भाजपा और नीतीश कुमार कर रहे उन्‍माद फैलाने की साजिश : जनतांत्रिक विकास पार्टी

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पटना – जनतांत्रिक विकास पार्टी ने गुजरात में हमारे बिहारी भाईयों पर हो रहे अत्‍याचार की कड़ी निंदा की और इसके लिए मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला भी बोला। पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि जिस तरह से गुजरात में बिहार के लोगों पर अत्‍याचार किया जा रहा है, उसमें नीतीश कुमार की मौन स्‍वीकृति मालूम पड़ती है। तभी तो वे कुछ ठोस निर्णय लेने की वजह से फोन पर भाईचारा निभाने में लगें हैं। आखिर क्‍या वजह है कि डबल इंजन के अगुआ के राज्‍य में बिहार के मान – सम्‍मान की हत्‍या हो रही है और सुशासन बाबू फोन चैटिंग कर रहे हैं। उन्‍होंने इस मसले पर भारत सरकार से भी बातचीत नहीं की है। अगर अल्‍पेश भी इस मामले में दोषी हैं, तो गुजरात में उनकी सरकार है। तो अभी तक उस पर कार्रवाई क्‍यों नहीं हुई।

कुमार ने नीतीश कुमार और भाजपा पर क्षेत्रीय उन्‍माद फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि पहले ये जातीय उन्‍माद फैलाते थे, अब क्षेत्रीय उन्‍माद फैलाकर बिहार के गरीब मजदूरों को वहां से भगा कर प्रताडि़त करने की साजिश कर रहे हैं। हम उनसे पूछना चाहते हैं कि जब भी बिहार के लोगों के साथ दूसरे राज्‍य में दुर्व्‍यहार होता है, तब भी इनकी अंतरात्‍मा नहीं जगती है। उन्‍होंने कहा कि नीतीश कुमार कई बार ये कह चुके हैं कि वे बिहार से पलायन को रोकेंगे। यहां रोजगार के अवसर पैदा करेंगे। मगर पिछले 14 सालों में पलायन तो नहीं रूका, मगर रोजगार के अवसर पैदा होने की बात तो दूर, जहां रोजगार पैदा होने की थोड़ी बहुत भी संभावनाएं थी। वो भी आज खत्‍म हो चुकी है। इस वजह से प्रदेश के युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं और जब कोई विकल्‍प नहीं बचता, तब वे रोजगार की तलाश में पलायन करते हैं।

उन्‍होंने कहा कि नीतीश सरकार में बिहार से लोग आज भी बड़े पैमाने पर पलायन को मजबूर हैं। इसलिए गुजरात में बिहारी भाईयों पर हमले की नैतिक जिम्‍मेवारी लेते हुए नीतीश कुमार को जनता से मांफी मांगनी चाहिए और उन्‍हें तत्‍काल इस्‍तीफा दे देना चाहिए। यह बेहद शर्मनाक है कि जब उनकी कुर्सी पर खतरा आता है, तब वे बाल और नाखून कटाने की राजनीति करते हैं, मगर जब अब बिहार के लोगों को उनके सहयोगी के गढ़ यानी गुजरात में पीटा जा रहा है, तब भी वे खामोश हैं।

अनिल कुमार ने सुपौल के त्रिवेणीगंज स्थित कस्‍तूरबा विद्यालय में 40 से अधिक लड़कियों के साथ बुरी तरह मारपीट को शर्मनाक बताया और कहा कि मुजफ्फरपुर की घटना के बाद भी प्रदेश में सरकार और प्रशासन को महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई फर्क नहीं पड़ता है। नीतीश कुमार महिलाओं के बड़े प्रिय बने फिरते थे। तथाकथित शराबबंदी कराई कर कहा कि वे महिलाओं के हित में ये कर रहे हैं। मगर आज उनके महिलाओं के प्रति दायित्‍व का क्‍या हुआ, जब उनके ही नेता, मंत्री और अधिकारी बिहार की बेटियों के अस्‍मत लूटते हैं। शेल्‍टर हाउस में महिलाओं – बच्चियों को रौंदते हैं और पूरा तंत्र खामोश रहता है। नीतीश कुमार को बिहार की महिलाओं के समक्ष जाकर माफी मांगनी चाहिए। उनके शासन काल में बिहार में महिलाओं की सुरक्षा भाग्‍य भरोसे रह गई है। तभी तो अब अपराधी व्रतियों को भी नहीं छोड़ते और उपवास के दौरान उनका दुष्‍कर्म कर वीडियो वायरल किया जाता है। ऐसा बिहार में पहले कभी नहीं हुआ, मगर नीतीश प्रशासन की अकर्मण्‍यता की वजह से अपराधियों ने ये किया।

वहीं, अनिल कुमार ने भोजपुर जिले के नारायणपुर गांव में 13 साल की बच्ची की दुष्‍कर्म को भी घिनौना कृत्‍य बताया और सरकार के साथ – साथ समाज को भी ऐसी घटनाओं पर विचार करने को कहा। उन्‍होंने कहा कि प्रशासन आज तक इस घटना के आरोपी को पकड़ना जरूरी नहीं समझती। तभी वे आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और दुष्‍कर्म पीडि़ता की परिवार पर धमकी देकर केस लेने का दवाब बना रहे हैं। आखिर प्रशासन इस मामले में कार्रवाई क्‍यों नहीं कर रही है? उन्‍होंने कहा कि महिलाओं की अस्‍मत, उनकी जान और मान – सम्‍मान की रक्षा हो ही नहीं सकती, ये कम से कम इस साल में महिलाओं, लड़कियों और बच्चियों पर हुए हमले से साफ जाहिर होता है। ये घटनाएं अंतरात्‍मा के ठेकेदार के चेहरे को बेनकाब करता है। इसलिए जनतांत्रिक विकास पार्टी मांग करती है कि नीतीश कुमार कुर्सी छोड़े, वरना बिहार की महिलाओं की हाय से वे बच नहीं सकते हैं।

अंत में उन्‍होंने कहा कि अभी एक सर्वे में बिहार सबसे गरीब राज्‍य घोषित हुआ है। नीतीश कुमार के 14 साल का यही रहा है कि कभी हमलोग असम में, कभी महाराष्‍ट्र मे पिट रहे हैं और अब गुजरात में भी पिट रहे हैं। महिला सशक्तिकरण के नाम पर नीतीश सरकार महिलाओं की ही दुश्‍मन बन चुकी है। प्रदेश में एके-47 की सरकार चल रही है। यहां अपराधी दिनदहाड़े हत्‍या कर रहे हैं, मगर अपराधियों पर कार्रवाई भी नहीं हो रही है। पटना में दिनदहाड़े हत्‍या के साथ – साथ समीर कुमार के हत्‍यारे को पकड़ना तो दूर उसका सुराग लगाने में प्रशासनिक विफलता खुलकर सामने आ गई है। यही वजह ये सब नीतीश कुमार की उपलब्धि है, जो बिहार के लोगों के लिए कष्‍टकारी है। संवाददाता सम्‍मेलन में पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष संजय मंडल भी मौजूद रहे।