मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 के परीक्षा परिणाम की घोषणा

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पटना  बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आज दिनांक-22.12.2016 को मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 के परीक्षा परिणाम की घोषणा की गई।

इस संबंध में श्री आनंद किशोर, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने बताया कि इस वर्ष कम्पार्टमेन्टल परीक्षा के आयोजन के क्रम में परीक्षा व्यवस्था के सभी स्तरों पर व्यापक बदलाव किया गया था अर्थात् फाॅर्म भरने की प्रक्रिया से लेकर परीक्षा के सभी स्तरों पर तकनीक का इस्तेमाल करते हुए कदाचार की संभावना को खत्म किया गया।

अध्यक्ष ने बताया कि मैट्रिक कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 में कुल 1,61,645 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिसमें से कुल 44,602 परीक्षार्थी (27.59:) उत्तीर्ण हुए।

इसी प्रकार इंटरमीडिएट कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 में कुल 43,002 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिसमें 17,384 परीक्षार्थी (40.43:) उत्तीर्ण हुए।

अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने बताया कि परीक्षार्थी मैट्रिक कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 का परिणाम समिति के वेबसाइट matricresult.bsebbihar.com पर अपना रौल नंबर और रौल कोड डालकर देख सकेंगे।

इसी प्रकार परीक्षार्थी इंटरमीडिएट कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 का परिणाम समिति के वेबसाइट interresult.bsebbihar.com पर अपना रौल नंबर और रौल कोड डालकर देख सकेंगे।
परीक्षा परिणाम हेतु लिंक समिति के मेन वेबसाइट biharboard.ac.in पर भी डाला गया है।

मैट्रिक कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 के परीक्षा परिणाम की विवरणी:-

 दिनांक 10.11.2016 से 12.11.2016 के बीच आयोजित मैट्रिक कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 में कुल 1,61,645 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिसमें से कुल 44,602 परीक्षार्थी (27.59:) उत्तीर्ण हुए और 1,16,687 परीक्षार्थी (72.18:) फेल हुए।

 मैट्रिक कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 में शामिल होने वाले 1,61,645 परीक्षार्थियों में कुल 97,895 छात्राएँ थीं, जिसमें 26,668 छात्राएँ (27.24:) उत्तीर्ण हुईं, तो वहीं कुल 71,017 छात्राएँ असफल रही।

 इसी प्रकार कुल 63,750 छात्र मैट्रिक कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 में सम्मिलित हुए, जिसमें कुल 17,934 छात्र (28.13) उत्तीर्ण हुए, तो वहीं कुल 45,670 छात्र असफल रहे।

 मैट्रिक कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 के दौरान कुल 25 परीक्षार्थियों को परीक्षा में कदाचार में लिप्त पाये जाने पर निष्कासित कर दिया गया।

 मैट्रिक कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 में कुल 319 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम को लंबित रखा गया है।

 राज्य के 9 प्रमण्डलों में उत्तीर्णता का प्रतिशत सबसे अधिक मुंगेर प्रमण्डल में है, जिसमें परीक्षा में शामिल कुल 10,449 परीक्षार्थियों में कुल 4,013 परीक्षार्थी (38.41:) उत्तीर्ण हुए।

 उत्तीर्णता का प्रतिशत सबसे कम सारण प्रमण्डल में है, जिसमें परीक्षा में शामिल कुल 23,082 परीक्षार्थियों में मात्र 5,568 परीक्षार्थी (24.12ः) ही उत्तीर्ण हुए हैं।

 पटना प्रमण्डल में उत्तीर्णता का प्रतिशत 27.72 रहा।

 पटना जिले में कुल 3,115 छात्राएँ मैट्रिक कम्पार्टमेन्टल परीक्षा में सम्मिलित हुई, जिसमें 794 छात्राएँ उत्तीर्ण (25.49:)हुई। जिले में कुल 1,576 छात्र परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिसमें 386 छात्र (24.49ः) उत्तीर्ण हुए।

 परीक्षा पद्धति में पूर्ण बदलाव के साथ दिनांक 10.11.2016 से 12.11.2016 के बीच मैट्रिक कम्पार्टमेन्टल परीक्षा राज्य के सभी 38 जिलों में 227 परीक्षा केन्द्रों पर कदाचारमुक्त तथा शांतिपूर्ण महौल में सम्पन्न हुई थी।

इंटरमीडिएट कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 के परीक्षा परिणाम की विवरणी:-

 दिनांक 12.11.2016 को आयोजित इंटर कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 में कुल 43,002 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिसमें से कुल 17,384 परीक्षार्थी (40.43ः) उत्तीर्ण हुए और 24,004 परीक्षार्थी (55.82ः) फेल हुए।

 इंटर कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 में शामिल होने वाले 43,002 परीक्षार्थियों में कुल 25,279 छात्राएँ थीं, जिसमें 10,831 छात्राएँ (42.85ः) उत्तीर्ण हुईं, तो वहीं कुल 13,526 छात्राएँ असफल रही।

 इसी प्रकार कुल 17,723 छात्र इंटर कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 में सम्मिलित हुए, जिसमें कुल 6,553 छात्र (36.97ः) उत्तीर्ण हुए, तो वहीं कुल 10,478 छात्र असफल रहे।

