मंजू वर्मा ने कहा इस्तीफे के लिए नीतीश कुमार का नहीं था दबाव

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पटना – मंत्री पद से इस्तीफे के बाद मंजू वर्मा पहली बार मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी। मंजू वर्मा ने कहा कि उन्हें रजनीतिक तौर पर निशाना बनाया जा रहा था। अपने पति के ऊपर लग रहे आरोपों को देखकर नैतिकता के कारण उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया। इस्तीफे के बाद मंजू वर्मा ने विपक्षी दलों को हाय तौबा मचाने के लिए निशाने पर लिया। मंजू वर्मा ने कहा कि मीडिया भी बार-बार सवाल पूछ कर उन्हें परेशान कर रही थी। उन्होंने विपक्ष के नेताओं से यह सवाल पूछा कि आखिर उनकी नैतिकता अपने नेताओं पर आरोप लगने की स्थिति में कहां चली जाती है?

मंजू वर्मा ने अपने पति चंद्रशेखर वर्मा को एक बार फिर से निर्दोष बताते हुए इस बात का दावा किया कि उनके पति को राजनीतिक साजिश के तहत जानबूझकर फंसाया जा रहा है। मंजू वर्मा ने कहा कि ब्रजेश ठाकुर से उनके पति की फोन पर हुई बातचीत से वह इंकार नहीं करती क्योंकि एक राजनीतिक कार्यकर्ता होने के नाते चंद्रशेखर वर्मा किसी को भी फोन कर सकते हैं या कई लोग उन्हें भी फोन करते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि उनके पति ब्रजेश ठाकुर के साथ उसके कुकर्मों में शामिल हैं।

मंजू वर्मा ने यह भी मांग की कि जांच में जिस सीडीआर की बात सामने लाकर मेरे पति को कटघरे में खड़ा किया जा रहा उस सीडीआर को सार्वजनिक किया जाए। ब्रजेश ठाकुर ने जिन लोगों से भी बातचीत की है उन सभी लोगों का नाम सार्वजनिक होना चाहिए। मंजू वर्मा ने भरोसा जताया कि सीबीआई की जांच में उनके पति निर्दोष साबित होंगे और उसके बाद वह सीपीओ की पत्नी शिभा कुमारी पर मानहानि का केस भी करेंगी।

मंजू वर्मा ने इस बात से साफ इनकार किया कि इस्तीफे के लिए उनके ऊपर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कोई दबाव था। मंजू वर्मा ने कहा कि वह अपनी सरकार और पार्टी को समस्याओं में नहीं देख सकती इसलिए सच जानने के बावजूद उन्होंने इस्तीफा दिया है।