगा। हर जिले में जी0एन0एम0 संस्थान, पारा मेडिकल खुलेगा। हर सब डिवीजन में ए0एन0एम0 स्कूल खुलेगा। जी0एन0एम0 की जरुरत पूरे देश और राज्य में है।

इन संस्थाओं के खुलने से लड़कियों के लिए रोजगार के संकट का समाधान होगा। राज्य में पांच और नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। पटना एम्स का बेहतर विकास केंद्र के द्वारा किया जा रहा है। आई0जी0आई0एम0एस0 का बेहतर विकास हमलोगों ने किया है। पी0एम0सी0एच0 में और सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं और इसे वल्र्ड क्लास बनाना चाहते हैं। बगल में आर0एम0आर0आई0 बना है, ये सुंदर है। अब कई तरह की जांच इस एक्सिलेंस सेंटर में होगा और इन सब चीजों पर भी रिसर्च होगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, वेलफेयर पर बहुत सारे काम किए जा रहे हैं।

अगस्त 2006 में तत्कालीन उप राष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत द्वारा मुफ्त दवा वितरण की शुरुआत की गयी थी। हमलोगों का लक्ष्य है कि राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएं। मजबूरी में इलाज के लिए किसी को बाहर जाना न पड़े। अगर अपनी इच्छा और सुविधा के लिए बाहर जाना चाहता है तो इस पर किसी तरह की रोक नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रुटिन एम्युनाइजेशन पर काम हो रहा है। पहले यह 25 प्रतिशत था लेकिन अब यह 84 प्रतिशत पहुंच गया है और 90 प्रतिशत का लक्ष्य है। पांच टॉप राज्यों में हम आना चाहते हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने भरोसा दिलाया है कि हम पहले तीन नंबर में रहेंगे। अगर पीने को स्वच्छ पानी और खुले में शौच से मुक्ति मिल जाए तो आज होने वाली 90 फीसदी बीमारियों से छुटकारा मिल जाएगा। आज सरकारी अस्पताल पर लोगों का विश्वास बढ़ा है।

पहले सरकारी अस्पतालों में लोग नहीं जाते थे। अब स्थिति ये है कि मरीजों को चिकित्सा के लिए बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। बिल्डिंग बनाने के लिए बेहतर टेक्नोलॉजी को अपनाया जा रहा है क्योंकि यह सामान्य बिल्डिंग नहीं होता है बल्कि यहां मरीजों का इलाज करना होता है। सरकार ने कॉरपोरेशन बनाया है ताकि दवा की खरीद एवं उपकरण की खरीद का काम बेहतर ढंग से हो सके। इन सब चीजों से डॉक्टर मुक्त रह कर अपना ध्यान इलाज पर केंद्रीत कर सकें। अस्पताल में जो भी उपकरण है, उसका मेंटेनेंस हो ताकि जांच के लिए बाहर जाना न पड़े। स्वास्थ्य विभाग दूसरे फेज के लिए काम कर रहा है। हमलोगों का सहयोग तत्काल उपलब्ध रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जो घोषणा किया है, उसका लाभ लेने के लिए हमलोगों को पूरी तैयारी कर लेनी चाहिए। केन्द्रीय वित्त मंत्री ने ये ऐलान किया है कि पहले चरण में पांच लाख की सीमा तक 10 करोड़ परिवार को सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार पहले से ही ढाई लाख तक वार्षिक आय वाले लोगों को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से मदद कर रही है, जिसका प्रतिवर्ष हजारों लोग फायदा उठा रहे हैं। जिस जगह पर नालंदा मेडिकल कॉलेज है, यह असली पाटलिपुत्र है, यही पुरानी धरती है, इसका लोकेशन बेहतर है। तत्काल इलाज हो पाए इसके लिए अधीक्षक और प्राचार्य को सतर्क रहना चाहिए। हमलोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मुख्यमंत्री का स्वागत पुष्प-गुच्छ, अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंटकर किया गया। समारोह को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, प्रधान सचिव स्वास्थ्य संजय कुमार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर महापौर सीता साहू, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, बिहार मेडिकल सर्विसेज एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर काॅरपोरेशन लिमिटेड के एम0डी0 संजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी कुमार रवि, वरीय पुलिस अधीक्षक मनु महाराज, एन0एम0सी0एच0 के अधीक्षक डॉ0 ए0पी0 सिंह, एन0एमसी0एच0 की प्रिंसिपल डॉ0 शिव कुमारी प्रसाद एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।