मधुबनी और मुंबई के बीच ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के लिए आरएलएसपी ने रेल मंत्रालय से किया अनुरोध

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मधुबनी से मुंबई यात्रा करने वाले लोगों के कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए, आरएलएसपी (राष्ट्रीय लोक समता पार्टी) के राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने केन्द्रीय रेलमंत्री और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष पीयूष गोयल से अनुरोध किया है कि, दैनिक ट्रेनों को प्रदान करके दोनों स्टेशनों के बीच की कनेक्टिविटी को बढ़ाया जाए| किसी भी क्षेत्र की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए, बेहतर कनेक्टिविटी सबसे महत्वपूर्ण और आवश्यक बुनियादी ढांचा है। जहाँ एक ओर देश की सबसे दूरस्थ हिस्सों को भी रेलवे लाइन से जोड़ा जा रहा है, वहीं यह आश्चर्य की बात है कि इतना व्यस्त रूट होने के बावजूद भी, मधुबनी से मुंबई के बीच बेहतर कनेक्टिविटी नहीं है|

उन्होंने कहा कि मधुबनी में मिथिलांचल क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा शामिल है और बिहार के सबसे बड़े जिलों में से एक है। जिले की आबादी करीब पांच लाख है, जो क्रोएशिया या यूएस के लुइसियाना राज्य के आबादी के बराबर है। ऐसे में मधुबनी जिले के लोगअभी भी बेहतर रेलवे कनेक्टिविटी से वंचित हैं। हालाँकि, यह ज्ञात है कि मधुबनी जिला की अधिकांश जनसंख्या मुंबई में स्थित है या वहां काम करती है। ऐसे में बेहतर रेलवे कनेक्टिविटी ना होने के कारण, वे अपने परिवारों से मिलने के लिए अपने मूल स्थान पर आने से वंचित रह जाते हैं। मुंबई और मधुबनी या आस-पास के दरभंगा जिले के बीच केवल तीन ट्रेनें हैं, जो या तो साप्ताहिक या अनारक्षित हैं।

आरएलएसपी के महासचिव सह प्रवक्ता माधव आनंद ने इस बारे में बताया कि, मधुबनी से मुंबई में बसने वाले लोगों की संख्या भारी मात्रा में है। मेरे जिला दौरे के दौरान, लोग मुझसे कनेक्टिविटी के साधनों को बढ़ाने के लिए अनुरोध करतें हैं। वे पर्याप्त संख्या में ट्रेनों की कमी के बारे में शिकायत कर रहे हैं। अभी तक, इन दोनों स्टेशनों के बीच केवल तीन ट्रेनें चल रही हैं, जो जनसंख्या की दृष्टि से बेहद कम है, इसलिए हम रेल मंत्रालय से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए अनुरोध करते है।
लोगों द्वारा सामना की जाने वाली कठिनाइयों के संदर्भ में, उन्होंने रेलवे मंत्रालय से अधिक ट्रेनों या ट्रेनों को दैनिक आधार पर चलाने के लिए अनुरोध किया है| यह व्यक्तियों, परिवारों और संस्कृतियों को बड़े पैमाने पर जोड़ने में मदद करेगा।