माल्या प्रकरण को लेकर वित्त मंत्री का पुतला दहन

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अवध कुमार कर्ण

पटना – आज देश की राजनीति किस ओर बढ़ रही है इसका सीधा उदाहरण आपके सामने तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार में देखने को मिल रहा है। जो देश के लुटेरे है उनसे हमारी सरकार मिली होती है। ऐसे में विपक्षी दल को एक बड़ा मुद्दा मिल गया जिसे विपक्ष पूरी तरह भुनाने में लगा है। आज शाम पटना के बोरिंग रोड चौराहे पर सारे कांग्रेसी नेताओं ने मिलकर वित्त मंत्री अरुण जेटली के पुतला दहन किया और सभी ने एक स्वर में नरेंद्र मोदी और अरुण जेटली के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। कांग्रेस के कद्दावर नेता कौकब कादरी ने तो अरुण जेटली के इस्तीफे की भी माँग कर दी साथ ही धारा 120 के तहत कार्यवाही की भी माँग कर दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह की आज संलिप्तता उजागर हुई है देश के वित्तमंत्री अरुण जेटली जी की ये दुर्भाग्यपूर्ण है और आज हम माँग करते हैं बीजेपी से और वित्तमंत्री से की इस घटना के बाद अपना इस्तीफा दे और धारा 120 के तहत उन पर कार्रवाई हो।

उन्होंने कहा कि जिसतरह से उन्होंने साक्ष्य को छुपाया और जिसतरह विजय माल्या ने उनके नाम को लेकर कहा कि हम जा रहे है इंग्लैंड और वित्तीय मामलों पर इन दोनों के बीच बात तो हुई थी। उन्हें इस बात की जानकारी ईडी को सीबीआई को बताना चाहिए था तो कहीं ना कहीं उन्होंने तथ्यों को छुपाया है इसलिए उन्हें मोरल ग्राउंड पर तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता प्रेमचंद मिश्रा और प्रवक्ता अनिल शर्मा ने भी इस्तीफे की माँग पर सहमति जताते हुए कहा कि इस मामले ने ना सिर्फ अरुण जेटली बल्कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विजय माल्या के रिश्ते को उजागर किया है 9000 करोड़ लेकर भागने वाला भगोड़ा एक दिन पहले देश के वित्तमंत्री से मिलता है और 36 अटैची लेकर देश से फरार हो जाता है और उस बात को आज तक छुपा कर रखा। देश से अरुण जेटली ने तो उन्हें तत्काल इस्तीफा तो देना ही चाहिए और इस पूरे प्रकरण में भाजपा और नरेन्द्र मोदी किस तरह देश के लूटने वाले से मिले हुए हैं उनकी मिलीभगत उजागर हुई है। कांग्रेस पार्टी अपने आंदोलन को और तेज करेगी जबतक की कांग्रेस पार्टी देश को नरेन्द्र मोदी की सरकार से मुक्त नहीं करा लेती।

वहीं अनील शर्मा का कहना है कि भाजपा अगर आज सैकड़ों करोड़ का कार्यालय दिल्ली में खोलती है तो ये ऐसे ही भगोड़ा के पैसे का वो है इस प्रकरण में अली बाबा की कहानी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 40 चोरो को नहीं बल्कि अलीबाबा को इस्तीफा देना चाहिए यानि सीधे तौर पर उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की ही माँग कर दी।