भारतीय वाहनों का नेपाल में होता है शोषण !

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मोतिहारी/ रक्सौल- भारत-नेपाल सीमा के रक्सौल स्थित भारत-नेपाल की लाईफ-लाईन क्हे जाने वाले भारत-नेपाल मैत्री पूल को शुक्रवार की शाम अचानक रक्सौल (भारत) के लोगों ने जाम कर दिया और नेपाल प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। नारा लगाने वाले लोग काफी नाराज दिख रहे थे। लोगों ने बताया किनेपाली प्रशासन भारतीय वाहनों के लिए कड़ा रुख अपनाती है। जहाँ रक्सौल में आने वाले वाहनों के लिए कोई नियत समय नहीं है और ना ही कोई परमिशन लेनी पड़ती है। जबकि रक्सौल से बीरगंज जाने भारतीय वाहनों को सुबह के 7 बजे से 4 बजे तक ही एन्ट्री मिल पाती है। अन्यथा इसके बदले भंसार के रूप में कुछ राशि देना पड़ता है।

अभी ताजे मामले के अनुसार लोगों ने बताया कि शुक्रवार को 3 बजकर 45 मिनट पर एन्ट्री कराने पहुँचे, परन्तु समय से पहले ही कर्मियों ने एन्ट्री बंद कर दिया। जिसका विरोध करते हुए लोगों ने कारण पूछा तो कहा कि किसी से पूछ कर थोड़े न खोलेंगे-बंद करेंगे। इसके बाद नेपाल कर्मी व भारतीय बाइकर्स के बीच बहस शुरू हो गयी और झड़प हो गई। भारतीय लोगों ने यह आरोप लगाया कि नेपाली कर्मियों ने उन्हें सबसे पहले बिहारी व इंडियन कह कर खिल्ली उड़ाई व गालियाँ देने लगे। जिसके बाद मामला उग्र हो गया। लोगों ने अन्तर्राष्ट्रीय मार्ग को जाम करते हुए नेपाल से आने वाले सारे वाहनों पर रोक लगा दिया। साथ ही यह माँग करने लगे कि नेपाल के एन्ट्री कर्मी अपने गलतियों के लिए माफी मांगें और गलती सुधारे, अन्यथा भारतीय प्रशासन नेपाली वाहनों के लिए भी कड़ा नियम बनाये, ताकि उन्हें समझ आ सके।