युवा कैशलेस अभियान में लगे हैं और राज्य सरकार जाॅबलेस में: नंदकिशोर यादव

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पटना: 12 फरवरी 2017। भाजपा के वरिष्ठ नेता सह लोक लेखा समिति के सभापति नंदकिशोर यादव ने कहा कि बिहार में स्कूल और कालेज की छात्र-छात्राएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रभावित होकर लोगों को कैशलेस और डिजीटल करने के लिए जागरूकता के अभियान में लगे हुए हैं, पर यहां का सरकारी तंत्र हर स्तर की परीक्षाओं में गड़बड़ी कर युवा प्रतिभाओं का भविष्य चौपट करने में लगा हुआ है। जिस तरह से 2005 से पूर्व बड़े पैमाने पर हुए मेधा घोटाले ने बिहार की प्रतिभाशाली छात्रों को कुंठित कर एक पूरी पीढ़ी का भविष्य चौपट कर दिया था, फिर से बिहारवासी वैसे ही हालात की ओर जा रहे हैं। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि बिहार के जो नेता बेरोजगारों के हितैशी बनने का स्वांग रचकर शोर मचाते हैं, उन्हें फिर से बर्बादी के गड्ढे में धकेली जा रही पूरी पीढ़ी की लेस मात्र चिंता नहीं है। डिजीटल हो रहे देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का प्रयास कर रहे युवाओं को राज्य में ही व्याप्त अराजकता और भ्रष्टाचार का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

श्री यादव ने कहा कि बिहार के युवाओं में भविष्य की दुविधा को लेकर जबर्दस्त आक्रोश पनप रहा है। केन्द्र की सरकार तो युवाओं को रोजगार से जोड़ने के रास्ते बना रही है। राह में आने वाले भ्रष्टाचार जैसी बाधाओं को जड़ से नष्ट करने के लिए सख्त कदम उठाने में लगी हुई है। पर भ्रष्टाचार से काली कमाई करने के आदी बिहार के कुछ नेता शोर मचा-मचा कर केन्द्र को कोसने में लगे हैं। फिर से सूबे को 2005 से पूर्व की स्थिति में ले जाना चाह रहे हैं। ऐसे नेताओं के शह और संरक्षण में फिर से परीक्षाओं की डोर भी चंद भ्रष्ट हाथों में सौंपकर बेरोजगारों – छात्रों को कठपुतली बनाया जाने लगा है। परीक्षाओं के प्रवेश पत्र से लेकर प्रश्नपत्र तक छात्रों को धांधली और गड़बड़ियों से दो-चार होना पड़ रहा है।

श्री यादव ने कहा कि 2005 से पूर्व का दंश झेल चुकी पीढ़ी की प्रतिभा तो कुंद कर ही दी गयी थी, नयी पीढ़ी ने जिस भ्रमजाल में फंसकर महागठबंधन की सरकार बनायी है कम से कम उसे सरकार बख्स दे। हालांकि साल भर में ही युवाओं समेत पूरा बिहार खुद को ठगा महसूस करने लगा है। हर वर्ग आक्रोश में है। ऐसा न हो कि बिहार के युवा, छात्रों और बेरोजगारों का आक्रोश ज्वालामुखी बनकर फूट पड़े और उस ज्वालामुखी में महागठबंधन सरकार का वजूद तक स्वाहा हो जाए।