मकर संक्रांति को लेकर तिलकुट उद्योग चढ़ा परवान

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लखीसराय – जिले में मकर संक्रांति को लेकर चूड़ा, तिलवा, तिलकुट और घीवर की मांग बढ गई है। 14 जनवरी ज्यों-ज्यों नजदीक आती है त्यों-त्यों बाजार में तिलकुट की मांग बढ़ने लगी है। तिलकुट व्यवसायी रात-दिन तिलकुट बनाने में जुटे हैं। लखीसराय के मशहूर तिलकुट इन दिनों जहां हजारों शहरवासियों को अपना स्वाद चखा रहा है, वहीं सैकड़ों लोगों को रोजगार मिल गया है।

तिलकुट बिक्रेता कहते हैं कि वह प्रतिदिन तीन क्विंटल तिलकुट बनाते हैं। प्रति किलो उसे चार-पांच रुपया का लाभ होता है। मालूम हो कि लखीसराय शहर में 70 से 80 व्यवसायी तिलकुट के व्यवसाय में लगे हैं। कहने को तो व्यवसायियों को तो इससे लाभ होता ही है और सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिलता है। सूत्रों के अनुसार इस वर्ष बाजार में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कारीगरों द्वारा तिलकुट को कई रूप में पेश किया है। सेव के आकार में बने तिलकुट के बीच डाला गया खोआ ग्राहकों को लुभा रहा है।