राजद अल्पसंख्यकों को ‘राजनीतिक हथियार’ समझना बंद करे – नीरज

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पटना- जनता दल (युनाइटेड) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि ’दागी’ तेजस्वी यादव अपनी कथित न्याय यात्रा के क्रम में आज किशनगंज में हैं, परंतु किशनगंज के आंकड़े यह बताने के लिए काफी हैं कि राजद केवल अल्पसंख्यकों को भय दिखाकर उसे बरगलाते रही है।

’दागी’ तेजस्वी , अन्य जिलों की तरह ही किशनगंज जिले में भी नीतीश कुमार के मुख्यमंत्रित्व काल के 12 वर्ष की विकास योजनाओं के सामने राजद के 15 साल के शासनकाल विकास योजनाओं कहीं नहीं ठहरती। तेजस्वी , आंकड़े झूठ नहीं बोलते। आंकडें बताते हैं कि राजद ने अब तक अल्पसंख्यकों को ’राजनीतिक हथियार’ के रूप में ही इस्तेमाल किया, परंतु उनके कल्याण की सुध नहीं ली।

किशनगंज जिले में नीतीश के शासनकाल में 10.60 करोड रुपये की लागत से 111 कब्रिस्तानों की घेरांबदी करवाई गई है, जबकि राजद के शासनकाल में ऐसी कोई योजना नहीं थी। किशनगंज जिले के 290 मदरसों (2015-16) में 63,627 छात्र-छात्राएं शिक्षाग्रहण कर रहे हैं। यही नहीं, यहां के 53,457 अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को सरकार द्वारा वजीफा दिया जा चुका है।

’दागी’ तेजस्वी , आज आप अल्पसंख्यक बहुल जिले में हैं, आपके राजद की सरकार ने इन अल्पसंख्यक परिवारों के लिए क्या किया था केवल इतना तो बता दें। यहां के लोगों के लिए यही सही ’न्याय’ होगा। ’न्याय के साथ सुशासन’ के मूलमंत्र के साथ आगे बढ रही सरकार में किशनगंज जिले में पिछड़ा-अतिपिछड़ा वर्ग के प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत 4,07,340 विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया जा चुका है।

राजद की उपाध्यक्ष राबड़ी देवी जी से राजद के शासनकाल के कामकाज का हिसाब मांगा था, परंतु अब तक नहीं मिला। यही कारण है कि आपके किशनगंज दौरे के दौरान यह आंकड़ा आपको बताना पड़ रहा है। अब आप खुद आकलन कर लें।

शिक्षा के क्षेत्र की बात करें तो वर्तमान सरकार में शिक्षा पर विशेष ध्यान है। किशनगंज जिले में 2005-06 में कुल स्कूलों की संख्या जहां 649 और शिक्षकों की संख्या 2,616 थी, वहीं 2015-16 में स्कूलों की संख्या बढ़कर 1,749 व शिक्षकों की संख्या 8,711 तक पहुंच गई। इसी तरह स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या 2005-2006 में जहां 1,70,394 थी वहीं 2015-16 में यह संख्या बढकर 4,37,168 हो गई।

राजद सरकार की पहचान ही अपराध की रही है, यही कारण है कि उस समय के काल को ही ’जंगलराज’ कहा जाता है। राजद के शासनकाल की तुलना में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्रित्व काल में किशनगंज जिले में जहां डकैती के मामलों में 79 फीसदी की कमी आई है वहीं हत्या के मामलों में दो प्रतिशत, दुष्कर्म के मामलों में आठ प्रतिशत, फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में 20 प्रतिशत तथा सड़क डकैती के मामलों में 75 प्रतिशत की गिरावट आई है।

नीतीश के कार्यकाल में किशनगंज जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 1,878 किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें 1,584 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इसी तरह 1,067 किलोमीटर पथ प्रस्तावित हैं।

’दागी’ तेजस्वी , आपकी यात्रा में आपको कितने लोग सुनने आ रहे हैं, यह आपकी समस्या है परंतु कृपया, यह बता दें कि इस कथित ’न्याय यात्रा’ के दौरान आप अपने परिवारों की बेनामी संपत्ति का ब्योरा आप कब जारी करेंगे ? वहीं यहां की जनता के साथ सच्चा न्याय होगा।