बैंकों में कैश की किल्लत, जनता को हुयी दिक्कत – सदानंद सिंह

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पटना – बिहार कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि इन दिनों बैंकों में कैश की किल्लत से जनता को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है| मोदी सरकार की अकुशल वित्तीय प्रबंधन और नोटबंदी जैसे आत्मघाती निर्णयों की वजह से बैंक शाखाओं और एटीएम में कैश की किल्लत हो रही है| लगन और खेती–बारी के समय में लोगों को बैंकों से अपना पैसा ही नहीं मिल रहा है| जो जनता के लिए बड़ी पीड़ादायक स्थिति है|

उन्होंने कहा कि बिहार–झारखण्ड में एसबीआई के 110 करेंसी चेस्ट हैं| जिसकी क्षमता 12 हजार करोड़ रुपये की है; किन्तु उपलब्धता मात्र ढाई हजार करोड़ रुपये ही है| ऐसे में स्वाभाविक रूप से शाखाओं और एटीएम में करेंसी सप्लाई प्रभावित होगी| मार्च 2018 में बैंकों के करेंसी चेस्टो की बैलेंस शीट के अनुसार बैंकों में 2000 रुपये के नोटों की संख्या कुल रकम का औसतन 10 फीसद ही रह गया है| आरबीआई की रिपोर्ट कहती है कि कुल जारी करेंसी में 2000 रुपये के नोटों का हिस्सा 50 फीसद से अधिक है| फिर मनी इन सर्कुलेशन में कमी कैसे हुयी? क्या मोदी सरकार इसका जवाब जनता को देगी?

उन्होंने कहा कि बैंको में कैश की कमी से आये दिन जनता को बैंक शाखाओं का चक्कर लगाना, एटीएम की कतारों में खड़ा रहना और बैंककर्मी व जनता के बीच विवाद होना रोजमर्रा की रूटीन बनती जा रही है| परन्तु नगदी की कमी से जनता को होने वाली समस्याओं के समाधान का त्वरित प्रयास मोदी सरकार की तरफ से कहीं दिख नहीं रही है|