यहां लाश का भी होता है इलाज!

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कैदी की मौत के बाद भी इलाज

भोजपुर- बिहार के आईएसओ प्राप्त आरा सदर अस्पताल की लचर व्यवस्था की लगातार पोल खुलने के बाद भी हम नहीं सुधरेंगे के तर्ज पर आज भी कार्य कर रहा है। आरा जेल में बंद शराब पीने के आरोपी बंदी को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया। अस्पताल में स्थिति नाजुक होने के बावजूद भी कैदी को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती न करके उसे कैदी वार्ड में ही रखा गया जबकि नियमावली के अनुसार शराब पीने के आरोपी बंदी को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराना चाहिए था, लेकिन उसे कैदी वार्ड में ही छोड़ दिया गया।

मृतक नंहक तेली को रविवार को बिहिया थाना क्षेत्र के धुस गाँव से शराब पीने के जुर्म में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था जिसके बाद बंदी लगातार बीमार चल रहा था। वहीं, स्थिती को नाजुक देखते हुए जेल प्रशासन ने इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया जहां चिकित्सको ने प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कर दिया। जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद से ही मृतक के घर में कोहराम मचा है। मृतक के तीन पुत्र और एक पुत्री है, जिसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। मृतक नंहक तेली की पत्नी भुआवाली देवी ने आरोप लगाया है की बुधवार की शाम में जेल से इन्हें इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल में लाया गया था, इसके बाद भी कोई देखभाल नहीं किया गया। यहां लाकर इसी तरह रख दिया गय॥ जिससे इनकी मौत हो गई। इनकी स्थिति नाजुक होने के बावजूद भी कोई भी चिकित्सक इलाज के लिए कैदी वार्ड में नहीं आया ।

आरा मंडल कारा में पदस्थापित पुलिस कर्मी ने अस्पताल व्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि कैदी की मौत चिकित्सक की लापरवाही का नतीजा है। जब हमलोग आरा मंडल कारा से अस्पताल लाये उस समय उसकी इतनी स्थिति खराब नहीं थी, लेकिन अस्पताल में आने के बाद इसे कैदी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया, हमलोग लगातार अस्पताल अस्पताल उपाधीक्षक से कहते रह गए लेकिन वे न ही यहां इलाज के लिए किसी चिकित्सक को भेजे न ही किसी आपातकालीन विभाग में कैदी को इलाज के लिए भेजा गया। सबसे बड़ी बात तो ये हुई कि कैदी की मौत के बाद भी तीन घंटे तक लगातार ऑक्सीजन और स्लाइन चढ़ाया जा रहा था।

कैदी की मौत के बाद मौत के बाद अस्पताल प्रशासन व जेल प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे हैं वहीं, बंदी के मौत की जानकारी जैसे ही जेल अधीक्षक निरंजन पंडित को हुई, वैसे ही आनन-फानन में आरा सदर अस्पताल पहुंच मामले की जानकारी प्राप्त की जेल अधीक्षक ने बताया कि मृतक नंहक तेली मंडल कारा में आने के बाद लगातार बीमार चल रहा था। जिसका इलाज एक दिन तक मंडल कारा में कराया गया। जिसके बाद स्थिति बिगड़ने पर बुधवार को उसे आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई हमे तो दो घंटे पहले कैदी की मौत की सूचना मिली है, कैदी को पोस्टमार्टम के बाद परिजन को शव सौप दी जाएगी।

आरा सदर अस्पताल में लगातार कुव्यवस्था का कोपभाजन मरीज बन रहे है, इलाज के लिए भले ही आते है लेकिन इलाज से संतुष्टि नही मिलती, मरीजो के परिजनों को लगता है कि मरीज का इलाज आरा सदर अस्पताल में नहीं हो सकता। सबसे बड़ी बात तो ये की सुशासनिक सरकार में शराबबंदी के बाबजूद शराब सेवन से मौत हो रही है, लेकिन सरकार पंगु होती जा रही है। कैदी की मौत के बाद अस्पताल की व्यवस्था पर कई सवाल उठ गए हैं।