बैंक अधिकारी के उदासीन रवैया ने ली एक की जान

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पूर्वी चम्पारण – केसरिया थाना क्षेत्र के बथना निवासी मो0 सफीक खां ने स्थानीय थाना में लिखित आवेदन देकर भारतीय स्टेट बैंक की शाखा केसरिया में कार्यरत एकाउंटेंट संजीव कुमार प्रमेश्वर बैंक स्टॉफ प्रमोद सिंह एंव सुबोध सिंह पर नजराने की राशि मांगने व एकाउंटेंट के द्वारा जाली हस्ताक्षर बनाकर पैसा निकासी करना सहित कई गंभीर आरोप लगाया है।

उन्होंने अपने आवेदन में लिखा है कि मेरे गांव के प्रवेज खां का आग तापने के क्रम में अंग वस्त्र में आग पकड़ने से पूरा शरीर जल गया और वे गंभीर रुप से घायल हो गये। जिनका इलाज आईटी मेमोरियल हॉस्पिटल मुजफ्फरपुर में विगत एक महीना से चल रहा था। जिनके इलाज के लिये पैसा निकासी करने बैंक गये। बहरहाल पैसा निकासी के नाम पर उक्त तीनों ने मूझसे छः-छः हजार की नजराने की राशि की मांग की मेरे द्वारा पैसा नहीं देने को लेकर बैंक के एकाउंटेंट व स्टॉफ के गलत रवैया के कारण मेरे खाता से पैसा निकासी नहीं हो सका। जिसके कारण सही समय पर इलाजरत प्रवेज खां के यहां पैसा नहीं पहुंच सका और पैसा के अभाव के कारण परवेज खां की मृत्यु 05 फरवरी को हो गई।

वहीं उन्होंने बताया कि ये सारी घटना 17 जनवरी की है। जिसे बैंक में आये कई ग्राहकों ने देखा है और बैंक के सीसीटीवी में भी कैद है। उन्होंने अपने आवेदन में लिखा है कि बैंक स्टॉफ द्वारा पुनः पैसा मांग करने पर जब मैं इन्कार किया तो तीनों लोंगों ने मुझे साला मिंया कह कर जाति सूचक गाली देते हुए बैंक से धक्का देकर बाहर निकाल दिया। इन सब बातों से यह प्रतीत होता है कि बैंक में पैसा रखना बैंक के अधिकारी की गाली सुनने व धक्का मुक्की खाने के बराबर है। लोग अपने सेफ्टी के लिये बैंक में पैसा रखते हैं। लेकिन बैंक के अधिकारी के उदासीन रवैया ने एक व्यक्ति की जान ले ली। आखिर कौन है इसका जिम्मेवार? इस मामले में थानाध्यक्ष कंचन भाष्कर ने बताया कि मामले की तफ्तीश हो रही है। दोषियों पर कार्रवाई होना तय है। वहीं ब्रांच मैनेजर से संपर्क साधने पर संपर्क नहीं हो सका।