मुख्यमंत्री ने किया मगध प्रमण्डल स्तरीय समीक्षात्मक बैठक

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पटना, 10 जून 2016:– मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में प्रमण्डलीय कार्यालय गया के सभाकक्ष में प्रमण्डल स्तरीय समीक्षा बैठक आयेाजित की गई, जिसमें 01 अप्रैल 2016 से लागू की गई उत्पाद नीति एवं पूर्ण शराबबंदी के बाद जिलों में विभिन्न अपराधी घटनाओं, लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, लोक सेवाओं का अधिकार, सात निश्चय, पेयजल, विद्युत, जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र का निर्माण आदि विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाॅवर प्वाईंट प्रजेंटेशन के द्वारा आयुक्त मगध प्रमण्डल श्री लियान कुंगा ने बताया कि पूर्ण शराबबंदी के पश्चात मगध प्रमण्डल के जिलों में कुल छापेमारी 6286, 590 गिरफ्तारी की गई है, वहीं 51 लोगों के खिलाफ स्पीडी ट्रॅायल शुरू की गई है। उन्होने बताया कि लगभग 42,000 लीटर अवैध शराब भी जब्त किये गये है। 20,505 आदतन शराबियों को चिन्हित किया गया है। मगध प्रमण्डल के सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षको ने बारी-बारी से छापेमारी स्पीडी ट्राॅयल, जब्ती, बेल आदि की अधतन जानकारी दी। गया के जिलाधिकारी ने बताया कि नशामुक्ति केन्द्र में अब तक 375 मरीजों केे उपचार के पश्चात उनको घर वापस भेजा गया है, वही नवादा के जिलाधिकारी ने बताया कि 203 मरीजों को उपचार के पश्चात उनके घर वापस भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ब्रेथ एनालाइजर के उपयोग के साथ-साथ पकडे़ गये लोगो का मेडिकल टेस्ट (ब्लड टेस्ट) भी करवाये। उन्होने प्रधान सचिव निबंधन उत्पाद एवं मद्य निषेद्य तथा अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि भांग, अफीम, गांजा एवं अन्य मादक पदार्थो पर भी कड़ी नजर रखें। लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सके। सभी जिलाधिकारियों ने अब तक बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत उठाये गये कदमों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी, वहीं लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनांे के आलोक में निष्पादन की संख्या, कुल दायर अपील की संख्या आदि के बारे में भी जानकारी दी गई। समीक्षा के क्रम में यह भी पाया गया कि लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के तहत कुल 104 पदाधिकारियों का दंडित किया गया, जिनसे कुल 502000 (पाॅच लाख दो हजार) की राशि वसूल की गई है। पेयजल की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुये संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिया कि अविलंब बंद चापाकलों को दुरूस्त करवायें। इसके अतिरिक्त बैठक में अग्नीकाण्ड, जलस्तर, वाटर टंैकर से पेयजल की उपलब्धता, जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र का निर्माण, प्रत्येक प्रखण्ड में भाषा संवाद एवं बुनियादी कम्प्यूटर ज्ञान केन्द्र,सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में निशुल्क वाई-फाई की सुविधा, हर घर बिजली लगातार, शौचालय निर्माण, प्रमण्डल के जिलों में जी0एन0एम0 स्कूल की स्थापना, प्रत्येक जिला में महिला आई0टी0आई0 की स्थापना, प्रत्येक जिला में पारा-मेडिकल संस्थान की स्थापना, प्रत्येक जिला में अभियंत्रण महाविद्यालय की स्थापना, प्रत्येक अनुमण्डल में ए0एन0एम0 काॅलेज की स्थापना, प्रत्येक अनुमण्डल में आई0टी0आई0 की स्थापना एवं प्रत्येक जिला में पाॅलिटेक्निक काॅलेज की स्थापना आदि विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श के उपरान्त सभी संबंधित पदाधिकारियों को कई आवश्यक दिशा निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया।

उपरोक्त बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग-सह-प्रभारी मंत्री गया जिला श्री कृष्णनन्दन वर्मा, उद्योग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी-सह-प्रभारी मंत्री जहानाबाद एवं अरवल जिला श्री जयकुमार सिंह, ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य विभाग-सह-प्रभारी मंत्री नवादा जिला श्री श्रवण कुमार, पर्यटन विभाग-सह-प्रभारी मंत्री औरंगाबाद जिला श्रीमती अनिता देवी, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री श्री अवधेश कुमार सिंह, मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक, श्री पी0के0 ठाकुर, विकास आयुक्त, श्री शिशिर सिन्हा, प्रधान सचिव स्वास्थ्य श्री आर0के0 महाजन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीश चन्द्रा, आयुक्त मगध प्रमण्डल श्री लियान कुंगा सहित सभी विभागों के प्रधान सचिव/सचिव, मगध प्रमण्डल के सभी जिलाधिकारी एवं सभी पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थें।