भगवान भरोसे ग्रामीण

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गया – बिहार का एक ऐसा गांव जहां के लोग रेलवे लाइन को पार करने के पहले अपने हाथों में दिखाते हैं लाल झंडा। जिसके कारण अक्सर होती है यहां पर घटनाएं। स्कूल छात्र हो या बाइक सभी भगवान भरोसे गुजरते हैं इस रेलवे ट्रैक से।

ग्रामीणों ने खुद इजाद की लाल झंडा दिखा कर रेलवे ट्रैक पार करने की परंपरा। जिले के ग्रैंड कार्ड रेलखंड जो सीधा गया से पश्चिम बंगाल को जोड़ती है। इस रेलखंड पर टनकुप्पा स्टेशन है। स्टेशन से महज 100 मीटर की दूरी पर ऐसे दर्जनो गांव है जिससे हरेक को रेलवे ट्रैक पार करना हीं है। स्कूल जाना हो, दवाई लेनी हो, प्रखण्ड कार्यालय जाना हो या घर का राशन लाना सभी लोग को उस रेलवे ट्रैक को पार कर गुजरना इनकी मजबूरी है। यह स्थल रेलवे हादसों का स्थल बन चुका है हर महीने कोई न कोई ग्रामीण इसकी चपेट में आते हैं और जान चली जाती है।

कुछ दिन पहले इसी तरह बाइक जब पार कर रहा था तो अचानक ट्रेन आ गयी। बाइक छोड़कर वह जान बचाया लेकिन बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और ट्रेन को भी रोकनी पड़ गयी थी।

गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि इस गांव से प्रखण्ड मुख्यालय जाने के लिए और कोई रास्ता नहीं है। पिछले 50 वर्षों से इसी तरह गुजरते हैं और हादसे होते रहते है। दर्जनों गांवों के द्वारा ओवर ब्रिज की मांग को लेकर कई बार प्रदर्शन भी किया गया रेल चक्का को जाम भी किया। पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर रेल राज्य मंत्री, बिहार मुख्यमंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को पत्र के माध्यम से अवगत भी कराया लेकिन नतीजा कुछ भी न निकला। आज भी नॉनिहाल अपने भविष्य बनाने के लिए मौत के रास्ते से गुजरने को विवश है।

वहीं इस सम्बंध में टनकुप्पा स्टेशन के पॉटर ने बताया कि यहां पॉटर की काफी कमी है। अक्सर इस तरह की घटना सिग्नल के समीप होती है।