मेट्रो रेल सेवा का निर्माण कार्य पटना में शुरू होने वाला है – मुख्यमंत्री

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पटना – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के 43वें स्थापना दिवस समारोह में 875 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 122 योजनाओं का उद्घाटन, कार्यारंभ एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री सेतु निर्माण योजना सहित अन्य मदों से जुड़ी इन परियोजनाओं में 332 करोड़ रुपये की लागत वाली 52 परियोजनाओं का उद्घाटन, 272 करोड़ रुपये की लागत वाली 36 परियोजनाओं का कार्यारंभ एवं 271 करोड़ रुपये की लागत वाली 34 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। स्थापना दिवस समारोह में पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने मुख्यमंत्री को गुलदस्ता भेंटकर अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावे अन्य कई संवेदकों को प्रशस्ति पत्र भेंटकर उन्हें सम्मानित किया। स्थापना दिवस समारोह में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा मुख्यमंत्री को एक करोड़ पाॅच लाख रूपये के डिविडेंट (लाभांश) का चेक प्रदान किया गया। 43वें स्थापना दिवस समारोह में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री सहित मंच पर मौजूद अतिथियों ने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के प्रगति प्रतिवेदन 2018 का विमोचन किया।

स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सबसे पहले बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड परिवार को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम कहां से कहां पहुंचा है, यह सबको मालूम है। उन्होंने कहा कि यह उपक्रम किस प्रकार से घाटे में चला गया था और बंद होने के कगार पर था लेकिन जब उसे वर्ष 2005-06 में परियोजनाएं दी गई, उसके बाद से लगातार यह उपक्रम लाभ अर्जित कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद पहला लाभ इस उपक्रम के द्वारा 5 करोड़ 15 लाख रुपए का था, जो अब बढ़कर 2017-18 में 50 करोड़ रूपये का शुद्ध लाभ अर्जित करने वाला यह उपक्रम हो गया है।

उन्होंने कहा कि पहले बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड का टर्नओवर 60 करोड़ रुपए से भी नीचे था, जो अब 1600 करोड रुपए तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि आज इस स्थापना दिवस के मौके पर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा राज्य सरकार को लाभांश के रुप में एक करोड़ पाॅच लाख रूपये का चेक समर्पित किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष में भी काफी राशि इस उपक्रम के द्वारा दी गई है। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के जरिये 70 करोड रुपए की राशि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के द्वारा व्यय की गई यह खुशी की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा जिन योजनाओं का उद्घाटन कार्यारंभ और शिलान्यास करवाया गया है, वह समय पर जरूर पूरा होगा, इसका मुझे काफी भरोसा है। इन योजनाओं के उदघाटन, कार्यारंभ और शिलान्यास के लिए मैं बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड को धन्यवाद देता हूॅ। उन्होंने कहा कि हमारी इच्छा थी कि बिहार के बाहर भी इस उपक्रम को टेंडर मिले, जिसमें अब आपने सफलता भी पाई है। बिहार सरकार के काम के अलावा भारत सरकार एवं दूसरे राज्यों में अपना विस्तार कीजिए और हमेशा आगे बढ़ते रहिए, यही हमारी इच्छा है।

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चीज समय पर काम का होना और उसकी गुणवत्ता है। अगर गुणवत्तापूर्वक समय पर काम पूरा हो गया तो उसका लाभ लोगों को मिलता है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड की विश्वसनीयता पर लोगों को काफी भरोसा है। सड़कों के रखरखाव के लिए हमलोगों ने ओ0पी0आर0एम0सी0 बनाया है ताकि सड़कों का मेंटेनेंस हो सके। आप भी जो पुलों का निर्माण करते हैं, उसके लिए एक मेंटेनेंस पॉलिसी जल्द से जल्द तैयार कीजिए ताकि रखरखाव के अभाव में पुल नष्ट होने से बच सके। उन्होंने कहा कि पथ निर्माण विभाग या ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जो भी सड़कें बनाई जाती है, उसका रखरखाव होना चाहिए ताकि सड़कों के निर्माण से लोगों में जो खुशहाली कायम होती है, वह निरंतर बरकरार रहे। उन्होंने कहा कि हम अक्सर सड़क मार्ग से ही यात्रा करते हैं और जहां भी हमें जर्जर सड़क दिखती है, हम वहीं से फोन लगाते हैं ताकि उसकी स्थिति दुरुस्त की जा सके।

