यहां स्ट्रेचर पर इंसान नहीं ईंटें ढोई जाती हैं

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हाजीपुर: पटना से सटे हाजीपुर स्थित सदर अस्पताल की हालत बेहद ही खास्ता है। डीएम के लाख समझाने के बाद भी सदर अस्पताल की सेहत पर कोई असर पड़ता नहीं दिखाई दे रहा। सोमवार को सदर अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों का नाटक लोगों ने देखा, वैसा शायद ही किसी को देखने या सुनने को मिला होगा। मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह तक ले जाने वाले सुविधाजनक स्ट्रेचर पर यहां ईंट ढोई जा रही थी।

इतना ही नहीं अस्पताल में दर्जनों आवार कुत्तों का जमावड़ा रहता है। सभी भवनों के बगल की गलियां गंदगी से फैली हुई रहती है। तीन दिसंबर को डीएम की जांच में सिविल सर्जन डा. इंद्रदेव रंजन ने जिलाधिकारी रचना पाटिल को यह आश्वासन दिया था कि 48 घंटे के अंदर गंदगी को साफ करा दिया जाएगा लेकिन ऐसा कुछ भी बदलाव नहीं दिखा।

चारों ओर गंदगी के अंबार अभी भी दिखे जा सकते है। दवा वितरण केन्द्र के समीप जो झाड़ियां भवन पर उगी हुई थीं वे यथावत हैं। फूटे हुए पैखाना के पाइप को बदलने के लिए कहा गया था लेकिन उसे भी ठीक नहीं कराया गया। कई जगहों के नल टूटे ही हैं। जहां से पानी बर्बाद हो रहा है।

वहीं एएनएम स्कूल के पीछे की ओर की नालियों की गंदगी सड़क की नाली में जाने के बजाय उल्टे अस्पताल परिसर में ही फैल रही है। लेबर वार्ड की भी गंदगी वैसे ही हैं। यहां सब कुछ भगवान भरोसे हो रहा है। इस अस्पताल को देखने वाला कोई नहीं है।