युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड दिया जा रहा है- मुख्यमंत्री

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पटना:- विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज दरभंगा जिला के बिरौल प्रखंड के कमलपुर गांव का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान सात निश्चय के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों की प्रगति को देखा और गांव वासियों से उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के तहत जलमीनार का मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया और जैविक कृषि प्रोत्साहन के तहत कार्यों को देखा। इस दौरान वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया। भ्रमण के पश्चात प्लस टू जनता उच्च विद्यालय, शिवनगर घाट के प्रांगण में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री का स्वागत अंगवस्त्र एवं मखाने की माला पहनाकर किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 341 करोड़ की लागत से 102 योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास रिमोट के माध्यम से किया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा के सिलसिले में यहां उपस्थित होने का मुझे मौका मिला है। यात्रा शुरू करने के पहले मैंने निर्णय लिया था कि 2009 में विकास यात्रा के सिलसिले में जिन गाॅवों में ठहरने का मौका मिला था, वहां मैं फिर से जाऊंगा। उस विकास यात्रा में हमारे साथ मंत्रिमंडल के सहयोगीगण, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक एवं अन्य पदाधिकारीगण भी मेरे साथ टेंट में रुके थे। अगल-बगल के गांवों का भी मैंने भ्रमण किया था, संवाद कार्यक्रम में लोगों से बातचीत हुई थी, जहाॅ लोगों ने अपनी समस्याएं रखी थीं, जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, वह सब मुझे याद है। अभी पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी जिले से होते हुए आज दरभंगा के इस गांव में पहुंचा हूॅ। सुबह भवानीपुर भी गए थे, अभी बिरौल प्रखंड के कमलपुर गांव भी गये, मुझे आत्मसंतोष का भाव महसूस हो रहा है।गांव में परिवर्तन देखने को मिल रहा है, सभी क्षेत्र में काम हो रहे हैं। सड़क, पुल-पुलिया, अस्पताल सभी का निर्माण हो रहा है।

इन सबके अलावा सात निश्चय के अंतर्गत युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड दिया जा रहा है। कॉलेज एवं संस्थाओं का निर्माण हो रहा है, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पंचायती राज एवं नगर निकाय संस्थानों में 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है। स्वयं सहायता समूह के गठन से जीविका दीदीयों ने बहुत सारे कामों को अंजाम दिया है। जिनको पढ़ने का मौका नहीं मिला था, उनके माध्यम से बहुत कुछ सीख रही हैं। आठ लाख से ज्यादा स्वयं सहायता समूह का गठन हो चुका है, हमने इसका लक्ष्य दस लाख रखा है। एक समूह में 1 से 15 महिलायें होती हैं। इस हिसाब से एक करोड़ महिलाएं जुड़ जाएंगी। महिलाएं अपने परिवार के विकास के लिए, परिवार की आमदनी के लिए, समाज की बेहतरी के लिए आवाज बुलंद करती रहीं हैं। आप लोगों की मांग पर ही हमने शराबबंदी का निर्णय लिया। गोरखधंधे पर नजर रखी, आप लोग हाल ही में रोहतास जिले और वैशाली जिले की घटनाओं से अवगत होंगे, जहाॅ जहरीली शराब पीने की घटना सामने आई थी। आप लोगों से निवेदन है कि लोगों को समझाइए कि दो नंबर के धंधेबाजों के झाॅसे में न आयें। इससे उनकी जान जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने लड़कियों के लिए साइकिल योजना, पोशाक योजना चलाई। राज्य के सभी सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। सिपाही में कितनी महिलाओं को देख रहे हैं, मुझे खुशी हो रही है। पक्की गली का निर्माण, बिजली का कनेक्शन, हर घर नल का जल, शौचालय निर्माण, यह सब चीज हो जाए तो कितनी बड़ी बात होगी। 5000 लीटर का टैंक के माध्यम से वार्डों में नल द्वारा जल की आपूर्ति होगी। 4 वर्षों के अंदर इन सब चीजों पर काम हो जाएगा। अगले वर्ष के अंत तक हर घर तक बिजली पहुंच जाएगी। शौचालय का निर्माण भी हो रहा है, इसका उपयोग कीजिए। अगर शौचालय का प्रयोग होने लगे और शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो जाए तो 90 प्रतिषत बीमारियों से राहत मिल जाएगी।

