महिला सशक्तिकरण की दिशा में बिहार में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं : मुख्यमंत्री

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पटना – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दरभंगा जिले के बहेड़ी प्रखंड में विस्तारित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का राष्ट्रीय शुभारम्भ किया। इस अवसर पर बहेड़ी प्रखंड स्थित शांति नायक उच्च विद्यालय प्रांगण में आयोजित जनसभा को लेकर बने मुख्य मंच पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री को पाग, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री सहित मंच पर मौजूद अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को मखाने की माला पहनाकर उनका स्वागत किया। अतिथियों के संबोधन से पूर्व प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के दो लाभार्थी महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। जनसभा में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित किया गया।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सबसे पहले केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के विस्तारीकरण के शुभारंभ के मौके पर आपने मुझे आमंत्रित किया, इसके लिए मुझे काफी खुशी है। पहले गांव-देहात में महिलाओं को गोइठा, लकड़ी और बाद के दिनों में कोयले पर खाना बनाना पड़ता था, जो बहुत ही कष्टदायक था। शाम के 3-4 बजते ही जिन इलाकों से गुजरिए हर ओर धुंआ ही धुंआ दिखाई पड़ता था क्योंकि उस वक्त लोग खाना बनाते थे और शाम होने के तुरंत बाद लोग खाना खा भी लेते थे। धुएॅ से महिलाओं को हर दिन जूझना पड़ता था। इससे महिलाओं को कई तरह की परेशानियों और बीमारियों से दो-चार होना पड़ता था लेकिन जब से एल0पी0जी0 का इस्तेमाल शुरू हुआ, तब से धुएॅ से महिलाओं को मुक्ति मिली है। पहले इसकी शुरुआत शहरों से हुई लेकिन अब इसका इस्तेमाल हर जगह के लोग करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि मैं जब 1989 में सांसद था तब एलपीजी गैस कनेक्शन सांसदों की अनुशंसा पर ही लोगों को मिला करता था और उस समय 1 सांसद के पास 100 एल0पी0जी0 कनेक्शन की अनुशंसा करने का कोटा निर्धारित था लेकिन अब केंद्र की सरकार ने प्रधानमंत्री के निर्देश पर उज्ज्वला योजना की शुरुआत की है। इसके माध्यम से गाँव-देहात के गरीब-गुरबों तक गैस कनेक्शन पहुँचने लगा है। इससे लोगों को काफी राहत मिली है। पहले उपलब्धता ज्यादा नहीं थी लेकिन अब कोई समस्या नहीं है और अब इसकी शुरुआत केंद्र सरकार ने आमलोगों के लिए किया है, इसके लिए केंद्र सरकार को मैं धन्यवाद देता हूँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सामाजिक जनगणना के तहत हुए सर्वेक्षण में जिनका नाम गरीबी रेखा से नीचे है, ऐसे परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन केंद्र सरकार द्वारा मुहैया कराया जा रहा है। इस योजना को यूनिवर्सलाइज करने की आवश्यकता है ताकि इसका लाभ हर व्यक्ति को मिल सके। उन्होंने कहा कि साइकिल योजना हो, पोशाक योजना हो बिहार में हर स्कीम को यूनिवर्सलाइज तरीके से लागू किया जा रहा है। केंद्र सरकार को मेरा सुझाव और अपील भी होगा कि इस स्कीम को भी यूनिवर्सलाइज किया जाए क्योंकि उज्ज्वला योजना शुरू होने के बाद करीब 2 से 3 प्रतिशत के करीब ही लोग ऐसे बचे हैं, जिनके पास गैस कनेक्शन नही है। जरूरत पड़े तो इसका सर्वेक्षण करा लीजिये ताकि गैस कनेक्शन की उपलब्धता हर व्यक्ति तक हो सके, इससे लोगों को बहुत सुविधा होगी।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह एक बड़ा कदम है कि इस योजना के तहत महिलाओं के नाम पर ही गैस का कनेक्शन दिया जा रहा है। विशेष परिस्थिति को छोड़कर पुरुषों को खाना नहीं बनाना पड़ता है इसलिए महिलाओं के नाम पर एल0पी0जी0 कनेक्शन देना पूरी तरह वाजिब है। पुरुषों को महिलाओं के दुःख को समझना है तो एक-दो दिन दोनों समय गोइठा और लकड़ी पर खाना बनाकर देख लें। उन्होंने कहा कि जो जानकारी दी गयी है, उसके अनुसार एक वर्ष में गरीब-गुरबों द्वारा तकरीबन 4 सिलिंडर का इस्तेमाल खाना बनाने में किया जा रहा है। विकास का मतलब सिर्फ बिजली, सड़क नहीं है बल्कि ऐसी चीज है, जिससे हर व्यक्ति को फायदा मिले। जनसभा में मौजूद लोगों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वैशाख का महीना चल रहा है, इसमें अगलगी की घटनाएं अधिक हुआ करती हैं इसलिए सुबह 10 बजे के पहले और शाम 4 से 5 बजे के बाद ही खाना बनाने का प्रयत्न कीजिये, क्योंकि 2 वर्ष पूर्व इसी मौसम में अगलगी की घटनाएं काफी हुई थीं, जिनमें अधिकांशतः घटनाएं सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के दौरान देखने को मिली थी। अगर सभी परिवारों तक गैस कनेक्शन पहुँचा दिया जाए तो अगलगी की घटना न के बराबर होगी। गाँव और गरीबों के कल्याण के लिए यह एक बहुत बड़ी योजना है।

उन्होंने कहा कि 4 साल के अंदर सात निश्चय योजना के जरिये हर घर तक नल का जल, बिजली कनेक्शन, पक्की गली-नाली का निर्माण, शौचालय निर्माण का काम पूरा कर दिया जाएगा। गाँधी जी के जन्म का 150वां साल वर्ष 2019 में पूरा हो रहा है इसलिए 2019 तक शौचालय निर्माण का काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शहरों में लोगों को यही बुनियादी सुविधाएं मिलती हैं। अगर लोगों को गाँव-देहात में ही ये सारी सुविधाएं उपलब्ध हो जाय तो इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है। जिस वार्ड में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की आबादी अधिक है वहाँ सबसे पहले इन बुनियादी सुविधाओं को पहुंचाने की शुरुआत की गई है। पहले कुछ समय के लिए मुखिया लोगों को यह भ्रम हो गया था कि उनका पावर छीनकर वार्ड सदस्यों को दिया जा रहा है लेकिन अब वे भलिभांति इस बात को समझ चुके हैं कि अगर लोगों को सुविधाएं मिलेंगी तो लोग उन्हीं की सराहना करेंगे और उनकी लोकप्रियता बढ़ेगी। लोकतंत्र पर जब लोगों को भरोसा होगा, तभी लोकतंत्र मजबूत होगा और समाज आगे बढ़ेगा। गैस कनेक्शन मिलने से अब जब चाहे तब खाना बनाइये। यह सामाजिक उत्थान और पर्यावरण संकट को दूर करने वाली योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा मे बिहार में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। 19 अप्रैल 2018 को बिहार मंत्रिपरिषद की विशेष बैठक के माध्यम से मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना को लागू किये जाने के फैसले से होने वाले लाभ का जिक्र मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2 वर्ष की उम्र पूरी करने वाली बालिकाओं को राज्य सरकार की तरफ से 5,000 रुपये मुहैया कराया जायेगा, जिसमें लड़की पैदा होने के वक्त 1,000 रुपये आधार से लिंक होने पर 2000 रुपये और 2 वर्ष की अवधि तक टीकाकरण पूर्ण होने पर पुनः 2000 रुपये बालिकाओं को उपलब्ध कराया जाएगा। पूर्व से चल रही पोशाक योजना की राशि में भी बढ़ोत्तरी की गयी है, जिसमें कक्षा एक एवं दो में पढ़ने वाली लड़कियों को 400 रूपये की जगह अब 600 रुपये, कक्षा 3 से 5 में पढ़ने वाली बालिकाओं को 500 के बजाय 700 रुपये, कक्षा 6 से 8 में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए 700 की जगह 1000 रुपये और कक्षा 9 से 12वीं में पढ़ने वाली छात्राओं को अब 1000 की जगह 1500 रूपये की राशि पोशाक के लिए प्रदान की जायेगी।

