मुख्यमंत्री के लोक संवाद कार्यक्रम का किया गया आयोजन

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पटना: मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभाकक्ष में सोमवार को लोक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आज आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, श्रम संसाधन, ग्रामीण विकास (जीविका), कृषि, पशु एवं मत्स्य संसाधन, कला संस्कृति, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, योजना एवं विकास तथा पर्यावरण एवं वन विभाग से संबंधित मामलों पर 12 लोगों द्वारा मुख्यमंत्री को अपना सुझाव दिया गया।

आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में बाढ़ के श्री विकास कुमार, पटना के डाॅ0 राजकिशोर प्रसाद सिन्हा, सीवान के श्री बशीर आलम, पटना की श्रीमती अंजु गुप्ता, नालन्दा के श्री सत्येन्द्र प्रसाद सिंह, सहरसा के श्री प्रभात कुमार सिंह, दरभंगा के श्री नरेश मिश्र, दरभंगा के ही श्री प्रदीप कुमार चौधरी, दानापुर के श्री कुमार शांतनु, पटना के डाॅ0 (मेजर) प्रभात कुमार, मुजफ्फरपुर के श्री आनन्द मोहन, वैशाली के श्री अरूण कुमार और चंदन कुमार ने अपने-अपने सुझाव एवं राय मुख्यमंत्री को दिया। प्राप्त सुझाव एवं राय पर संबंधित विभाग के प्रधान सचिव/सचिव ने वस्तुस्थिति को स्पष्ट किया। लोगों से प्राप्त सुझाव एवं राय पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव को कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कुछ सुझावों को बहुत अच्छा सुझाव माना और उन सुझावों को ग्रहण करने के संबंध में कार्रवाई का भी निर्देश दिया।

बाढ़ के श्री विकास कुमार का सुझाव था कि सभी सरकारी विद्यालयों में पदाधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक घंटा जाकर बच्चों को पढ़ाना चाहिये, इससे बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत अच्छा सुझाव है। इसी तरह कृषि के क्षेत्र में श्री बशीर आलम द्वारा सब्जियों के कमर्शियल क्राॅपिंग के संबंध में दिये गये सुझाव पर उनके प्रस्तुतिकरण को देखने का निर्देश प्रधान सचिव को दिया।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्राप्त सुझावों के आलोक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में हेल्थ सेक्टर में बहुत काम हुये हैं। उन्होंने कहा कि 2006 के पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जहां एक महीने में 39 मरीज जाते थे अब एक महीने में 11 हजार मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में इलाज कराते हैं। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रो में दवा की उपलब्धता समेत आधारभूत संरचनाओं का विकास हुआ है, जिसके कारण सरकारी हेल्थ सेन्टर में लोगों का विश्वास बढ़ा। उन्होंने कहा कि राज्य में एक करोड़ दस लाख बच्चों का हेल्थ कार्ड बना है।

आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव, योजना एंव विकास मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, शिक्षा मंत्री श्री अशोक चौधरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री श्री अवधेश कुमार सिंह, कृषि मंत्री श्री रामविचार राय, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती मंजू वर्मा, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री अब्दुल गफ्फूर, अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण मंत्री श्री संतोष कुमार निराला, श्रम संसाधन मंत्री श्री विजय प्रकाश, विकास आयुक्त श्री शिशिर सिन्हा, प्रधान सचिव मंत्रिमण्डल समन्वय श्री ब्रजेश मेहरोत्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीश चन्द्रा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा सहित संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव उपस्थित थे।

आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उतर देते हुये कहा कि जो नाव दुर्घटना हुयी है वह काफी दुखद है और इस घटना से मुझे गहरा सदमा लगा है। हमारी संवेदना प्रभावित परिवारों के साथ है। हमलोग उनके जीवन को वापस तो नहीं ला सकते, किन्तु उनके परिजनों को जो राहत मिल सकता है उसके तहत अनुग्रह अनुदान उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि नौका दुर्घटना के हर पहलू की जांच हो रही है। इसके लिये आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव श्री प्रत्यय अमृत और वरीय भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री शालीन को जांच का दायित्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही लगातार वे राहत एवं बचाव कार्य का अनुश्रवण करते रहे। आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव, होम गार्ड के डी0जी0, डी0एम0 पटना को तुरंत पहुंचने का निर्देश दिया गया। भौगौलिक क्षेत्र में जो दियारा है वह सारण जिले का पार्ट है। सारण के डी0एम0 और एस0पी0 भी स्थल पर पहुंचे। एन0डी0आर0एफ0 की भी टीम भेजी गयी। सबलोग पहुंचे, कुल मिलाकर 24 डेड बाॅडीज निकाले गये। नाव भी बाहर निकला। अब हर पहलू की जांच करायी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन विभाग ने विज्ञापन निकालकर पतंग उत्सव आयोजित किया था। वहां बड़ी संख्या में लोग गये थे। उनके पहुंचने और वापस लाने का क्या प्रबंधन किया गया था। कल मैंने सभी अधिकारियों को बुलाकर पूछा है। यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि काल चक्र पूजा के समापन पर परम पावन दलाईलामा राज्य सरकार और जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं की प्रशसा कर रहे थे। इसमें 92 देशों के 1.75 लाख लोग आये थे। किन्तु एक चूक ने इन सभी बातों को पृष्ठ भूमि में ढकेल दिया। मेरी भी मनोस्थिति की परिकल्पना को आप सभी को समझना चाहिये।