2005 में हमारी सरकार बनी थी तो हमने लक्ष्य रखा था कि राज्य के किसी भी कोने से 6 घंटे में पटना पहुंचा जाएगा और इस लक्ष्य को अब 5 घंटे का कर दिया गया है। हर परिवार को नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हो, इसके लिए प्रयत्नशील हैं। विकास का काम चल रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन के लिए नई नीतियाॅ बनी हैं। कृषि रोड मैप से किसानों का भला होगा, सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन बैंकों के माध्यम से देने का फैसला किया गया है। इसे आधार कार्ड से जोड़ा भी जा रहा है। पूरे देश में यह काम हो रहा है। केंद्र सरकार को मैं इसके लिए बधाई देता हूं। चिंता मत कीजिए, जो वाजिब लोग हैं, उनको उनका हक मिलेगा। बिचैलिए इसमें फायदा उठा रहे हैं। आप जनप्रतिनिधि लोग इस पर नजर रखिए। जो जरूरतमंद हैं, उनको पैसा मिले। कानून का राज कायम रहेगा, भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज सुधार की दिशा में अनेक काम किए जा रहे हैं। सामाजिक कुरीति से छुटकारा पाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। शराबबंदी से लाभ हो रहा है। अब बचे हुए पैसे भोजन, कपड़ा और पढ़ाई पर खर्च हो रहे हैं। शांति का वातावरण है, जो महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हो रही थीं, उस पर लगाम लगा है। बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी प्रखंड के रमौली गांव की रिंकी कुमारी आठवीं कक्षा की छात्रा है, उसकी शादी हो रही थी। उसने पुलिस को फोन किया और शादी रुक गई। उसके माता-पिता इस बात को समझ गए। मैं उसे पूरी शुभकामनायें देता हूं। मैंने तो निर्णय किया है कि बिना दहेज वाली शादी में ही जाऊंगा। जिस कार्ड पर छपा होगा कि मैंने दहेज नहीं लिया है, उसी में शामिल होऊॅगा। गरीब परिवार के लोग सोचते हैं कि लड़की बड़ी हो जाएगी तो ज्यादा पैसा शादी में लगेगा इसलिए बाल विवाह कर देते हैं। 18 वर्ष से कम उम्र में शादी करने से गर्भधारण करने पर जानलेवा खतरा रहता है। साथ ही जो बच्चे पैदा होते हैं, वह मंदबुद्धि और बौनेपन के शिकार होते हैं। बाल विवाह एवं दहेज प्रथा एक दूसरे से जुड़ा हुआ है। कानून बना हुआ है लेकिन इसमें सफलता तभी मिलेगी, जब आप निर्णय कीजिएगा। वैसी शादी में नहीं शामिल हों, जिसमें दहेज लिया गया हो। अगर उसमें आप शामिल नहीं होंगे तो वह अलग-थलग पड़ जाएगा और उसकी बदनामी होगी।

समाज में कितना बड़ा बदलाव आएगा। इस परिवर्तन की चर्चा देश के बाहर भी हो रही है और अपने राज्य में भी। हाल ही में कर्नाटक सरकार की तरफ से एक टीम आई थी, गांव का भ्रमण किया और मुझसे भी मुलाकात किया था। देश के लोग इसका अनुसरण करेंगे और राज्य की प्रतिष्ठा बढ़ेगी। इस साल 21 जनवरी को शराबबंदी के खिलाफ बहुत बड़ी मानव श्रृंखला बनी थी, मैं आपसे अपील करता हूं कि 21 जनवरी 2018 को रविवार के दिन शराबबंदी, नशामुक्ति, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ सबसे बड़ी मानव श्रृंखला बनाकर रिकॉर्ड कायम कीजिए। गांव से ब्लॉक, ब्लॉक से जिला, इस तरह से पूरा राज्य जुड़ जाएगा। पिछली बार से ज्यादा रिकॉर्ड बनेगा और दुनिया में उसकी चर्चा होगी। सामाजिक सदभाव का माहौल बनाए रखिए, विकास का लाभ सबको मिलेगा। इस मिथिला की धरती की बहुत खासियत है। कुछ दिन पहले मैं विद्वान अयाची मिश्रा के घर गया था। 600 वर्ष पहले वह बिना किसी राज सहायता के बच्चों को निःशुल्क पढ़ाते थे लेकिन उनकी एक शर्त थी कि षिक्षित विद्यार्थी फिर उन 10 बच्चों को पढ़ायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि रोड मैप के अन्तर्गत यह लक्ष्य रखा गया है कि हर एक हिंदुस्तानी के थाल में एक बिहारी व्यंजन अवश्य हो। मिथिला के मखाना के माध्यम से हम हर एक हिंदुस्तानी के थाल में जरूर पहुंचेंगे। आप लोग एकजुटता के साथ लगे रहिए, समाज के सुधार को काम को आगे बढ़ाते रहिए। मैं जिला प्रशासन को धन्यवाद देता हूं कि 341 करोड़ की लागत से 102 योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन आज हुआ है लेकिन यह ध्यान रहे कि जिसका षिलान्यास कराया गया है, वह समय पर पूरा हो जाए। बिरौल प्रखंड में आई0टी0आई0 एवं ए0एन0एम0 संस्थान खोले जायेंगे।

कुुशेश्वर स्थान से फूल तोरा सड़क का निर्माण पथ निर्माण विभाग जल्द से जल्द पूरा करेगा। उप सचिव मॉनिटर करेंगे। शराबबंदी, नशामुक्ति पर नजर रखिये। बिजली के खंभों पर फोन नंबर लिखा रहेगा। जो गड़बड़ करेंगे, उसकी सूचना दीजिए। आप सबकी उपस्थिति के लिए मैं आपका अभिनंदन करता हूं। मिथिला की इस धरती को नमन करता हूं। कार्यक्रम की शुरुआत में रिंकी कुमारी को मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किया, जिसने बाल विवाह के खिलाफ अपनी शादी तोड़ दी थी। वहीं मुख्यमंत्री ने अंकित कुमार एवं जूही जायसवाल को दहेज मुक्त विवाह करने के लिए सम्मानित किया। सभा को भवन निर्माण मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री हैं महेश्वर हजारी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री मदन सहनी, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेषक पी0के0 ठाकुर ने भी सभा को संबोधित किया।

इस अवसर पर विधायक सुनील चौधरी, शशि भूषण हजारी, अमरनाथ गांधी, संजय सरावगी, जीवेश कुमार, विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह, अर्जुन सिंह, योजना पर्षद के सदस्य परिषद संजय झा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीष चन्द्रा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी चंद्रशेखर, वरीय पुलिस अधीक्षक सत्यवीर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।