उन्होंने कहा कि स्टेट हाईवे की क्वालिटी आज कितनी बेहतर है। स्टेट हाईवे को टू लेन या फोर लेन में कन्वर्ट करने के लिए एन0एच0ए0आई0 जिम्मेदारी लेता है तो यह अच्छी बात है लेकिन स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे में कन्वर्ट कराने से कोई फायदा नहीं है क्योंकि जो राशि मिलती है, उससे रखरखाव संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले लोगों की प्रवृत्ति होती थी स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे में कन्वर्ट कराने की लेकिन अब इसका कोई मतलब नहीं रहा। पहले देखा गया कि पुल तो बन गया लेकिन वहां तक एप्रोच रोड नहीं बना, जिसके कारण उसका इस्तेमाल सही समय पर नहीं होता था, इसको देखते हुए अब राज्य सरकार ने नीति बना दी है कि जो भी पुलों के लिए प्रोजेक्ट बनेगा एप्रोच रोड उस का पार्ट होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जिन भवनों का निर्माण हो रहा है, उसमें निर्माण प्रारंभ होने के साथ ही बिजली की व्यवस्था और उसके फर्निशिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है। इस प्रकार सभी काम साथ-साथ शुरू होते हैं ताकि भवन निर्माण के बाद उसका जल्दी से जल्दी इस्तेमाल किया जा सके। पहले बिहार के किसी भी सुदूरवर्ती इलाके से पटना पहुंचने के लिए 6 घंटे का लक्ष्य निर्धारित था, जिसे हासिल करने के बाद अब 5 घंटे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, इसके लिए नए पुलों का निर्माण और सड़कों का नया एलाइनमेंट हो रहा है, जिसमें पुल निर्माण निगम की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि आज जिन योजनाओं का उद्घाटन कार्यारंभ एवं शिलान्यास हुआ है, वह काम जल्दी से जल्दी पूरा हो जाए, यही हमारी अपेक्षा है।

उन्होंने कहा कि धनराशि का कोई संकट नहीं है, अगर हम किसी परियोजना का अनुशंसा करते हैं तो पैसे की कमी नहीं होने देते, वह चाहे सड़क निर्माण का काम हो, पुल निर्माण का काम हो, भवन निर्माण का काम हो या अन्य कोई भी काम। उन्होंने कहा कि हमारी अपेक्षा यही रहती है कि समय पर काम पूरा हो ताकि समय बढ़ने से अनावश्यक पैसे की बर्बादी से बचा जा सके। पटना शहर में आज इतनी बड़ी संख्या में फ्लाईओवर बने हैं और आगे भी बनेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में जितने भी शहर हैं, वहां भी फ्लाईओवर बनेंगे जरूरत को देखते हुए। उन्होंने कहा कि बिहार की आबादी बढ़ती चली जा रही है और भूमि अधिग्रहण में काफी मुश्किलें पैदा होती है। 10-12 साल में जमीन का रेट काफी ज्यादा बढ़ गया इसलिए बहुत लोग जमीन अधिग्रहण करने पर तरह-तरह की बातें करते हैं। अपनी जमीन देने के एवज में उसका कमर्शियल और रेशिडेंशियल रेट की मांग करते हैं, इसके अलावे अन्य कई तरह की समस्याएं पैदा होती है। उन्होंने कहा कि अगर रोड को चैड़ा करना है तो उसे एलिवेटेड रोड बना दी जानी चाहिए ताकि भूमि अधिग्रहण के झंझट से बचा जा सके।

उन्होंने कहा कि बिहार जैसे राज्य में आबादी का घनत्व इतना ज्यादा है कि लोगों को डिस्टर्ब नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहटा में एयरफोर्स का एयरपोर्ट है, जिसने सिविल एयरपोर्ट के लिए अनुमति दे दी है, अब वहां एयरपोर्ट विकसित हो रहा है। जब एयरपोर्ट तैयार हो जाएगा, तब कुछ प्लेन बिहटा एयरपोर्ट पर और कुछ प्लेन पटना एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। उन्होंने कहा कि जब लोहिया पथ चक्र बन जाएगा, तब कोई डिस्टर्ब नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लोहिया पथ चक्र देश का पहला पथ चक्र बनने जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो रेल सेवा का भी निर्माण कार्य पटना में शुरू होने वाला है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के लोगों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन बातों का हमेशा ख्याल रखिए, एक गुणवत्ता, दूसरा समय के अंदर काम पूरा करना और तीसरा उसका रखरखाव। अगर इन तीन चीजों का ध्यान रखकर कोई काम इस उपक्रम के द्वारा किया जाएगा तो वह काफी प्रभावी होगा और लोग बाहर से आपके काम का अध्ययन करने आएंगे। उन्होंने कहा कि कोसी ट्रेजडी के बाद पुनर्निर्माण का काम बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड को सौंपा गया, इसके अलावा जननायक कर्पूरी ठाकुर के नाम से अति पिछड़ा छात्रावास बनाने का काम भी सौंपा गया और इसमें जो राशि खर्च हुई, वह काॅरपोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी के तहत आपने किया।

उन्होंने कहा कि अच्छी तकनीक, अच्छा काम और अच्छा दायित्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग के अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से भी बहुत जगह काम किया जाता है और इसमें आपका योगदान काफी सराहनीय है। अधिकारियों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने अनुभवी लोगों के साथ-साथ बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड में अधिक से अधिक नई पीढ़ी के लोगों को जोड़ने की बात कही।

स्थापना दिवस समारोह को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा एवं बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कला संस्कृति मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, सहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंह, पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त शशि शेखर शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव विनय कुमार, सूचना जन-संपर्क विभाग के निदेशक अनुपम कुमार, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक उमेश कुमार, जिलाधिकारी कुमार रवि सहित बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड एवं पथ निर्माण विभाग से जुड़े अधिकारी, संवेदक, अभियंता तथा कर्मचारीगण उपस्थित थे।