मुख्यमंत्री ने लखीसराय जिले के जयनगर स्थित लाल पहाड़ी में चल रहे पुरातात्विक उत्खनन कार्य का निरीक्षण किया

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पटना – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लखीसराय जिले के जयनगर स्थित लाल पहाड़ी में चल रहे पुरातात्विक उत्खनन कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में पुरातत्ववेता प्रो0 अनिल कुमार ने मुख्यमंत्री को इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। पहाड़ी के अंतिम छोर तक मुख्यमंत्री ने बारीकी से उत्खनन कार्य का मुआयना किया।

मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि दक्षिण पूर्व कोने से खुदाई कार्य आरंभ कर उत्तर पूर्व दोनों कोने तक प्रथम चरण में खुदाई कार्य को संपन्न कर लिया गया हेै। दक्षिण पूर्व तथा उत्तर पूर्व दोनों कोने पर दो-दो सुरक्षा मीनार के अवशेष प्राप्त हुए हैं, जो अब तक पूर्वी भारत के सभी उत्खनित बौद्ध मठों से अलग हैं। इस स्थल की पहचान एक बौद्ध भिक्षुणी मठ के रुप में 19वीं सदी के उत्तरार्द्ध में प्राप्त सिंहनाद अवलोकितेश्वर की मूर्ति पर उद्धृत अभिलेख से की गई है। वर्तमान में यह मूर्ति सैंड पीट्सवर्ग संग्रहालय में है। इसका कालखंड 11वीं से 12वीं शताब्दी के बीच का हो सकता है। इन स्थलों से काफी संख्या में मिट्टी के दीप एवं अन्य सामग्री भी प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि निकास द्वार के पास से बड़ी मात्रा में काले पत्थर की टूटी मूर्तियों के अवशेष प्राप्त हुए हैं। उत्तर पूर्वी कोने पर एक तीन फीट के मगरमच्छ की आकृति के काले पत्थर का मकर प्रणाल जो मठ की जलनिकासी का मार्ग रहा होगा, खुदाई के क्रम में निकाला गया है। उनको जानकारी दी गई कि दूसरे चरण की खुदाई में दक्षिण पूर्वी कोने से दक्षिण-पश्चिम कोने तक खुदाई में पुनः एक पूजा स्थल उत्खनित किया गया है। पूरे उत्खनन वाले क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोहे के कील, कौड़ी, बीड, सिल, सिलिंग प्राप्त हुए हैं। इनमें भगवान बुद्ध की भूमि स्पर्श मुद्रा तथा वोटिव स्तूप अलंकृत सिलिंग महत्वपूर्ण हैं। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में मिट्टी के बर्तन के टुकड़े, खुदाई के हरेक चरण में प्राप्त हुए हैं। इस पुरातात्विक उत्खनन का पूरा क्षेत्र 7109.93 वर्गमीटर है। उन्होंने वहां की खुदाई से प्राप्त अष्टभुजा दुर्गा देवी एवं छह भुजा वैष्णवी देवी की मूर्तियों के संबंध में भी जानकारी ली।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने “एक्सेवेशन साइट ऐट लाली पहाड़ी लखीसराय” पुस्तक का भी विमोचन किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, मुंगेर प्रमंडल के पुलिस महानिरीक्षक सुशील खोपड़े, लखीसराय के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, बिहार विरासत विकास समिति के निदेशक प्रो0 विजय कुमार चैधरी, अन्य पुरातत्ववेता, शोधार्थीगण, अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।