मशरूम उत्पादन के लिए सहायता देगी सरकार – डाॅ॰ प्रेम कुमार

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पटना- मंत्री, कृषि विभाग, बिहार डाॅ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य में मषरूम उत्पादन को बढावा देने हेतु मशरूम का बीज (स्पाॅन) तैयार करने हेतु मशरूम स्पाॅन प्रयोगशाला की स्थापना के लिए किसानों को सहायतानुदान दिया जाएगा। राज्य में किसानों द्वारा मशरूम का उत्पादन किया जा रहा है परन्तु उन्हे मशरूम उत्पादन हेतु आवश्यक बीज (स्पाॅन) मिलने में परेशानी होती है। मशरूम स्पाॅन की उपलब्ध्ता सुनिश्चित कराने हेतु विभाग द्वारा मशरूम स्पाॅन लैव की स्थापना को प्रोत्साहित करने की योजना बनायी गई है।

डाॅ0 कुमार ने कहा कि मशरूम पौष्टिक तत्वों एवं औषधीय गुणों से भरपूर होता है। मशरूम में प्रचूर मात्रा में उच्च कोटि के प्रोटीन, कार्बाेहाईड्रेट, रेशा, विटामिन बी॰ काॅम्प्लेक्स, विटामिन सी॰ एवं डी॰ की उपलब्धता के कारण यह गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के लिए काफी लाभदायक होता है। यह एक स्वास्थ्यवर्धक सुपाच्य खाद्य पदार्थ है, जिससे कुपोषण की समस्या को दूर किया जा सकता है। मधुमेह एवं यक्ष्मा मरीजों के लिए यह एक रामबाण खाद्य पदार्थ है। विभिन्न बीमारियों के दवा बनाने में मशरूम का उपयोग किया जाता है।

मंत्री ने कहा कि मशरूम की खेती सालों भर बिना खेत के, घर के अन्दर या झोपड़ी में कृषि अवशेष यथा भूसा/पुआल का उपयोग कर सफलतापूर्वक किया जा सकता है। यह एक कम अवधि की फसल है, जिसकी खेती में कम लागत लगाकर अधिक मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है। मशरूम उत्पादन के पश्चात् खेत के बचे अवशेषों का उपयोग कम्पोस्ट एवं वर्मी कम्पोस्ट में कर किसाना अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। इसकी खेती भूमिहीनों, महिलाओं, श्रमिकों एवं समाज के कमजोर तबकों के बेरोजगारी की समस्या दूर करने हेतु वरदान है।

डाॅ॰ कुमार ने कहा कि बिहार की जलवायु विभिन्न प्रकार के मशरूम उत्पादन के लिए उपयुक्त है। बिहार में मशरूम की विभिन्न प्रजातियों की खेती सालों भर व्यावसायिक स्तर पर प्राकृतिक ढ़ंग से कम लागत में आसानी से की जा सकती है। प्राप्त आँकड़ों के अनुसार वर्ष 2010 में बिहार में 400 टन बटन मशरूम एवं 80 टन ओयस्टर मशरूम का उत्पादन होता था, जो दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।

उन्होंने आगे बताया कि मशरूम की खेती में मशरूम बीज (स्पाॅन) एवं उच्च गुणवत्तायुक्त कम्पोस्ट की ससमय उपलब्धता एक समस्या है, जिसे दूर करने हेतु राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं मुख्यमंत्री बागवानी मिशन योजनान्तर्गत परियोजना आधारित ”मशरूम स्पाॅन उत्पादन इकाई“ (इकाई लागत 15.00 लाख) एवं ”मशरूम कम्पोस्ट उत्पादन इकाई” (इकाई लागत 20.00 लाख) के संस्थापन की योजनाएँ संचालित की जा रही है, जिनमें राज्य सरकार द्वारा क्रेडिट लिंक्ड बैक इण्डेड आधारित 50ः अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका लाभ कोई भी इच्छुक कृषक प्राप्त कर सकते हैं, जिसके लिए कृषक अपने जिले के सहायक निदेशक उद्यान के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।