उन्होंने कहा कि किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 7वीं से 12वीं में पढ़ने वाली लड़कियों को सैनेटरी नैपकिन के लिए पहले जहाँ 150 रुपये सलाना दिये जाते थे, अब उसकी जगह उन्हें 300 रुपये दिये जायेंगे। बाल विवाह पर लगाम लगाने के लिए इंटरमीडिएट पास करने वाली अविवाहित लड़कियों को 10,000 रूपये की राशि मुहैया कराने का राज्य सरकार ने फैसला लिया है। ग्रेजुएशन करने वाली लड़कियों को 25,000 रुपये मुहैया कराने का राज्य सरकार ने फैसला लिया है, वह चाहें कुंवारी हो या विवाहित। यह यूनिवर्सल स्कीम है, जिसमें जाति, धर्म, समुदाय, आय सीमा या आयु सीमा की कोई बाध्यता नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना से लिंग अनुपात सुधरेगा, भ्रूण हत्या में कमी आएगी, बाल विवाह रुकेगा, साथ ही लड़कियां शिक्षित होंगी। उन्होंने कहा कि समेकित बाल विकास योजना के अंतर्गत 3 से 6 वर्ष की उम्र वाले आंगनबाड़ी में पढ़ रहे बच्चों को पोशाक हेतु मिलने वाली पोशाक राशि में भी बढ़ोत्तरी की गयी है। आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों को अब पोशाक के लिए 250 की जगह 400 रुपये प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की जो भी योजनाएं हैं, वह समाज को विकसित करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि हमारी योजना सभी धर्म, मजहब, जाति और समुदायों के लिए है। समाज मे प्रेम, सद्भाव और भाईचारा हर हाल में बना रहे, इसके लिए सभी में जागृति होनी चाहिए। समाज मे एकता और समानता के लिए जो भी काम आवश्यक है, वह सब किया जाएगा। मिथिला ज्ञान की भूमि है और हम अक्सर यह कहा करते हैं कि बिहार के विकास के बिना देश का और मिथिलांचल के विकास के बिना बिहार का विकास संभव नही है।

जनसभा को केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, ऊर्जा एवं मद्य निषेध मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर नजमा खातुन, रामझरी देवी, संगीता देवी, कविता देवी, वीणा देवी जैसे पाॅच नये उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री ने एल0पी0जी0 गैस कनेक्शन प्रदान किया।

इस अवसर पर विधायक सुनील चौधरी, विधायक संजय सरावगी, विधायक अमरनाथ गामी, विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह, विधान पार्षद अर्जुन चौधरी, विधान पार्षद दिलीप चौधरी, विधान पार्षद रामेश्वर महतो, जदयू जिलाध्यक्ष सुनील भारती, भाजपा जिलाध्यक्ष हरि सहनी, लोजपा जिलाध्यक्ष गगन झा, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विभाग के संयुक्त सचिव संदीप पौंड्रिक, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चन्द्रा, खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के सचिव पंकज कुमार, दरभंगा कमिश्नर एच0आर0 श्रीनिवासन, दरभंगा आई0जी0 पंकज दराद, इंडियन ऑयल काॅरपोरेशन के कार्यकारी निदेशक बिहार-झारखण्ड शैलेन्द्र कुमार शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारीगण एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे।