भाजपा को जमीन खरीद की हकीकत जनता को बताना होगा: जदयू

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पटना: बिहार प्रदेश जदयू ने सोमवार को भाजपा पर जमीन खरीद में भारी फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है साथ ही पूरे मामले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराए जाने की मांग की है। जदयू कार्यालय में आयोजित प्रवक्ताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवक्ताओं ने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

जदयू प्रवक्ता नीरज ने कहा कि बिहार भाजपा ने नगरपालिका क्षेत्र की जमीन को कृषि योग्य दिखाकर रजिस्ट्री कराई है। वहीं कई जमीन की रजिस्ट्री से पहले चौहद्दी में भी बदलाव किया गया है।

उन्होंने कहा कि नोटबंदी से पहले भाजपा द्वारा बड़े पैमाने पर जमीन खरीद मामले में लग रहे संगीन आरोपों को लेकर भाजपा नेताओं की चुप्पी संदिग्ध है। इस सिलसिले में उन लोगों ने कुछ मुंह खोला भी है तो केवल झूठा बयान देने के लिए। सभाओं और मीडिया में ऊंची-ऊंची बातें करने वाले भाजपा नेता इस प्रकार बच नहीं सकते, उन्हें जनता को जवाब देना ही होगा।

जदयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने पूरे मामले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच करानें की मांग की। मालूम हो कि नोटबंदी के बाद से बीजेपी पर कई जिलों में भाजपा ऑफिस से नाम पर जमीन खरीदने का आरोप लगा है।

जदयू का आरोप है कि:

1. जमीन खरीद के कई विक्रय पत्रों के अनुसार नकद भुगतान किया गया है।

2. जैसा कि भाजपा नेता ने दावा किया है, यदि RTGS द्वारा और बैंक खाता से भुगतान किया गया है, तो फिर भाजपा क्रेता और विक्रेता के बैंक अकाउंट नंबर सार्वजनिक क्यों नहीं करती? इस छुपाव के पीछे मंशा क्या है?

3. कतिपय विक्रय पत्र में नगद भुगतान का जिक्र तो किया गया है, लेकिन विक्रय मूल्य नहीं दर्शाया गया है। क्या यह काला धन को सफेद करने की साजिश है?

4. विक्रय पत्रों के अनुसार भाजपा ने अधिकांश जमीन नगर निगम अथवा नगर परिषद क्षेत्र में खरीदी है। ऐसे इलाकों में आमतौर पर जमीन का निबंधन आवासीय, ओद्योगिक अथवा व्यावसायिक श्रेणी में होता है। मगर भाजपा ने नगर निगम एवं नगर परिषद क्षेत्र में खरीदी गई जमीन का धनहर (खेती) अथवा विकासशील श्रेणी में निबंधन कराया है। क्या यह फर्जीवाड़ा नहीं है?

5. क्या भाजपा बताएगी कि एक ही दिन में एक ही प्लाॅट की दो अलग-अलग रजिस्ट्री क्यों कराई गई? इसके अलावे, निबंधन से पहले ही क्रेता ने जमीन में अपना नाम जमीन की चैहद्दी में कैसे दर्ज कराया?

6. अधिकांश जमीन खरीद में क्रेता के रूप में भाजपा के 11-अशोका रोड, नई दिल्ली का नाम-पता अंकित है। फिर व्यक्तिगत नाम से खरीदी गई जमीन भाजपा की है अथवा नहीं?