मधुशाला : बिहार संस्करण

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मधुशाला : बिहार संस्करण
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*पटना छपरा दरभंगा तक*
*सूख गया रस का प्याला*
*हाजीपुर के पुल पर केले*
*अब बेच रही है मधुबाला*

*महफिल अब वीरान हुई*
*और नाच खतम नागिन वाला*
*बुझे बुझे अब लगे बराती*
*मस्ती पर डाका डाला*

*घर-घर जाकर सूँघ रहा है*
*मुखड़ा सबका पुलिसवाला*
*हत्यारे बलात्कारी रंगदारों से*
*अपराधी बड़ा अब पीनेवाला*

*सुन भाई बिहार में नया*
*फरमान चला नीतीशवाला*
*पीकर गर ससुराल गये तो*
*जेल जाएगा ससुरा – साला*

*खेतो में अब छिपछिपकर*
*मदिरा पीता पीनेवाला*
*दो सौ का अब मिलता है*
*पव्वा वो चालीस वाला*

*बलिया वाली ट्रेन पकड़कर*
*बाहर को जाता पीनेवाला*
*बंगाल यूपी नेपाल झारखंड में*
*अब बुझती दिल की ज्वाला*

*राज्य में अंधेर मचा और*
*उद्योगों पर लटका है ताला*
*सीएम अपने बेखबर सभी से*
*जपते शराबबंदी की माला*

*नया कानून बना बिहार में*
*पर है बड़ा गड़बड़झाला*
*यहां बनी विष से भी घातक*
*पैमाने से छलकती हुई हाला*

*वोट दिलाते मंदिर मस्जिद*
*अब जेल कराती मधुशाला*
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