मानव श्रृखला औचित्यविहिन : भाई अरूण कुमार

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पटना- राजद राष्ट्रीय परिषद के सदस्य भाई अरूण कुमार, सत्येन्द्र पासवान एवं आनंदी यादव ने एक बयान जारी कर बिहार सरकार के द्वारा बाल विवाह एवं दहेज के विरोध में 21 जनवरी को आयोजित मानव श्रंखला को औचित्य विहिन करार देते हुए कहा कि बिहार में अब बाल विवाह कहीं भी नहीं हो रहा है। सरकार झूठ-मूठ के इस मुद्दा को लेकर जनता में जा रही है। जहां तक दहेज प्रथा की बात है तो उसके लिए सामाजिक स्तर पर जागरूक बनाने की आवश्यकता है ना कि मानव श्रंखला बनाने का। सरकार को चाहिए कि शिक्षा का स्तर सुधार कर सभी बच्चों को शिक्षित बनायें जिससे कि ये कुरीतियां जो थोड़ा बहुत बचा हुआ है वह समाप्त हो जाय।

नीतीश कुमार सिर्फ अपना चेहरा चमकाने हेतु सरकारी एजेंसियों को, स्कूलों को, आंगनबाड़ी सेविकाओं आदि को मानव श्रंखला में झोंककर अच्छा कार्य नहीं कर रहे हैं। इस कड़कती हुई ठंड में महिलाओं एवं बच्चों को भी मानव श्रंखला में भाग लेने का जो आदेश राज्य सरकार ने दिया है वह जनविरोधी है। उन्हें न समाज और न हीं समाज के लोगों से कोई लेना-देना है। एक ओर राज्य में बालू, गिट्टीा एवं ईटा बंदी के कारण बेरोजगारी बढ़ गई है। लोग रोजगार की खोज में बिहार से बाहर जाने को मजबूर हैं तथा अपराधियों के द्वारा अपराध अपने चरम स्तर पर पहुंच गई है तो दूसरी ओर नीतीश कुमार अपना चेहरा चमकाने में व्यस्त हैं।

इन नेताओं ने उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के द्वारा राजद एवं कांगे्रस को मानव श्रंखला में भाग लेने के आमंत्रण के सवाल पर पलटवार करते हुए कहा कि राजद को मानव श्रंखला में शामिल करवाना है तो राज्य सरकार भय, भूख, भ्रष्टाचार एवं बढ़ते हुए अपराध पर को समाप्त करने हेतु मानव श्रंखला का आयोजन करें तब राजद मानव श्रंखला में भाग लेने पर विचार कर सकता है। सुशील मोदी को नीतीश कुमार को सलाह देना चाहिए कि इन मुद्दों पर मानव श्रंखला बनाये तो बेहतर होगा।