मुजफ्फरपुर में चपरासी के नाम फर्जी खाते खोल 13 करोड़ का ट्रांजेक्शन

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मुजफ्फरपुर: देश में नोटबंदी के बाद छापेमारी कर करोड़ों रूपये बरामद किये जा रहे हैं। तो बिहार के मुजफ्फरपुर में व्यवसायी बंधुओं ने चपरासी के चार खाते खोल कर 13 करोड़ रुपये जमा कराने का मामला सामने आया है।

ताजा मामला मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाने का है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक पटना की आयकर विभाग की टीम ने मुजफ्फरपुर के कारोबारी राज कुमार गोयनका और अशोक गोयनका के यहां छापा मारा है।

गोयनका बंधुओं पर अपने चपरासी कुणाल के नाम पर 4 अलग-अलग फर्जी खातों से करीब 13 करोड़ कालाधन को सफेद कराने का आरोप है। पटना आयकर विभाग के दो लोग दोपहर में मुजफ्फरपुर पहुंचे और पूरे मामले की जांच पड़ताल की।

दोनों संयुक्त रूप से पूजा ज्वेलर्स, कांते सेल कॉरपोरेशन और पूजा ट्रेजिंग कंपनी चलाते हैं।
पूछताछ में चपरासी कुणाल कुमार ने अपने नाम पर ऐसे खाते होने से इंकार कर दिया। कुणाल ने दोनों मालिकों पर मिठनपुरा थाने में धोखधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई है।

आयकर अधिकारी ने इसे मनी लॉंड्रिंग का केस बताते हुए इसे प्रवर्तन निदेशालय को भी जानकारी दे दी है। नोटबंदी के बाद मनी लॉंड्रिंग का उत्तर बिहार का यह सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है। छापेमारी के दौरान मालिकों से पूछताछ के बाद अधिकारियों ने कुणाल से एक अलग कमरे में काफी देर तक पूछताछ की गई।

कुणाल ने प्राथमिकी में कहा कि वह चार साल से प्रतिष्ठना में नौकरी कर रहा है। मालिक ने उससे कई प्रमाणप्रत्र और तस्वीरें ली थी। बैंक खाता और 13 करोड़ के ट्रांजेक्शन की जानकारी उसे आयकर अफसर की पूछताछी के दौरान हुई।