महिलाओं के इज्जत और सम्मान की रक्षा के लिए हम पार्टी ने निकाला राजभवन आक्रोश मार्च

119
0
SHARE

पटना – हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से0) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के द्वारा राज्य में आए दिन बढ़ती जा रही महिला उत्पीड़न के मामले पर बार-बार अपनी गहरी चिंता जाहिर की है| उसके बावजूद यह सरकार कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं| जिससे कि इन घटनाओं पर रोक लगाई जा सके| बिहार में जिस तरह से नित्य दिन हत्या बलात्कार छोटी-छोटी बच्चियों के साथ बालिका गृह में बड़े पैमाने पर दुष्कर्म एवं आरा जिला अंतर्गत एक महिला को निर्वस्त्र कर बीच चौराहे पर घुमाने की घटना ने पूरे बिहार की छवि को पूरे देश में शर्मसार करने का काम किया है| उसके बावजूद यह सरकार सिर्फ और सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने की कुश्ती कर रही है |

इन्हीं सब मुद्दों को लेकर हम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मंत्री वृषिण पटेल के नेतृत्व में पटना के गांधी मैदान रामगुलाम चौक से राजभवन तक का एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला| जो जेपी गोलंबर, रेडियो स्टेशन होता हुआ डाक बंगला चौराहा तक गई| डाक बंगला चौराहा पर प्रशासन द्वारा बेरिकेट लगाकर हम पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को राजभवन तक का इस विशाल आक्रोश मार्च को जबरन रोक दिया गया| इस आक्रोश मार्च में बड़ी संख्या में महिला शामिल थी जिन्होंने सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए| महिलाओं ने नारा लगाते हुए कहा की नीतीश की सरकार में इज्जत लूटी बिहार में एक नारा यह भी था कि नारी के सम्मान में हम पार्टी मैदान में| बड़ी संख्या में इस विशाल आक्रोश मार्च में भाग लेने वाली महिलाओं ने नीतीश सरकार से इस्तीफे की मांग की|

वृषिण पटेल ने कहा कि मैं एक छोटा सा उदाहरण देना चाहता हूं कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह में बच्चियों के साथ बड़े पैमाने पर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था|उसके बाद हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के पूर्व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए बार बार इस घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी| उसके बाद राज्य में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा भी सीबीआई जांच की मांग होती रही| लेकिन इस सरकार ने अपने पक्ष को दूसरे तरह से रखने की कोशिश की| अंतोगत्वा माननीय उच्चतम न्यायालय ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष न्यायिक जांच के तहत जांच करने का निर्देश दिया| उसके बाद किसको दूसरी ओर मोड़ने के लिए सरकार ने आनन-फानन में एसपी का तबादला भी कर दिया| इस सरकार की आंख से नींद नहीं खुल रही| इस सरकार के बने रहने का कोई औचित्य नहीं है|

उन्होंने कहा कि जब इस तरह के मामलों में माननीय उच्चतम न्यायालय को हस्तक्षेप करनी पड़ी तो हमारी पार्टी जनहित में माननीय उच्चतम न्यायालय के इस निर्णय के प्रति अपना आभार प्रकट करता है| कोर्ट के हस्तक्षेप से आज लोगों को यह विश्वास है कि निश्चित तौर पर दोषियों को सजा मिलेगी| मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की जांच सीबीआई से हो इसकी मांग सर्वप्रथम हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने किया था| महिलाओं से जुड़ी हर समस्याओं को लेकर हमारी पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सड़क पर उतरने का काम करेगी जब तक कि न्याय नहीं मिलता|

वृषिण पटेल ने कहा कि राज्य में नीतीश सरकार की प्रशासनिक विफलता के कारण राज्य की बदनामी हो रही है| आज यहां महिलाएं असुरक्षित हैं| बिहार से बाहर रहने वाले लोगों को अपने काम से ज्यादा अपने परिवार की चिंता सताती है| यह काफी गंभीर विषय है जिसे राज्य सरकार गंभीरता से नहीं ले रही| इसलिए पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने लगातार बिहार में बढ़ते अपराध, छात्रों के जीवन से खिलवाड़, महिला उत्पीड़न, छोटी-छोटी बच्चियों के साथ आए दिन हो रहे बलात्कार, आरा में एक महिला को निर्वस्त्र कर चौराहे पर घुमाने की घटना ने जोे पूरे बिहार वासियों को शर्मसार कर दिया है| आज देश और विदेशों में हो रही इस तरह की घटनाओं से राज्य की बदनामी हो रही है इन्हीं सब समस्याओं से महामहिम राज्यपाल को अवगत कराने के लिए राजभवन आक्रोश मार्च निकाली गई थी|

हम पार्टी द्वारा आयोजित राजभवन आक्रोश मार्च में पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री डॉ महाचंद्र प्रसाद सिंह, पूर्व मंत्री डॉ अनिल कुमार, पूर्व मंत्री इं0 अजीत सिंह0 राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर दानिश रिजवान, पूर्व विधायक रविंद्र राय, अनुसूचित जाति जनजाति के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी एल वैश्यन्त्री, महासचिव आशीष पटेल, ज्योति सिंह, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष व प्रवक्ता अनामिका पासवान, विजय यादव, रामविलास प्रसाद, रघुवीर मोची, सुभाष सिंह चंद्रवंशी, हेमलता पासवान, मो0 तनवीर उल रहमान, गीता पासवान, साधना देवी, रोशन देवी, प्रत्युष प्रांगण, सत्येंद्र दुबे, द्वारिका पासवान, बसंत कुमार गुप्ता, राजेश गुप्ता, बलमा बिहारी, श्यामसुंदर शरण, आकाश कुमार, राजेश्वर मांझी, रत्नेश पटेल, रामनिवास पाल, शैलेश मिश्रा, अनिल रजक, राजेश्वर पासवान, अमरेंद्र कुमार त्रिपाठी आदि नेताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया|