‘यूपी में प्रवेश से पहले ही ठिठक गया महागठबंधन का घोड़ा’

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पटना 09 फरवरी 2017। भाजपा के वरिष्ठ नेता सह लोक लेखा समिति के सभापति नंद किशोर यादव ने कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद भाजपा के रथ और रथ के पहियों की चिंता छोड़ आत्म विश्लेषण करें कि महागठबंधन का घोड़ा उत्तर प्रदेश में प्रवेश से पहले ही क्यों ठिठक गया। लालू जी शायद यह भूल रहे हैं कि जब भी उन्होंने रथ को रोकने की बात की है, जनसमर्थन भाजपा को ही मिला है। इस बार भी भाजपा तो उत्तर प्रदेश में विजय रथ पर सवार होकर शान से झंडा गारने वाली है, पर लालू जी बतायें कि महागठबंधन के घटक दलों राजद और जदयू का घोड़ा उत्तर प्रदेश की सीमा में घुसने से पहले ही किसकी डर से अड़ गया। राष्ट्रीय राजनीति करने का दावा करने वाला तीसरा घटक कांग्रेस बैसाखी बनकर हैसियत बचाने को मजबूर हो गया।

श्री यादव ने कहा कि अपने बूते एक राज्य में भी सरकार बनाने की हैसियत नहीं रखने वाले दल और कथित तौर पर महागठबंधन का नेता बने लोग भी अपार जनसमर्थन की अनदेखी कर भाजपा के बारे में अनर्गल प्रलाप करते रहते हैं। दरअसल भाजपा के रथ का पहिया नहीं, बल्कि कुछ नेताओं के अरमान टूट गये हैं। कुछ नेता देश का किंगमेकर तो कुछ उत्तर प्रदेश का रणनीतिकार बनने का ख्वाब पाले हुए थे।पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनहितकारी और देश के मान-सम्मान से जुड़े फैसलों ने ऐसी आंधी चलायी कि ऐसे नेताओं के ख्वाब ही उजड़ गये।

श्री यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को मिल रहे जनसमर्थन के आगे न तो सपा-कांग्रेस गठबंधन टिकने वाली है, न ही बसपा। जिसे जितना चाहे जोर लगाना हो या जैसे भी जोड़-तोड़-गठजोड़ करना है कर ले। जनता से मिल रहे अपार स्नेह के बूते सरकार तो भाजपा ही बनाएगी।