यह कैसी मजबूरी ?

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मुंगेर – ममता को शर्मसार करने वाला मामला फिर एक बार प्रकाश में आया है। जहां मुंगेर के किले क्षेत्र के खाई में किसी ने एक बच्चे को कार्टन में देर रात फेंक दिया जिसे सुबह स्थानीय लोगों ने देख पुलिस को सूचना दी। पुलिस डॉक्टर को लेकर पंहुची तो बच्चा मृत पाया गया। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

सवाल यह उठता है कि क्या मानवता इस हद तक नीचे गिर गई है कि लोग अब मासूम को भी नहीं छोड़ रहे? आखिर यह घिनौनी हरकत किस मजबूरी में आकर किया गया? क्या अंतर आत्मा नहीं काँपा होगा कलेजे के टूकड़े को फेंकते वक्त? तमाम सवालों के जवाब अब पुलिस की जांच के बाद ही मिल सकते हैं।

यहां बात अगर किसी तरह की मजबूरी की हो तो इसके और भी कई रास्ते थे। शिशु को किसी अनाथालय में भी दिया जा सकता था। जहां से खुशी-खुशी बच्चे की ललक में कोई माँ इसे ले जाती और नई जीवन देती। लेकिन इस तरह की शर्मनाक और हृदय विदारक घटना सुनकर दिल दहल जाता है।

कुछ दिन पहले की ही बात है जहां मुंगेर में तीन साल की बच्ची सना बोरबेल में गिर जाती है उसे बचाने के लिये सरकार और आम लोग एक जुट हो कर सना को बाहर निकाल लेते हैं। लेकिन दूसरी तरफ ऐसी घटना सामने आती है जहां नवजात को ही फेंक दिया जाता है।