माँ तेरा प्यार

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माँ, तू निर्मल है, माँ, तू शीतल है,

माँ, तेरे कारण ही, आज मेरा जीवन है..

जब भी मेरे मन में, कोई भंवर जाल आया,

माँ, तिनके के सहारे सा, तेरा साया मैंने पाया…

 

माँ, तू कोमल है, माँ तू निश्छल है,

आज तेरी मौजूदगी से ही, तेरी बिटिया कायम है…

जब भी कभी पलकों पे, अश्क मेरे छलके,

माँ तेरी मुस्कुराहट ने ही, किए भारी पल भी हल्के…

 

माँ के जैसा प्यार कभी, कोई कर ही नहीं सकता,

क्यूंकि गर्भ में हर कोई, हमें नौ माह रख नहीं सकता…

माँ, कहाँ से लाती है तू, इतना सारा साहस,

खुद टूट के भी टुकड़ों में, देती है हमें हिम्मत…

 

माँ, तू निर्मल है, माँ, तू शीतल है,

माँ, तू कोमल है, माँ तू निश्छल है,

माँ, तेरे संग आज, हर पग मेरा अडिग है,

कांटो से भरे रास्ते भी, आज पुष्पों से सुसज्जित है…

 

नहीं, कर सकता कोई, प्यार मेरी माँ सा,

क्यूंकि,

मम्मा तेरा प्यार ही, इस जीवन का आधार है…

 

माँ तेरे प्यार को, कोई तोल नहीं सकता,

क्यूंकि,

माँ के प्यार का, कोई मोल नहीं हो सकता….

लव यू माँ….

-आत्मज़ा राज