मानवता की नई पहचान!

188
0
SHARE

जहानाबाद – जात और धर्म आधारित वोट की राजनीति में नेता भला अपना वोट को छोड़ कहाँ किसी दूसरे के विकास की चिन्ता करते हैं। अगर कोई हिम्मत भी करता है तो उस पर तरह-तरह सामाजिक और राजनीतिक दबाव पड़ने लगते हैं। परन्तु इससे इतर जहानाबाद के सांसद डाॅ0 अरूण कुमार ने जो पहल की है उसकी चर्चा सिर्फ लोगों की जुबान पर हो रही है बल्कि 10+2 तक पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का वादा निभाते हुए विपुल का अपने बोधगया के प्रतिष्ठित ज्ञान भारती स्कूल में सिर्फ नामाकंन कराया बल्कि 10+2 तक पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रहे हैं।

गरीब परिवार से आने वाले विपुल ज्ञान भारती स्कूल के कक्षा सात में अपना भविष्य संवार रहा है। इस बावत सांसद डाॅ0 अरूण कुमार ने बताया कि अभी विपुल को 10+2 तक आवासीय व्यवस्था की गई है। उसे सारी सुविधाएं निःशुल्क दी जा रही है। शासन और प्रशासन के गैर जिम्मेवार रवैये से निराश हो चुके एक बहादुर बच्चे की तकदीर भी संवर रही है। डाॅ0 अरूण कुमार ने जो मानवता की नजीर पेश की है वह अपने आप में बेमिसाल है। उससे न सिर्फ एक बहादुर बच्चे के सपनों का पंख लग गये हैं बल्कि इलाके में अच्छा करने वाले बच्चों का हौसला भी बढ़ रहा है।

दरअसल में जहानाबाद रतनी ब्लाॅक के गोपालपुर गांव के एक गरीब यादव परिवार से आने वाले विपुल ने 27 अगस्त 2016 को नदी में डूब रही छः लड़कियों में चार को जान पर खेलकर उसे डूबने से बचा लिया था। विपुल की इस बहादुरी प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में सुर्खियाॅ बन गई थी। विपुल की बहादुरी के किस्से देश और दुनिया में देखी और सुनी गई थी। और उस वक्त प्रशासनिक पदाधिकारियों और नेताओ ने विपुल के साथ फोटो खिंचाकर उसे मदद के बड़े-बड़े वायदे किये थे। परन्तु नतीजा सिफर ही रहा। हैरत की बात तो यह रही कि इस तरह की बहादुरी पर राष्ट्रपति बहादुर बच्चों को गणतंत्र दिवस के पूर्व संध्या पर सम्मानित करते हैं परन्तु प्रशासनिक लापरवाही के कारण बहादुर विपुल की अनुशंसा करना ही जिला प्रशासन भूल गई थी और जिले का गौरव एक बड़ी सम्मान से चूक गया था जिसका वो हकदार था। इतना हीं नही कई राजनेताओं जिसमें विपुल के स्वजातिय भी शामिल थे बड़ी-बड़ी बाते कर उसे मदद करना भूल गये। परन्तु जहानाबाद के सांसद डाॅ0 अरूण कुमार ने जात-पात की सडांध सोच से अलग नजरीया अख्तियार करते हुए बहादुर विपुल को 10+2 की शिक्षा मुहैया कराया। उसके बाद भी वे आगे पढ़ाई में मदद करने को तैयार हैं। और ये सब मानवता के नाते कर रहे हैं ताकि बहादुर बच्चों का हौसला न टूटे और उसे सही मुकाम मिल सके।

बहरहाल जहानाबाद के सांसद डाॅ0 अरूण कुमार ने जो शानदार पहल की है वह उन लोगों के लिए एक सबक भी है जो राजनीति में अपनी सडांध सोच, कुंठित कृत्य और बदबूदार बोल से समाज में जहर धोलने का प्रयास करते है। सांसद डाॅ0 अरूण कुमार की पहल सराहनीय है।