 इंटर कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 के दौरान कंुल 31 परीक्षार्थियों को परीक्षा में कदाचार में लिप्त पाये जाने पर निष्कासित कर दिया गया।

 इंटर कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 में कुल 822 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम को लंबित रखा गया है।

 राज्य के 9 प्रमण्डलों में उत्र्तींणता का प्रतिषत सबसे अधिक पटना प्रमण्डल में है, जिसमें परीक्षा में शामिल कुल 8411 परीक्षार्थियों में कुल 3874 परीक्षार्थी (46.06ः) उत्तीर्ण हुए, जिसमें 47.87 प्रतिषत छात्राएँ उत्तीर्ण हुई तथा 43.17 प्रतिषत छात्र सफल हुए।

 उत्तीर्णता का प्रतिशत सबसे कम पूर्णिया प्रमण्डल में है, जिसमें परीक्षा में शामिल कुल 2102 परीक्षार्थियों में मात्र 770 परीक्षार्थी (36.63ः) ही उत्तीर्ण हुए हैं।

 विदित हो कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इस वर्ष पहली बार इंटर में कम्पार्टमेन्टल परीक्षा का आयोजन किया गया।

परीक्षा व्यवस्था में पूर्ण बदलाव:-

 विदित है कि कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 में कदाचार को पूरी तरह रोकने के लिए अन्य व्यवस्थाओं के साथ परीक्षा केन्द्रों पर आवष्यकतानुसार सी0सी0टी0वी0 संस्थापित किया गया था। इसके अतिरिक्त परीक्षा संचालन से संबंधित गतिविधियों की विडियोग्राफी भी करायी गयी, जिससे परीक्षा के दौरान किसी भी अनियमितता को रोका जा सके।
 ज्ञातव्य हो कि इस वर्ष 2016 की वार्षिक परीक्षा के क्रम में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएँ प्रकाश में आई थी, जिसका त्वरित संज्ञान लेते हुए माननीय मुख्यमंत्री ने परीक्षा समिति की पूरी व्यवस्था में व्यापक सुधार करने तथा परीक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने का निर्देष दिया गया ताकि परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से कदाचारमुक्त और बेहतर बनाया जा सके।

 इन्हीं निर्देषों के आलोक में अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा विगत पाँच महीनों में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की कार्यप्रणाली एवं सम्पूर्ण परीक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किये गये।

 इस संबंध में अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने बताया कि कम्पार्टमेन्टल परीक्षा 2016 से ही समिति द्वारा फाॅर्म भरने से लेकर रिजल्ट घोषित करने तक के सभी चरणों में निम्नवत बदलाव किये गये:-

1. आॅनलाईन फाॅर्म भरने की प्रक्रियाः– सबसे पहले चरण में फाॅर्म भरने की प्रक्रिया को अब मैनुअल हार्ड काॅपी के बदले आॅनलाईन में परिवर्तन कर दिया गया है। अब तक इसके पूर्व लाखों की संख्या में विद्यालयों द्वारा परीक्षार्थियों का फाॅर्म कागज में भरकर बैंक ड्राफ्ट के साथ बोर्ड में जमा किया जाता था, जिससे परीक्षार्थी के नाम में अथवा पिता के नाम में या जम्नतिथि इत्यादि में कई बार अशुद्धियाँ हो जाती थी जिसे सुधार कराने के लिए उन्हें बोर्ड आॅफिस का चक्कर लगाना पड़ता था। इसे बदलते हुए अब पहली बार परीक्षार्थियों का आॅनलाईन फाॅर्म भराने की व्यवस्था लागू की गई, जिसमें ना सिर्फ समय की काफी बचत हुई, बल्कि इससे बोर्ड के स्तर पर नाम, उम्र या किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना भी खत्म हो गई।

2.Pre-Exam Software  तथा Post-Exam Software लागू करना:- परीक्षा सुधार की अगली कड़ी के रूप में परीक्षा के पूर्व के सभी कार्यों के लिए Pre-Exam Software तथा परीक्षा के बाद में सभी कार्यों के लिए Post-Exam Software विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से परीक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों को अब मैनुअल के बदले कम्प्यूटराइज्ड रूप से कराया जा रहा है, जिसे इस वर्ष कम्पार्टमेन्टल परीक्षा से लागू कर दिया गया है।

