यूपीएससी में 53वीं रैंक हासिल करने वाली ज्योति से जानिए उनकी सफलता का राज

447
0
SHARE

भागलपुर- बिहार में प्रतिभावानों की कमी नहीं है। उड़ने के लिए पंख नहीं हौशलो में भी जान होती है, जिसे आप अपनी मुकाम हासिल कर सकते है। बिहार हमेशा से ही चर्चा में रहा है चाहे वो कोई भी क्षेत्र हो, राजनीति हो या शिक्षा।

आज हम बात करेंगे बिहार के कहलगाँव (भागलपुर) के एक बिजनेसमैन जगन्नाथ प्रसाद की बेटी की जिन्होंने अपनी मेहनत के बदौलत यूपीएससी जैसे कठिन परीक्षा में 53वीं रैंक प्राप्त कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में अपनी जगह सुनिश्चित कर लिया है साथ ही बिहारवासियो को यह भी सन्देश देने का काम किया है लड़की किसी भी क्षेत्र में अब पीछे नहीं रहने वाली है।

ज्योति ने कैसे की परीक्षा की तैयारी

ज्योति ने बताया कि इस बार वो परीक्षा की तैयारी अपने जॉब के साथ की है। संचार विभाग में पोस्टेड थी तो दिनचर्या काफी कठिन थी। सुबह 6 से 9 बजे तक पढ़ाई करने के बाद ऑफिस का भी काम होता था फिर ऑफिस से लौटने के बाद 5 घंटे की पढ़ाई करने का मेरा टारगेट था। प्रिलिम्स और मेंस के बीच का महीने काफी संघर्षपूर्ण रहा है जिसकी वजह से मुझे यह मुकाम मिला। मैंने इतिहास को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट में रखा था।

ज्योति की शुरुआती शिक्षा

प्रारम्भिक शिक्षा कहलगाँव से ही हुई। मैंने संत जोसेफ स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की। उसके बाद मैंने बारहवीं जवाहर विद्या मंदिर रांची से किया। उस समय डॉक्टर बनने की सपना देख रही थी। लेकिन उस समय सिविल सर्विसेज की जानकारियां मुझे मिली तो मैंने ठान लिया की यूपीएसी की परीक्षा में मैं निश्चित रूप से अपनी भाग्य अजमाऊंगी तभी से मैंने सिविल सर्विसेज की तैयारी में लग गयी। पास-पड़ोस की कठिनाइयों को देख मुझे बहुत चिंता सताने लगीं थी, गरीबों को रियल लाइफ में कितनी तकलीफों को झेलना पड़ता है ये किसी से छुपा हुआ नहीं है, मैंने अपनी पिताजी को भी बिजनेस में संघर्ष करते हुए देखा था।

मुझे बिहारी होने पर गर्व है


मुझे भारतीय होने के साथ साथ बिहारी होने पर भी काफी गर्व है। बिहार मेरी मातृभूमि है, मेरा बेस वहीं जेनरेट हुआ है और वहीं बेस मुझे आज इस मुकाम पर पहुँचाया। मेरे आसपास शिक्षा का माहौल काफी अच्छा था। मेरे पिताजी भी मेरी शिक्षा पर काफी ध्यान दिया जिसकी वजह से आज मुझे बहुत लोगो से शुभकामनाये मिल रही है। मुझे भी काफी खुशी मिल रही है।

ज्योति ने दिया संदेश, शेयर किया अपना अनुभव

देश में शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत ही महत्व है यह ही एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें विकसित होने के बाद ही देश का भविष्य सुनिश्चित होने के साथ-साथ लोगो की अपनी भी भविष्य सुनिश्चित हो जाती है। विद्यार्थियों को समझने की जरूरत है कि यूपीएससी आपसे क्या चाहती है, डिमांड और पैटर्न दोनों में अंतर है उसको समझने की जरूरत के साथ-साथ स्मार्ट मेहनत की भी जरूरत है तभी सफलता सम्भव है। इसको क्रैक करना इतनी आसान नहीं है, लेकिन मेहनत के साथ मानसिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए तैयारी करने से सफलता हासिल हो सकती है। मैं भी इतना श्योर नहीं थी कि मेरा भी निकलेगा ही लेकिन इतना जरूर लगता था कि इस बार वो सफलता जरूर हासिल होगी।