मधेपुरा में रेल इलेक्ट्रिक इंजन ग्रीनफील्ड लोकोमोटिव निर्माण इकाई में उत्पादन शुरू

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मधेपुरा-4 अक्टूबर 2016 को फैक्ट्री निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया और आज ११ अक्टूबर २०१७ को रेल विद्युत इंजन कारखाना में निर्माण कार्य शुरू। एक सादे समारोह के साथ शुरू हुआ इंजन निर्माण का कार्य करने वाली एल्सटॉम कंपनी के अधिकारी, भारतीय रेलवे के अधिकारी के साथ डीएम मो. सोहैल ने दीप जलाकर निर्माण कार्य विधिवत शुरू किया .एल्सटॉम कंपनी के एशियन रीजन के सीनियर प्रेजिडेंट जेनफ्रेंन कोइस बीडीओइन ने इस प्रोजेक्ट को मेकइन इंडिया का बड़ा उदाहरण बताया। बताया कि फरवरी 2018 के अंत तक पहला लोकोमोटिव इंजन बनकर तैयार हो जाएगा। मौसम को ध्यान में रखकर इंजन बनाया जाएगा। लोकोमोटिव इंजन की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। उन्होंने कहा कि लोकोमोटिव इंजन का काम शुरू होने से मधेपुरा का आर्थिक व सांस्कृतिक विकास भी होगा। इस मौके पर एल्सटॉम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर जेन क्रिस्टोफ गोवर्ट, रेलवे सीएओ खुशीराम, डीएम मो. सोहैल, एसपी विकास कुमार आदि मौजूद रहे। IMG_0134-e1507727751879
इस फैक्ट्री की स्थापना के लिए 26 जनवरी 2016 को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति ने कान्ट्रैक्ट साइन किया था। 4 अक्टूबर 2016 को फैक्ट्री निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया। रेल विद्युत इंजन निर्माण में अग्रणी फ्रांस की अलस्टॉम कंपनी को रेल विद्युत इंजन निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। प्रोजेक्ट के साथ गहराई से जुड़े रहे डीएम मो. सोहैल ने बताया कि भारत सरकार 1000 इंजन खरीदने का ऑर्डर दे चुकी है। डीएम ने भारत में एल्स्टाॅम कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मैनुफैक्चरिंग इकाई में उत्पादन हुआ प्रारंभ  एल्स्टाॅम  ने मधेपुरा मेंअपनी ग्रीनफील्ड इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव निर्माण इकाई में उत्पादन कार्य प्रारंभ कर दिया। बीओडिन , प्रोजेक्ट डायरेक्टर ई लोको जीन क्रिस्टोफ गोब्रेट ,सी ई ओ भारतीय रेल खुशी राम,मधेपुरा के जिलाधिकारी मो सोहैल, एस पी विकास कुमार,टाटा प्रोजेक्ट के वाईस पेरसिडेंट के सतनारायण के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इंजन निर्माण का कार्य प्रारंभ किया।बिहार के मधेपुरा में स्थित एल्स्टाॅम की यह भारत में पहली इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव निर्माण इकाई है, जो देश में हैवी फ्रेट ट्रांसपोर्ट लैंडस्केप (भारी मालभाड़ा परिवहन के परिदृष्य) में बदलाव ला देगी। समय पर उत्पादन कार्य प्रारंभ करते हुए इस संयंत्र का निर्माण देश में ग्रीनफील्ड सुविधाओं के निर्माण में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। इस नए कारखाने में उत्पादित उत्पादित इंजन एल्स्टॉम की प्रथम श्रेणी के इंजनों का हिस्सा है और विशेष रूप से भारतीय नेटवर्क के लिए अनुकूलित किया गया है.

पहली दो कार बाॅडी सेल्स पहले ही मधेपुरा में आ चुकी हैं और उन्हें जल्द ही संयंत्र में फिट करके असेंबल कर दिया जाएगा। पहला लोकोमोटिव अगले साल संयंत्र से तैयार करके भेज दिया जाएगा। पहले 5लोकोमोटिव्स 2019 में तथा फिर 35लोकोमोटिव्स 2020 में, 60 लोकोमोटिव्स 2021में और इसके बाद 800 लोकोमोटिव्स का लक्ष्य पूरा होने तक हर साल 100 लोकोमोटिव्स यहां निर्मित किए जाएंगे ।क्वालिटी और सुरक्षा के सर्वोच्च मापदंडों पर निर्मित सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ के विजन की सच्ची प्रतिमूर्ति बनी यह इकाई एल्स्टाॅम (74प्रतिषत) व इंडियनरेलवेज़ (26 प्रतिषत) के बीच संयुक्त उपक्रम है।मधेपुरा में 250 एकड़ के क्षेत्र में फैले इस संयंत्र में वर्तमान में 70 लोग काम करते हैं,जिसे अधिकतम क्षमता तक पहुंचने तक हर साल25 प्रतिषत की दर से बढ़ाए जाने की योजना है। इस इकाई में उचित कौशल के आधार पर स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की योजना है, ताकि माधेपुरा के सामाजिक व आर्थिक विकास में मदद की जा सके। इस उपलब्धि के बारे में जाॅन-फ्रैंसिस बूडों,सीनियर वाईस प्रेसिडेंट,एषिया पेसिफिक, ने कहा, ‘‘ई-लोको प्रोजेक्ट पूरी दुनिया में एल्स्टाॅम के सबसे प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स में से एक है, इसलिए यह कार्य पूरी कंपनी के लिए एक सराहनीय उपलब्धि है। यह सुविधा एल्स्टाॅम द्वारा एक मल्टीमिलियन यूरो निवेष है और भारत में बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता प्रदर्षित करती है। इस बाजार में बदलाव लाने के लिए हमें स्थानीय विषेशज्ञता, प्रतिस्पर्धी निर्माण क्षमता एवं अपने ग्राहकों के साथ नजदीकी संबंधों की जरूरत होगी। निर्माण संयंत्र में उत्पादन प्रारंभ करना रेलवेज़ एवं समाज को व्यापक फायदे पहुंचाने के लिए स्थानीय ईकोसिस्टम के विकास के प्रति हमारी कार्ययोजना का श्रेष्ठ प्रमाण है बैंगलोर में मुख्यालय के साथ भारत में एल्स्टाॅम के वर्तमान निर्माण कार्यों मेंश्रीसिटी में इसकी मेट्रो रोलिंग स्टाॅक निर्माण सुविधा, कोयम्बटूर में कंपोनेंट निर्माण सुविधा तथा मधेपुरा में हाल ही में शुरू हुई इसकी ई-लोकोनिर्माण सुविधा शामिल हैं। ई-लोको प्रोजेक्ट के लिए कंपनी सहारनपुर(उत्तरप्रदेष) और नागपुर (महाराश्ट्र) में दो मेंटेनेंस डिपो स्थापित कर रही है। इसके अलावा इसके पास बैंगलोर में रोलिंग स्टाॅक व सिग्नलिंग डिज़ाईन तथा इंजीनियरिंग सेंटर भी है। मौके पर जिलाधिकारी मो सोहेल ने कहा मधेपुरा में रेल इंजन के निर्माण से हर क्षेत्र में विकास होगा साथ ही पूरे प्रदेश का विकास संभव होगा।