मदरसा इस्लामिया में निशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित

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औरंगाबाद गरीबों, असहायों,पीड़ितों,जरुरतमंदों एवं आर्थिक विपन्नता के कारण भुखमरी के कागार पर पहुँच चुके लोगों की सेवा के प्रति समर्पित संस्था इस्लामी बढ़ते कदम के द्वारा शहर के मदरसा इस्लामिया में निशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का उद्घाटन रेडक्रॉस के अध्यक्ष सतीश कुमार सिंह एवं वरीय जदयू नेता विश्नाथ सिंह के द्वारा किया गया. इस मौके पर चेयरमैन सिंह ने कहा कि इस्लामी बढ़ते कदम ने सामाजिक क्षेत्रों के हर कार्यों में न सिर्फ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है बल्कि प्रतिवर्ष कई कन्याओं का निशुल्क निकाह कराकर राज्य में एक पहचान बनायी है.आज नेत्रदान का आयोजन कर कमिटी ने लगभग एक हजार लोगों के आँखों को रौशनी देने का सराहनीय प्रयास किया है.

जदयू नेता ने कमिटी के इस कार्यों की सराहना की और ऐसे कार्य लगातार करते रहने को लेकर धन्यवाद ज्ञापित किया, जदयू नेता ने कहा कि संस्था द्वारा मजलूमों एवं गरीबों के उठान के लिए विभिन्न क्षेत्रों में किये गए कार्यों से ही आज इंसानियत एवं मानवता जीवित है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस नेत्र जांच शिविर में लगभग एक हजार रोगियों ने अपनी आँखों की जांच कराई और निशुल्क दावा एवं चश्मा प्राप्त किया. शहर की ”दृष्टि आई केयर” के सहयोग से आयोजित इस शिविर में गर्भवती महिलाओं को मल्टी विटामिन की खुराक, छः माह से छः साल तक के बच्चों को कीड़े की दवा, विटामिन ए की खुराक दी गयी. इसके साथ साथ मोतियाबिंद मरीजों को निशुल्क कांट्रेक्ट सर्जरी की व्यवस्था दृष्टि आई केयर के सौजन्य से कराई गयी.

इस मौके पर मदरसा इस्लामिया के हॉस्टल में रह रहे बच्चो के भी आँखों का जांच कर उन्हें चश्मा दिया गया. कमिटी के सदस्य अतहर हुसैन मंटू ने कहा कि हमारी कोशिश हमेशा से यही रही है कि सामाज के वैसे तबकों को जो उपेक्षित हैं और काफी कठिनाइयों से जीवन का निर्वाह कर रहे हैं उन्हें मदद कर आर्थिक रूप से सबल बनाकर सामाजिक परिवेश में समानान्तर खड़ा करना है और संस्था ऐसा कर भी रही है. अंत में कमिटी ने दृष्टि आई केयर के डायरेक्टर मो अजहर का आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर संस्था के अमीर महफूज आलम, सदस्य जहीर अहसन आजाद, मो इकबाल, मोजफ्फर इमाम(भुट्टो), मो खालिद, सैयद मो दायम, मो कलीम, जुल्फिकार हैदर, आफताब राणा, साकीब अहसन(बब्बू), एनाम खा, सैयद मंजर हसन, मरगूब आलम उपस्थित थे.