मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रबंधन एवं जल निस्सरण योजना के अन्तर्गत तीन योजनाओं का किया शिलान्यास

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सीतामढ़ी / पटना:- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सीतामढ़ी जिला के सोनवर्षा स्थित दुलारपुर घाट खाप खपुराहा में बाढ़ प्रबंधन एवं जल निस्सरण योजनान्तर्गत तीन योजनाओं- लखनदेई नदी की पुरानी धार का पुनर्स्थापन कार्य, मनुषमारा जल निस्सरण योजना और रातो नदी पर नो मेंस लैंड से निशा रोड तक तटबंध निर्माण कार्य का शिलान्यास सभास्थल मंच से रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट का अनावरण कर किया। इन योजनाओं की कुल लागत राशि 144.90 करोड़ रुपये है, इनमें करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से लखनदेई नदी की पुरानी धार का पुनर्स्थापन कार्य एवं 110.65 करोड़ रुपये की लागत वाली रातो नदी पर नो मेंस लैंड से निशा रोड तक तटबंध का निर्माण कार्य 31 मार्च 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि 14.25 करोड़ रुपये की लागत वाली मनुषमारा जल निस्सरण योजना का निर्माण कार्य 15 मई 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

शिलान्यास कार्यक्रम स्थल के निकट बने हेलीपैड पर मुख्यमंत्री को जिला प्रशासन द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं ने मुख्यमंत्री को माला एवं गुलदस्ता भेंटकर गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल मंच पर जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने पुष्प-गुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। एन0डी0ए0 नेताओं ने मुख्यमंत्री को माला पहनाकर एवं अंगवस्त्र भेंटकर भव्य स्वागत किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस उत्साह के साथ इस शिलान्यास समारोह में इतनी बड़ी तादाद में आप सब उपस्थित हुए हैं, मैं आपलोगों को हृदय से बधाई देता हूँ। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग द्वारा सीतामढ़ी में जिन 3 महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर आज काम प्रारम्भ किया गया है, इसके लिए मैं विभाग को विशेष तौर पर धन्यवाद देता हूँ। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न सिर्फ लखनदेई नदी की पुरानी धार पुनर्स्थापन होगा बल्कि मनुषमारा जल निस्सरण योजना पानी निकासी की योजना है, इसके पूरा होने पर यहाँ के लोगो को बाढ़, जल पलावन से भी मुक्ति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि नेपाल में तटबंध बन जाने कारण हर वर्ष बरसात के मौसम में सीतामढ़ी और शिवहर बाढ़ की चपेट से जूझता रहा है लेकिन इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लोगों को इससे निजात मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनदेई नदी की पुरानी धार बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस नदी की धार सुख जाने के कारण किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नही हो पा रहा था लेकिन इस योजना के पूर्ण होने पर न सिर्फ नदी की पुरानी धार पुनस्र्थापित होगी बल्कि सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि मनुषमारा जल निस्सरण योजना का काम अगले 3 महीने में 15 मई 2018 तक पूरा हो जाएगा। इसके लिए मैं विशेष तौर पर जल संसाधन विभाग को बधाई देता हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि रातो नदी पर नो मेंस लैंड से निशा रोड तक तटबंध निर्माण और लखनदेई नदी की पुरानी धार के पुनर्स्थापन का कार्य 31 मार्च 2019 तक पूरा करने के प्रति जल संसाधन विभाग ने हमें आश्वस्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी का जो उत्साह आज इन 3 परियोजनाओं के शुभारम्भ कार्य समारोह में हमें देखने को मिल रहा है, इससे इसका मकसद स्पष्ट है। आपके मन में जो उत्साह का भाव है, मैं उसे सलाम करता हूँ। उन्होंने कहा कि जब हम रेडियो पर आकाशवाणी सुना करते थे तो बरसात के दिनों में पूरी दुनिया से सीतामढ़ी से सम्पर्क टूट जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जब पहली बार न्याय यात्रा पर सीतामढ़ी आये थे तो उस समय नाव से और पैदल जाकर यहाँ की पूरी स्थिति देखी थी। अब तो सीतामढ़ी और शिवहर का सम्पर्क कभी बन्द नहीं होता। उन्होंने कहा कि हमलोगों की प्रतिबद्धता है जनसेवा और आप सभी ने इतने समय से जो काम करने का मौका दिया है तो मैं लोगों की सेवा और खिदमत कर रहा हूँ। हमारा संकल्प है न्याय के साथ विकास का, जिसका अर्थ है हर तबके का और हर इलाके का विकास।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा निश्चय है हर घर तक नल का जल, हर घर शौचालय निर्माण, हर घर बिजली कनेक्शन और हर घर तक पक्की गली-नाली का निर्माण और इस दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने हर गाँव तक बिजली पहुँचा दी है और जो कुछ टोले शेष बचे हैं, उन तक इस साल के अप्रैल माह तक बिजली पहुँचा दी जाएगी। इसके अलावे इस वर्ष के अंत तक हर इच्छुक परिवार को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कोई सोचता नही था कि उसके घर तक बिजली पहुँचेगी और अगर व्यक्ति को गाँव में ही बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो जाये तो फिर वह शहर में जाकर क्यों बसना चाहेगा ? मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर लोगों को खुले में शौच से मुक्ति और स्वच्छ पीने का पानी मिल जाय तो लोगों को 90 प्रतिशत बीमारियों से छुटकारा मिल जाएगा। हम इस नजरिये से सोचते हैं और काम करते हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक पेंशन मिलने में हो रही दिक्कतों को पता किया गया तो धनराशि की कमी बताई गई लेकिन पैसे का तत्काल प्रबंध कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष इस तरह की समस्याएं न खड़ी हो, इसके लिए बजट में ही प्रावधान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुल-पुलिया, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, शौचालय निर्माण सहित सभी क्षेत्रों में विकास का काम तेजी से हो रहा है लेकिन सामाजिक कुरीतियों को खत्म किये बिना उसका पूरा फायदा लोगो को नहीं मिल पायेगा। उन्होंने कहा कि विकास के काम में कोई कोताही नहीं होगी और इसके साथ-साथ समाज सुधार की दिशा में भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के बाद शराब से होने वाली तबाही और बर्बादी से लोगों को छुटकारा मिला है, यह बहुत बड़ी बात है लेकिन आप सबको सजग रहने की आवश्यकता है कि कहीं शराब छोड़कर वह कोई दूसरा नशीला या जहरीला पदार्थ का सेवन तो नहीं करने लगा।

बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कम उम्र में शादी होने के बाद गर्भधारण करने से अधिकांश महिलाएं मौत की शिकार हो जाती हैं। उनसे जो बच्चें पैदा होते हैं, वे बौनेपन, मंदबुद्धि के शिकार होने के साथ-साथ कई बीमारियों की चपेट में भी आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें दहेज प्रथा से छुटकारा पाना है। इस साल 21 जनवरी को पूरे बिहार में 14 हजार किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला में सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने का जिनलोगों ने संकल्प लिया है, उस पर डटे रहना है ताकि दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को खत्म किया जा सके। 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की शादी नहीं होनी चाहिए। दहेज का लेन-देन किसी भी सूरतेहाल में नहीं करनी चाहिए।

लोगों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सब जिस दिन दहेज का लेन-देन करने वाले परिवार की शादी समारोह में शामिल नहीं होने का मन बना लीजियेगा तो यकीन मानिए उस दिन से दहेज प्रथा का खात्मा हो जाएगा लेकिन गोतिया, मित्र, रिश्तेदार जैसा कोई अपवाद नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये सामाजिक कुरीतियां समाज को दुष्प्रभावित करने के साथ-साथ लोगों की मानसिकता को भी दूषित करती है इसलिए आप सबका सहयोग मिले और लोगों में जागृति आये तो विकास के साथ इन सामाजिक कुरीतियों को खत्म करके बिहार अपने गौरवमयी अतीत को पुनः प्राप्त करने में कामयाब होगा। मैं माता सीता की इस धरती को प्रणाम करता हूँ। आप सब माँ जानकी के इस धरती के वासी हैं इसलिए आपसी सौहार्द्र, भाईचारा और प्रेम के साथ रहें।

समारोह को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, नगर विकास एवं आवास मंत्री सह सीतामढ़ी जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार शर्मा, सांसद रामकुमार शर्मा, सांसद रमा देवी, विधायक डॉ0 रंजू गीता, विधायक दिनकर राम ने संबोधित किया।

इस अवसर पर विधान पार्षद देवेश चन्द्र ठाकुर, विधायक गायत्री देवी, पूर्व मंत्री सुनील कुमार पिंटू, पूर्व विधायक गुड्डी चौधरी, तिरहुत प्रमंडल आयुक्त एच0 आर0 श्रीनिवास, तिरहुत प्रक्षेत्र डी0आई0जी0 अनिल कुमार, जिलाधिकारी राजीव रौशन, पुलिस अधीक्षक हरि प्रसाद एस0 सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे।