यहां शरबबंदी पर बनेगी दुनिया की सबसे बड़ी मानव शृंखला

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पटना: बिहार में मद्य निषेध जागरूकता अभियान का दूसरा चरण 21 जनवरी, 2017 से शुरू होगा। दो महीने तक चलनेवाले इस अभियान का समापन बिहार दिवस के दिन होगा। 21 जनवरी को नेपाल के बॉर्डर से राज्य के विभिन्न जिले होते हुए उत्तर प्रदेश व झारखंड के बॉर्डर तक मानव शृंखला बनायी जायेगी। इसमें राज्य के सभी जिलों को कवर किया जायेगा।

इसमें तीन करोड़ से ज्यादा लोग भाग लेंगे। मानव शृंखला के लिए दो मेन रूट और चार सब रूट बनाये गये हैं. दूसरे चरण के अभियान आठ मार्च को सभी 534 प्रखंडों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जायेगा। वहीं 124 कला जत्था की टीम निकलेगी, जो गीतों और नुक्कड़ नाटक के जरिये शराब की खामियों को उजागर करेगी। मद्य निषेध के दूसरे चरण के लिए छह नये नाटक और 12 गीत तैयार किये गये हैं। इन्हीं का मंचन जगह-जगह पर होगा।

साक्षरता कर्मी जीविका की दीदियों के साथ-साथ ग्रामीण विकास, पंचायती राज विभाग के जुड़े कर्मी घर-घर में दस्तक देंगे और शराबबंदी से हुए लाभ के बारे में लोगों को बतायेंगे। मद्य निषेध अभियान के दूसरे चरण की तैयारी को लेकर रविवार को एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट में पदाधिकारियों की बैठक में प्रेजेंटेशन के जरिये पदाधिकारियों को ये जानकारी दी गयी।

मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गयी। दूसरे चरण के अभियान में जन शिक्षा के साक्षरता कर्मी और जीविका की दीदियां मिल कर काम करेंगी। मानव शृंखला बनाने के बाद मुख्य समारोह श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित किया जायेगा।

इस अभियान के लिए 10-15 नारे चयनित किये जायेंगे, जो सरकारी दीवारों और होर्डिंग पर लिखे जायेंगे। जन शिक्षा के सहायक निदेशक मो गालिब खान ने बताया कि आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी 534 प्रखंडों में हस्ताक्षर अभियान होगा। इसमें प्रखंडों में बड़े से कपड़े पर शराबबंदी के नारे लिखे होंगे और उस पर लोगों के हस्ताक्षर लिये जायेंगे। इन्हें बिहार दिवस के मुख्य समारोह में प्रदर्शित किया जायेगा।

इस अभियान के लिए शिक्षा विभाग के अलावा समाज कल्याण, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, सूचना व जनसंपर्क विभाग, उत्पाद व मद्य निषेध विभाग के अधिकारी व कर्मी भी भागीदारी निभायेंगे।

इसके लिए जिला स्तर पर कमेटी बनेगी, जो इसकी मॉनीटरिंग करेगी। मो गालिब खान ने प्रेजेंटेशन के जरिये अभियान की रूपरेखा बतायी। बैठक में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन, सचिव जितेंद्र श्रीवास्तव, ग्रामीण विकास के सचिव अरविंद चौधरी, बिहार शिक्षा परियोजना के निदेशक संजय सिंह, अपर सचिव मनीष कुमार, प्राथमिक शिक्षा निदेशक एम रामचंद्रुडू, जीविका के एमडी बाला मुरगन डी, जन शिक्षा के निदेशक विनोदानंद झा समेत सभी जिलों के डीइओ, डीपीओ (सारक्षता), सारक्षता विशेषज्ञ केके कृष्ण कुमार समेत पटना के रंगकर्मी मौजूद थे.

पंचायतों में चलेगा विशेष अभियान

21 जनवरी, 2017 से दूसरे चरण का मद्य निषेध जागरूकता अभियान शुरू होने से पहले प्रदेश के सभी जिलों की वैसे पंचायतें, जहां पूर्ण शराबबंदी सख्ती लागू नहीं हो सकी है, वहां विशेष अभियान चलेगा. इसके लिए मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है. बिहार के बॉर्डर इलाकों समेत कई जिलों के पंचायतों से ऐसी शिकायतें मिली थीं. इसके बाद अगले एक से डेढ़ महीने तक विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है.

अभी सबसे लंबी मानव शृंखला का विश्व रिकॉर्ड 1052 किमी का है, जिसे बांग्लादेश में अवामी लीग ने बनाया था। जबकि शिक्षा विभाग की ओर से तैयार रूट चार्ट के अनुसार यह मानव शृंखला करीब 3500 किमी लंबी होगी। इसमें तीन करोड़ से अधिक लोग शामिल होंगे। गांव, टोला, पंचायत, प्रखंड, वार्ड, जिले के प्रतिनिधि, स्कूल-कॉलेजों के बच्चे-शिक्षक व आम लोग भी शामिल होंगे। शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो मुख्यंमत्री नीतीश कुमार की निश्चय यात्रा के दौरान बिहार बोध जगने से इसमें चार करोड़ से ज्यादा लोग भी शामिल हो सकते हैं।

मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने शिक्षा विभाग को राज्यगीत के तर्ज पर राज्य नशामुक्ति गीत बनाने का निर्देश दिया है, जिसे सरकारी कार्यक्रमों में बजाया जायेगा. साथ ही गांवों में साक्षरताकर्मी और जीविका की दीदी डुगडुगी बजा कर शराबबंदी के फायदों के बारे में लोगों को बतायेंगी।