3. उत्तर पुस्तिकाओं के ऊपर OMR Sheet की व्यवस्था:- परीक्षा सुधार की अगली कड़ी में काॅपियों की पुरानी व्यवस्था को बदलकर अब बार कोडिंग वाले नई काॅपियों की व्यवस्था लागू की गई है। अभी तक वर्तमान में परीक्षा समिति की काॅपियों पर परीक्षार्थी का रौल नंबर और रौल कोड इत्यादि लिखा होता था और यही काॅपियाँ इन सभी सूचनाओं के साथ मूल्यांकन केन्द्रों पर भेजी जाती थी, जिससे काॅपी की जाँच के समय परीक्षार्थी की पहचान की पूरी विवरणी काॅपी में अंकित होती थी। इससे जाँच केन्द्रों पर कई बार अवांछित तत्वों द्वारा काॅपी जाँचने वाले परीक्षकों पर अनुचित दवाब बनाकर उसके अंक में परिवर्तन करने की शिकायत भी प्राप्त होती थी। अब काॅपियों की इस नयी व्यवस्था में प्रत्येक काॅपी के ऊपर OMR Sheet लगाया गया है, जिसके दो भाग हैं – इसके दाहिने हिस्से में परीक्षार्थी का नाम, रौल नंबर इत्यादि अंकित है, किन्तु बायें हिस्से में परीक्षार्थी के पहचान की कोई विवरणी नहीं है।

4. सभी जिलों में चीफ सेक्रेसी आॅफिसर एवं सेक्रेसी आॅफिसर की व्यवस्था:- सभी जिलों के ए.डी.एम. स्तर के पदाधिकारी को समिति द्वारा चीफ सेक्रेसी आॅफिसर बनाया गया, जिनकी देखरेख में राज्य के सभी 38 जिलों में समिति द्वारा सेक्रेसी पदाधिकारियों की नियुक्ति की गयी एवं उन सेक्रेसी पदाधिकारियों के माध्यम से सभी जिलों में इस वर्ष कम्पार्टमेन्टल परीक्षा के बाद 13 नवंबर 2016 को बार कोडिंग का कार्य सम्पन्न कराया गया। उसके बाद उन दोनों हिस्सों को सेक्रेसी आॅफिसर द्वारा फाड़कर अलग-अलग पैक कर समिति मुख्यालय को भेजा गया।

5. उत्तर पुस्तिकाओं एवं Flying slips की डिजिटल स्कैनिंग:- सभी जिलों से लाए गए कुल 2.79 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल स्कैनिंग एवं Flying slips (आधे कटे हुए OMR Sheet) की डिजिटल स्कैनिंग हाई स्पीड स्कैनर के माध्यम से समिति मुख्यालय में कराया गया।

6. उत्तर पुस्तिकाओं का कम्प्यूटरीकृत मूल्यांकन (Digital Marking):- परीक्षा व्यवस्था में सुधार की अगली कड़ी के रूप में काॅपियों के मूल्यांकन के लिए कम्प्यूटर पर डिजिटल मूल्यांकन की व्यवस्था की गई। इसके लिए राज्य के विभिन्न जिलों के शिक्षकों को कम्प्यूटर पर काॅपी जाँचने हेतु प्रशिक्षण दिलाया गया, जिसके बाद पूरे राज्य के 25 जिलों में 2 हजार से अधिक कम्प्यूटरों पर काॅपियों के मूल्यांकन का कार्य संपन्न कराया गया। इस पूरी प्रक्रिया के कारण न सिर्फ काॅपियों की गोपनीयता पूरी तरह अक्षुण्ण रही, बल्कि मूल्यांकन के क्रम में अनियमितता की संभावनाओं पर भी पूरी तरह से लगाम लगाया गया। साथ ही डिजिटल मूल्यांकन के लागू होने से कई तरह के लाभ हुए हैं – जैसे इसमें Totalling mistake के दृष्टांत पूरी तरह समाप्त हो गए, जिससे स्क्रूटनी के मामलों में काफी कमी होगी। साथ ही इससे रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया में भी लगने वाले समय में काफी कमी आई है।

7.Marksheet एवं Certificate की Online Verification की व्यवस्था:-परीक्षा की अगली कड़ी के रूप में Marksheet एवं Certificate के प्रारूप में परिवर्तन किया गया है। अब इन Certificate में कई प्रकार के अतिरिक्त Security Features यथा M-Sign, QR Code इत्यादि डाले गए हैं, जिससे कोई भी व्यक्ति दुनिया के किसी कोने से इन्टरनेट के माध्यम से इन प्रमाण पत्रों का आॅनलाईन Verification कर सकता है। इससे विधार्थियों के सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए बोर्ड भेजने की जरूरत नही पड़ेगी तथा विधार्थी अनावश्यक परेशानी से बच सकेंगे।

8. आधार कार्ड के द्वारा डिजिटल लाॅकर में प्रमाण पत्रों को भेजना:- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित परीक्षाओं में आधार कार्ड को जोड़ने की पहल की गई है, जिसका फायदा यह है कि आधार कार्ड नंबर उपलब्ध करानेवाले छात्रों को आधार कार्ड के साथ जो फ्री डिजिटल लाॅकर उपलब्ध कराया जायेगा, उसमें समिति द्वारा विधार्थियों के सभी प्रकार के प्रमाणपत्रों को निःषुल्क भेज दिया जायेगा। अर्थात् आधार कार्ड वाले विधार्थियों को उनके Marksheet, Provisional Certificate, Final Certificate, Transfer Certificate इत्यादि उनके डिजिटल लाॅकर में बिहार बोर्ड द्वारा भेज दिया जायेगा, जो ताउम्र सुरक्षित रहेंगे, जिसे वे दुनिया के किसी भी कोने से डाउनलोड कर सकते है।