मुखिया एवं स्थानीय पदाधिकारियों का सिर्फ मिलता है आश्वासन, अबतक नहीं बन सकी सड़क

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नालंदा / संवाददाता-

आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी गांव के माली हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। आज भी आजाद भारत के कई ऐसे गांव हैं जहां अबतक मूलभूत सुविधाओं की घोर कमी है। गांव में न पक्की गली है न घर से पानी निकलने के मुक्कमल व्यवस्था, यहां तक कि गांव जाने के लिए सड़क तक नहीं है सिर्फ़ पगड़न्ड़ी ही गांव जाने का मुख्यसाधन है, जो बारिश के मौसम में कीचड़ से भर जाता है और आने जाने में काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा तकलीफ तो तब होती है जब स्थानीय जनप्रतनिधि से लेकर अधिकारियों तक समस्या से अवगत होने के बावजूद भी समस्या को दूर करने को लेकर कोई सार्थक पहल नहीं किया जाता। जब ग्रामीण सरकारी कार्यक्रम का वहिष्कार करते हैं तो स्थानीय जनप्रतनिधि से लेकर अधिकारियों तक गांव पहुंच समस्याओं से निदान दिलाने का आश्वासन देकर चले जाते है और अधिकारियों का जैसे ही काम निकल जाता है की ग्रामीणों के समस्या को दूर करने के बजाय कुम्भकर्ण के निंद्रा में सो जाते हैं।

कुछ ऐसा ही मामला नगरनौसा प्रखंड के नगरनौसा पंचायत अंतर्गत फाटा बिगहा गांव से जुड़ा है जहां आजाद भारत के सात दशक बीत जाने के बाद भी गांव में अबतक अधरभूत संरचना की घोर कमी है। जब भी ग्रामीण सरकारी कार्यक्रम का बहिष्कार करते हैं तो जनप्रतनिधि से लेकर अधिकारियों तक गांव पहुंच गांव में मूलभूत सुविधा पहुंचाने का सिर्फ़ अश्वशन देकर चले जाते हैं और जैसे ही अधिकारियों का कार्य पूरा हो जाता है कि समस्या से अनभिज्ञ होते हुए सभी कुम्भकर्ण के निंद्रा में सो जाते है।

क्या कहते हैं ग्रामीण

भूषण पासवान, रामकली देवी, सुनील पासवान, सोहन पासवान समेत दर्जनों ग्रामीण ने बताया कि आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी गांव में अबतक मूलभूत सुविधाओं की घोर कमी है। गांव में न पक्की गली है न घर से पानी निकलने के मुक्कमल व्यवस्था, यहां तक कि गांव आने के लिए सड़क तक नहीं है । सिर्फ़ पगडन्डी ही गांव जाने का मुख्य साधन है जो बारिश के मौसम में कीचड़ से भर जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कूल जाने वक्त होती है। उससे भी ज्यादा परेशानी बीमार पड़े लोगों को हॉस्पिटल ले जाने में होती है। गाड़ी नहीं आने से चारपाई पर मरीजों को ले जाने की मजबूरी होती है। जब सरकारी कार्यक्रमों (पोलियों खुराक आदि) का बहिष्कार करते हैं तो जनप्रतनिधि से लेकर अधिकारियों तक गांव पहुंच गांव में मूलभूत सुविधा पहुंचाने का सिर्फ़ आश्वाशन देकर जले जाते हैं। आज तक अधिकारियों एवं जनप्रतनिधियों द्वारा सिर्फ आश्वाशन ही दिया गया है। समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया है।

क्या कहते हैं अधिकारी

प्रखंड विकास पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि फाटा बिगहा गांव में सड़क निर्माण को लेकर सभी प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। जल्द ही ईट सोलिंग कर ढ़लाई का कार्य किया जायेगा।

क्या कहते हैं मुखिया

नगरनौसा पंचायत के मुखिया सुरेंद्र प्रसाद उर्फ बाबू साहब ने बताया कि फाटा बिगहा गांव की सभी मूलभूत सुविधाए जल्द पूरी होगी। सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू हो जाएगा