मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों से की अपील, कहा- जितना जरूरत उतना ही करें बिजली की खपत

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पटना/संवाददाता-

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरूवार को उर्जा विभाग के 2650.51 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन करते हुए शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा विभाग ने घर-घर बिजली पहुंचाने के लिए बनायी गई सात निश्चय योजनाओं का क्रियान्वयन प्रारंभ कर दिया है। 2018 के अंत तक हर घर तक बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करा दिया जायेगा। 2017 के अंत तक हर गांव, हर बसावट तक बिजली पहुंचा दी जायेगी। ट्रांसमिशन, सब ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन आदि के लिए विभिन्न आधारभूत संरचनायें पूरे प्रदेश में फैली है। उन्होने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अधिकांश जिलों में इस कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक शिकायत निवारण केंद्रो पर बिजली विभाग के बिल से संबंधित शिकायतें अवश्य मिलती है। हमने अपने दौर में इसे देखा और महसूस किया है। आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती यही है। बिजली विभाग के आधारभूत संरचना में काफी रिफॉर्म किया गया है। इसमें सबसे लेटेस्ट रिफॉर्म बिजली के दरों को लेकर हुआ है। इस बार विभाग ने जीरो सब्सिडी पर दर निर्धारण हेतू अपना आवेदन केंद्रीय ऐजेंसी के समक्ष प्रस्तुत किया था। बिजली दर निर्धारण के बाद किसको कितनी सब्सिडी दी जाये, यह राज्य सरकार तय करेगी। अन्य राज्यों के बिजली दर को भी अध्ययन किया गया है। लोगों को दी जा रही सब्सिडी में स्पष्टता होनी चाहिए। बिजली बिल में दी जा रही सब्सिडी भी अब बीजली बिल में अंकित होगी। उपभोक्ताओं को सब्सिडी घटाकर बिल भूगतान करना होगा। सरकार आज पहले से ज्यादा सब्सिडी दे रही है। सब्सिडी की पूरी जानकारी लोगों को होगी। लोग यह जान सकेंगे कि बिजली का रेट क्या है और सरकार कितनी सब्सिडी दे रही है। साथ ही सकरकार भी देख सकेगी कि उपभोक्ताओं को कितनी सब्सिडी दी जा रही है और बिजली कम्पनीयों की इफिसियेंसी कितनी है। इससे कम्पनीयों की इफिसियेंसी भी बढेगी। बिजली बिल के सुधार के लिये पहल की गई है। लोगों के सामने बिलिंग किया जायेगा। मोबाइल के माध्यम से बिल की जानकारी भी दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान करना चाहते हैं। अगर हम अपनी प्रक्रिया को सही कर लेंगे तो लोग ससमय बिल का भुगतान करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 536.33 करोड़ रूपये की योजनाओं का उद्घाचन, 1219.63 करोड़ रूपये की योजनाओं का शिलान्यास तथा 1219.63 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्दुतिकरण का कार्य भी किया जा रहा है। लगभग 633 गांव अभी अनइलेक्ट्रीफाइड है। विभाग द्वारा बताया गया है कि पटना, सारण खगड़िया आदि के 157 गांव जो दियारा क्षेत्र में पड़ते हैं, वहां ट्रांसमिशन टावर के माध्यम से बिजली पहुंचायी जा रही है। विभाग ने यह भी बताया है कि पश्चिम चम्पारण सहित अन्य जिलों के 218 गांव जो दुर्गम क्षेत्र में हैं, वहां भी सोलर एनर्जी के माध्यम से बिजली पहुंचाने के लिए ऐजेंसी का चयन कर लिया गया है। सर्वे का काम चल रहा है, नवम्बर 2017 तक कार्य पूरा कर लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कटिहार के कई गांव हैं जहां विद्दुतिकरण का कार्य शेष है। 2016 में इसकी स्वीकृति केंद्र सरकार से प्राप्त है। इसका भी कार्य पूरा कर लेना है, साथ ही मुजफ्फपुर के 24 गांव तथा भागलपुर के छह गांव जो फ्रेंचांयजी के क्षेत्र में पड़ते हैं, वहां विद्दुतिकरण का काम रूका हुआ है, उसे जल्द पुरा कर लिया जायेगा। इस साल के अंत तक सभी गांव में बिजली पहुंचाना है। सौर उर्जा के प्रति भी लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाना चाहिए। पर्यावरण के दृष्टिकोण से ऐसे बहुत जगह हैं, जहां बिजली का पोल नहीं लगाया जा सकता है। इन जगहों पर बिजली पहुंचाना मुश्किल है। ऐसे में सौर उर्जा ही एक मात्र विकल्प हैं। बिजली विभआग को अच्छे कार्य के लिए केंद्र सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया है। बिजली के बचाव के लिए सभी अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि जन सम्पर्क करें, लोगों को प्रेरित करें। मैं तो जहां भी जाता हूं, लोगों से यह अपील करता हूं कि बिना वजह बिजली की खपत नहीं कीजिये, जितनी जरूरी है उतना ही बिजली का उपयोग करें। अगर नई पीढी के लोगों को बिजली बचाने संबंधित जानकारी दी जाए तो वे बाकियों को जरूर समझायेंगे। बच्चों को भी इसके बारे में समझाया जाए। बच्चा जानता है तो घर में उसको प्रचारित करता है। जिस तरह से आपदा से संबंधित प्रशिक्षण स्कूलों में दिया जाता है ताकि वे घर जाकर बतायें। आज इसी कारण व्यक्तिगत स्वच्छता जोर पकड़ी है। पहले बिजली कम थी, आज लोगों को बिजली मिलने लगी तो अपेक्षा और बढ़ गई है। हमारा लक्ष्य है कि हम लोगों को गुणवत्तापूर्ण बिजली दें। हमें पूर्ण भरोसा है कि बिजली की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होने बिजली विभाग के कर्मियों से कहा कि आप सब पूरे बिहार में ऐसा काम करें कि इसकी पूरे देश में सरहना हो। जिस तरह नालंदा के लिए आपको पुरस्कृत किया गया है, अगर इसी तरह कार्य करते रहें तो पूरे बिहार के लिए पुरस्कार प्राप्त कर सकते हैं। पूरे बिहार में काम इस तरह कीजीये की इसकी सराहना पूरे देश में हो। लोगों को जो कहना है कहते रहेंगे, हमें अपना काम पूरे दृढता से साथ करते रहना है।