मिट्टी नमूना जाँच के फलाफल के आधार पर सभी पारामीटर पर मृदा उर्वरता मैप का निर्माण किया जायेगा – डाॅ॰ प्रेम कुमार

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पटना – बिहार के कृषि विभाग मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि केन्द्र प्रायोजित राष्ट्रीय संधारणीय कृषि मिशन के अंतर्गत वर्ष 2018-19 में 790.13 लाख रूपये की लागत पर मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना कार्यान्वयन की स्वीकृति प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में भारत सरकार के निर्देश के आलोक में मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना के अंतर्गत नये प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए 45 लाख रूपये प्रति प्रयोगशाला राष्ट्रीय संधारणीय कृषि मिशन के दिशा-निर्देश एवं प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु 30 लाख रूपये की वित्तीय सीमा के अंतर्गत प्रयोगशाला सामग्री उपलब्ध कराया जायेगा।

मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर के अंतर्गत 7 कृषि विज्ञान केन्द्रों अरवल, औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, खगड़िया, सुपौल, लखीसराय तथा कृषि महाविद्यालय, डुमराँव, पूर्णियाँ, किशनगंज में नये मिट्टी जाँच प्रयोगशालाओं की स्थापना एवं बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के प्रयोगशाला समेत कृषि विज्ञान केन्द्र, भागलपुर, बाँका, कटिहार, मुंगेर, नालंदा, रोहतास, सहरसा एवं शेखपुरा के मिट्टी जाँच प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ीकरण करने हेतु कुल 646.25 लाख रूपये कृषि विभाग द्वारा बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर को उपलब्ध कराया जायेगा।

डाॅ॰ कुमार ने कहा कि 2015-17 के मिट्टी नमूना जाँच के फलाफल के आधार पर सभी पारामीटर पर मृदा उर्वरता मैप का निर्माण किया जायेगा। इसके लिए सभी जिला के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी और राज्य स्तर पर संयुक्त निदेशक (रसायन), मिट्टी जाँच के लिए 38.88 लाख रूपये की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामस्तरीय मिट्टी जाँच परियोजना के लिए कुल लागत 5 लाख का 75 प्रतिशत अनुदान पर व्यक्तिगत लाभार्थी को योजना का लाभ दिया जाना है। इस योजना में 2017-18 में जिलास्तरीय कार्यकारिणी समिति की अनुशंसा प्राप्त 28 इकाईयों को कुल 105 लाख रूपये की लागत से लाभान्वित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के कार्यान्वयन से राज्य के अन्नदाता किसान भाईयों एवं बहनों को अपनी खेत की मिट्टी जाँच कराने में सहुलियत होगी।