माता-पिता अपने बच्चों की रुची को समझें : आनंद कुमार

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पटना: देश में छात्रों दूारा लागात आत्म हत्या कर रहे है। छात्रों दूारा आत्महत्या मामले पर सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार ने पटना में कहा कि यह दुखद है कि विद्यार्थियों पर आनावश्यक दवाब बनाया जाता है। हर माता-पिता की इच्छा होती है कि मेरा बच्चा डॉक्टर बने, इंजीनियर बने पर हर बच्चा में सामान प्रतिभा नहीं होता है।

कुछ बच्चे में कालाकार, कुछ में चित्रकार बनने की प्रतिभा होती है। कोई आर्टस में जाना चाहता है। माता-पिता बच्चों पर दवाब बनाते है और बच्चे कोटा पहुंचते है। कोटा में कोचिंग वालों को पैसे से मतलब होता है मेघा से नही। ऐसे हालात में स्थिति खराब हो जाती है और बच्चों पर मानसिक दवाब लगातार बनते चला जाता है उनका आधार इता मजबूत नहीं होता है कि वह आईआईटी क्वालीफाई कर सके। और उनपर दवाब बनता है। इसलिए बच्चे आत्महत्या कर रहे है।

माता-पित चाहते है कि बच्चे उनका सपना पूरा करे। बच्चों पर इस तरह के प्रतिभा नहीं होता और न ही इंटरेस्ट होता है फिर भी दवाब बनाते है और मजबूर हो जाते है।

कोटा में माता-पिता अपने बच्चों को खेत, जेवर बेच कर पढ़ने भेजते है पर कोटा में सभी बच्चों को ले लेता है। इसके लिए एक एक्ट बनना चाहिए कि बिना टेस्ट के बच्चों को नहीं लिया जाना चाहिए और उन्हीं बच्चों को लें जिसमें कुछ करने का जनून और पढ़ने का जनून हो।

हम माता-पिता से गुजारिश करेंगे की बच्चों पर आनावश्यक दवाब न बनाएं। बच्चों की इच्छा को जाने और विद्यार्थी भी अपनी परिस्थिति और रुची के बारे में अपने माता-पिता को बताएं। परिवार से दोस्ताना संबंध रखे।