रंग लाई ग्रामीणों की पहल, तस्करी के लिए ले जा रहे गाय जब्त

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दिलीप कुमार

कैमूर – पशु तस्करी के लिए तस्करों ने कैमूर को सेफ जोन बना डाला है। प्रतिदिन दर्जनों गाड़ियां पशु तस्करी के लिए निकलती है। इसका खुलासा तब होता है जब या तो पुलिसिया कार्रवाई में गाड़ियां पकड़ी जाती है या फिर ग्रामीणों के पहल पर गाड़ियों को रोका जाता है।

आज गायों से भरी एक ट्रक को ग्रामीणों ने पकड़ कर पूछताछ करना शुरू किया तो पता चला कि एक ट्रक में 25 की संख्या में गाय और उनके छोटे-छोटे बछड़ों को क्रूरता पूर्वक ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। जिसमें कुछ गाय दुधारू थी। सभी गाय को भभुआ थाना क्षेत्र के बबुरा से लोड कर कोलकाता ले जाने के लिए दो तस्कर एक खलासी और एक ड्राइवर ट्रक लेकर निकले थे, तभी ग्रामीणों के पहल पर ट्रक को तो पकड़ लिया गया लेकिन तस्कर और खलासी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल हो गए। लेकिन गांव वाले दुधारू गायों को देख कर कुछ गायों को पालने के लिए अपने साथ लेते गए और बच्चे गायों को भभुआ पुलिस अपने साथ लेती गई।

महेंद्र पांडेय ने बताया कि अक्सर कैमूर में पशुओं की तस्करी धड़ल्ले से होती है, लेकिन प्रशासन जानते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं करता है। यह लोग बेखौफ होकर गाड़ियों में प्रतिदिन मवेशी ले जाते हैं कोई कार्रवाई नहीं होने से इनके मनोबल बढ़ा हुआ है।

वहीं ग्रामीणों के द्वारा पकड़े गए ट्रक के ड्राइवर ने बताया कि भभुआ थाना के बबुरा से सभी मवेशी को लोड किया था 28,000 रुपये अभी मिला था और पैसे कोलकाता पहुंचने के बाद मिलने वाला था। मुझे सिर्फ सभी जानवरों को कोलकाता पहुंचा देना था। बाकी गाड़ी के साथ रहे और लोग अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

वहीं पुलिस ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा सूचना दिया गया था कि एक ट्रक में भरे हुए मवेशी पहुंचे हैं, इसे ले जाने के लिए आए हैं और ड्राइवर को गिरफ्तार कर ले जा रहे हैं।