मुकेश साहनी ने मोदी सरकार पर जमकर बोला हमला

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दिलीप कुमार

कैमूर – जिले के दुर्गावती प्रखंड मुख्यालय स्थित कन्या माध्यमिक विद्यालय दुर्गावती में बक्सर संसदीय क्षेत्र के राजद प्रत्याशी जगतानंद सिंह के पक्ष में जनसभा करने के लिए मुकेश साहनी, जीतन राम मांझी, और शरद यादव का प्रोग्राम था। लेकिन चिलचिलाती धूप में ढाई घंटा इंतजार करने के बाद वीआईपी पार्टी के अध्यक्ष मुकेश साहनी पहुंचे, किसी कारण से जीतन राम मांझी और शरद यादव नहीं पहुँचे। मुकेश साहनी ने पहुंचते ही मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला।

मुकेश साहनी ने कहा कि मोदी सरकार 2014 में आने के बाद उन्होंने कहा था युवा को रोजगार देंगे, स्मार्ट सिटी बनाएंगे, किसानों का आय दोगुना करेंगे, एक परसेंट भी घोषणा के अनुसार मोदी ने पूरा नहीं किया। मोदी सरकार हिंदुत्व की बात करती है केवल हिंदुत्व की बात करने से लोगों को भोजन कपड़ा और मकान नहीं मिल जाता। आप हमारे लिए क्या कर रहे हैं इस मुद्दे की बात नहीं करते हैं। आप देश को गुमराह कर रहे हैं। 135 करोड़ की जनता मोदी जी के भाषण से गुमराह नहीं होने वाली है इस बार।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 65 साल में प्रति व्यक्ति के ऊपर तीस हजार रुपया का विश्व बैंक का लोन था, लेकिन मोदी जी ने 5 सालों में इसे बढ़ाकर 64 हजार रुपया प्रति व्यक्ति के ऊपर कर्जा बढ़ा दिया है। मोदी जी ने पूंजीपतियों का कर्ज माफ करने का काम किया है। इस बार देश की जनता माफ नहीं करने वाली। जहां भी चुनाव हुआ है वहां एनडीए दूर-दूर तक नहीं है, हम लोग बाइस्कोप लेकर खोज रहे हैं लेकिन एनडीए दिखाई नहीं दे रहा है।

साहनी ने कहा कि हम लोगों के डर से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार में कैंप करना शुरू कर दिए हैं। बिहार में एनडीए का खाता तक नहीं खुलेगा। हमलोगों के डर से एनडीए के भारत का राष्ट्रीय अध्यक्ष को यहां कैंप करना पड़ा।

आगे कहा कि बिहार और यूपी में जातीय समीकरण पर ही चुनाव होता है। हमारे महागठबंधन के लोग एक समुदाय को लीड करता है। जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा सभी लोग अपने अपने समाज के लोगों को लीड कर रहे हैं। हमारे गठबंधन में हर जाति धर्म के लोग हैं और उन जाति धर्म के लोगों का वोट मिलेगा।

एनडीए के पास वोट पाने का कोई आधार नहीं है। हमारे पास जाति के आधार पर 72% वोट बैंकिंग है, वहीं एनडीए के पास 28 प्रतिशत ही है। बिहार में जो 40 सीटों का चुनाव हो रहा है उसमे हमारी एक या दो सीटों को छोड़कर सभी सीट आने वाली है। इस बार बिहार में एनडीए का खाता जनता नहीं खोलने देगी।