बोरलाॅग इन्स्टीच्यूट फाॅर साउथ एशिया के महानिदेशक ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

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पटना – 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में बोरलाॅग इन्स्टीच्यूट फाॅर साउथ एशिया (बी0आई0एस0ए0) एवं इन्टरनेशनल मेज एण्ड व्हीट इम्प्रुवमेंट सेंटर (सी0आई0एम0एम0वाई0टी0) के महानिदेशक प्रो0 (डाॅ0) मार्टिन जे0 क्राॅफ ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। डाॅ0 क्राॅफ की मुख्यमंत्री से ये दूसरी मुलाकात थी। इसके पूर्व उन्होंने 18 फरवरी 2016 को मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 11 मार्च 2016 को बोरलाॅग इन्स्टीच्यूट फाॅर साउथ एशिया के पूसा स्थित फार्म का निरीक्षण कर फसल पद्धति का अवलोकन किया था। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2016 में बोरलाॅग इन्स्टीच्यूट फाॅर साउथ एशिया के फार्म भ्रमण के दौरान जलवायु परिवर्तन का सामना करने के लिए एक विस्तृत परियोजना तैयार करने का निर्देश दिया था।

उक्त निदेश के आलोक में बोरलाॅग इन्स्टीच्यूट फाॅर साउथ एशिया के द्वारा जलवायु परिवर्तन में उपयुक्त फसल चक्र तथा तकनीक का विकास किया गया है, जो अभी पूसा फार्म तथा आसपास के कुछ किसानों के खेतों पर प्रदर्शित किया गया है। जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणाम एवं खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये राज्य में कार्यरत बोरलाॅग इन्स्टीच्यूट फाॅर साउथ एशिया, पूसा/बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर/डाॅ0 राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा एवं पूर्वी क्षेत्र के लिये भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पटना के वैज्ञानिकों द्वारा जलवायु परिवर्तन अनुकूलन के लिये 224 करोड़ रूपये की तात्कालिक एवं दूरगामी तकनीकों के विकास एवं प्रसार के लिये विस्तृत परियोजना तैयार कर कृषि विभाग को समर्पित किया गया है। इसका टाइटल ‘क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर इन बिहार-ग्लोबल नाॅलेज फाॅर लोकल साॅल्यूशन’ है। यह परियोजना पाॅच वर्षों की होगी।

मुख्यमंत्री ने सूखा, टर्मिनल हीट, जलवायु परिवर्तन आदि को ध्यान में रखकर फसल प्रणाली, क्षेत्रवार नये फसल चक्र तैयार करने को भी कहा ताकि उक्त स्थिति में किसानों को कौन-कौन सी फसल कब उगानी है, पता चल सके और उन्हें बीज भी उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों पर इसका डिमौंस्टेशन कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से कराया जाय ताकि किसान इसे देखकर जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य की भौगोलिक विशिष्टता तथा सीमावर्ती नेपाल की परिस्थितियों के कारण बाढ़/सुखाड़, एक्सट्रीम वेदर इवेंट्स तथा चक्रवात एवं वज्रपात की बारंबारता तथा अनिष्चितता के आघात बढ़ने लगे हैं। उन्होंने राज्य में स्थित बोरलाॅग इन्स्टीच्यूट फाॅर साउथ एषिया को और बड़े स्तर पर विकसित करने का अनुरोध किया।

बोरलाॅग इन्स्टीच्यूट फाॅर साउथ एशिया एवं इन्टरनेशनल मेज एण्ड व्हीट इम्प्रुवमेंट सेंटर (सी0आई0एम0एम0वाई0टी0) के महानिदेशक प्रो0 (डाॅ0) मार्टिन जे0 क्राॅफ ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संस्थान के मुख्यालय मैक्सिको आने का भी न्योता दिया।
इसके पूर्व बोरलाॅग इन्स्टीच्यूट फाॅर साउथ एशिया (बी0आई0एस0ए0) एवं इन्टरनेशनल मेज एण्ड व्हीट इम्प्रुवमेंट सेंटर (सी0आई0एम0एम0वाई0टी0) के महानिदेषक प्रो0 (डाॅ0) मार्टिन जे0 क्राॅफ ने मुख्यमंत्री को पुष्प-गुच्छ भेंट किया। मुख्यमंत्री ने भी प्रो0 (डाॅ0) मार्टिन जे0 क्राॅफ एवं अन्य सदस्यों को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंट की।

इस अवसर पर महानिदेशक प्रो0 (डाॅ0) मार्टिन जे0 क्राॅफ की धर्मपत्नी नायंकी नामेस्मा क्राॅफ, महानिदेशक सी0आई0एम0एम0वाई0टी0 और बी0आई0एस0ए0 के एक्सक्यूटिव असिस्टेंट यूंहे रेयेस, सी0आई0एम0एम0वाई0टी0 के एशिया प्रक्षेत्र के प्रतिनिधि और प्रबंध निदेशक बी0आई0एस0ए0 डाॅ0 अरूण कुमार जोषी, बी0आई0एस0ए0, पूसा के वैज्ञानिक डाॅ0 राजकुमार जाट, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह उपस्थित थे।