यहां कोर्ट जाने पर ही मिलता है परीक्षाओं का रिजल्ट

622
0
SHARE

पटना: बिहार कर्मचारी चयन आयोग की अभी तक शायद ही कोई ऐसी परीक्षा हुई हो जो कोर्ट में नहीं गयी है। और ऐसी कोई परीक्षा नहीं रही है जो विवादों के घेरों में नहीं आया हो। हर परीक्षा किसी न किसी रूप में विवादित हो जाती है। कभी प्रश्नपत्र लीक और आंसर शीट व्हाट्सएप पर वायरल, परीक्षा मे हू-ब-हू वही प्रश्न। इस मामले में आयोग का रिकार्ड बहुत खराब रहा है।

बिहार कर्मचारी चयन आयोग की ज्यादातर परीक्षाओं का रिजल्ट कोर्ट जाने पर ही मिलता है। कभी आयोग की गलती की वजह से तो कभी अन्य मामलों को लेकर परीक्षार्थियों को कोर्ट जाना पड़ता है। यही वजह है कि किसी भी नियुक्ति की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पाती।

2014 सितम्बर से अभी तक बिहारी चयन आयोग की जितनी परीक्षाएं हुईं हैं सभी कोर्ट गयी हैं। एएनएम की परीक्षा, जीएनएम, स्टेनोग्राफर, सीनियर साइंटिस्ट, जेल वार्डेन और सीआई की परीक्षा सहित कुछ और परीक्षाएं भी कोर्ट तक पहुंच गईं।

पीटी का रिजल्ट हो या मुख्य परीक्षा का, कभी सवालों में गड़बड़ी तो कभी आरक्षण में गड़बड़ी, कभी मेधा सूची में हेरफेर तो कभी आयोग की लापरवाही। पीटी के बाद या मेंस के बाद हर बार कोर्ट में मामला गया है। इससे परीक्षार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।

-बीएसएससी की हर परीक्षा जाती है कोर्ट, बिना कोर्ट के नहीं निकलता है रिजल्ट

-कभी आयोग तो कभी परीक्षार्थियों की लापरवाही से होती है गड़बड़

आरक्षी अपर निरीक्षक 2004

प्रर्वतन अवर निरीक्षक 2004

सांख्यिकी सहायक 2007

ऑडिटर परीक्षा 2007

एएनएम 2006

उत्पाद अवर निरीक्षक 2008

स्वास्थ्य विभाग क्लर्क 2010

सचिवालय सहायक 2010

जूनियर इंजीनियर 2011

वहीं बीएसएससी द्वारा संशोधित रिजल्ट जारी किया गया था। इसमें 858 छात्रों को हटा दिया गया। इनमें कई छात्र कोर्ट चले गए हैं। छात्रों का कहना है कि पहले ही रिजल्ट नहीं देते। रिजल्ट देने के बाद हटाने का कोई नियम नहीं है।