उन्होंने कहा कि एक-एक पहलू का ध्यान रखना चाहिये। यह पूर्व का गाईड लाइन है कि नाव को कब चलाना है। उन्होंने कहा कि लोगों के आने-जाने की व्यवस्था हेतु स्टीमर, बोट का क्या प्रबंध था, प्रशासनिक एवं पुलिस स्तर पर क्या उत्तरदायित्व दिया गया था। सूर्यास्त से सूर्योदय तक किसी नाव का परिचालन नहीं होने का जब एस0ओ0पी0 निर्गत है तो ऐसी नौबत क्यों आयी। कितने बजे तक का अयोजन था। पर्यटन विभाग के कार्यक्रम के अलावे डिजनीलैंड की बात आयी है। तो किसने अनुमति दी थी, सुरक्षा का क्या इंतजाम था। एक-एक चीज की जांच होगी। दियारा में इस प्रकार का कोई कार्यक्रम नहीं करने का निर्देश दिया गया है। नाव रजिस्टर्ड था या नहीं जांच में सब देखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी घटना घटी है उस से हर आदमी दुखी है। ऐसी घटना नहीं हो इस संबध में ठोस मापदण्ड होगा। पूर्व से भी स्टैण्डर्ड आॅपरेटिंग प्रोसीजियर (एस0ओ0पी0) बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी आॅब्जेक्टिविटी के साथ होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों के अस्पताल में भर्ती होते ही प्रधान सचिव स्वास्थ्य ने स्वयं पहुंचकर इलाज की समुचित व्यवस्था करायी। उन्होंने कहा कि जांच कमिटी हर पहलू पर जांच करेगी और जांच रिपोर्ट पर यथोचित कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अब ऐसी जगहों पर बिना मुख्य सचिव की अनुमति लिये कोई भी विभाग इस प्रकार का आयोजन नहीं करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन विभाग के विज्ञापन में मेरी तस्वीर लगी है। मैंने अपने कार्यालय से पूछा है कि तस्वीर लगाने के संबंध में क्या कोई अनुमति प्राप्त की गयी है?

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव श्रृंखला बिल्कुल सामाजिक अभियान है और यह सरकार प्रायोजित है। उन्होंने कहा कि वे 16 की संध्या से 20 जनवरी तक जमूई, मुंगेर, बांका, भागलपुर की निश्चय यात्रा पर रहेंगे। 21 जनवरी को 12.15 बजे अपराह्न से एक बजे अपराह्न तक मानव श्रृंखला बनेगी। 11 हजार किलो मीटर से लम्बी मानव श्रृंखला होगी। मुख्य सचिव के स्तर से इसका अनुश्रवण किया जा रहा है। शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार इस कार्य में लगी हुयी है। इस मानव श्रृंखला में बिहार की जनता शामिल होगी। इस मानव श्रृंखला में जो दल शामिल होंगे उनकों राज्य सरकार की ओर से धन्यवाद। उन्होंने कहा कि यह जबरदस्त कार्यक्रम है और यह एक इतिहास बनेगा और सामाजिक बदलाव का प्रतीक भी साबित होगा। उन्होंने कहा कि वे स्वामी विवेकानन्द की उक्ति को बराबर उद्धृत करते हैं कि किसी भी अच्छे काम का पहले मजाक बनाया जाता है, फिर उसका विरोध होता है और फिर बाद में सब साथ आ जाते हैं। उन्होंने आशा प्रकट की कि 21 जनवरी को सब साथ आ जायेंगे और हम शराबबंदी से नशा मुक्ति की ओर पहुंचने में कामयाब होंगे।