राजद काल में नरसंहार से प्रभावित परिजनों से मिल लें तेजस्वी – नीरज

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पटना- जनता दल (युनाइटेड) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि ’दागी’ तेजस्वी यादव अपनी कथित न्याय यात्रा के प्रारंभ में कटिहार में दलित परिवार के घर खाना खाया, परंतु क्या वे पूर्णिया के निखरैल गांव में उन आदिवासी परिवारों के घर के लोगों से भी मिलने जाएंगे जिनके परिवार राजद के शासनकाल में एक नरसंहार की भेंट चढ गए थे?

’दागी’ तेजस्वी , आपने अपनी कथित ’न्याय यात्रा’ की शुरूआत दलित परिवार के घर खाना खाकर किया है, इसके लिए साधुवाद। परंतु कहीं आपने खाना के बाद उस परिवार की जमीन तो नहीं अपने नाम करवा ली। यह भी लोगों को बताएंगे।

राजद के उपाध्यक्ष राबड़ी देवी जी राजद के शासनकाल के कामकाज का हिसाब अब तक नहीं दी। पूर्व उपमुख्यमंत्री आज आप पूर्णिया में अपनी यात्रा के क्रम में हैं, परंतु आंकडे बताते हैं कि इस जिले में भी राजद के शासनकाल में लोग अपराध की घटनाओं से त्रस्त थे।

राजद के कार्यकाल में 14 दिसंबर 1998 में पूर्णिया के निखरैल गांव में नरसंहार में सात लोगों की हत्या कर दी गई थी। इसके अलावे राजद के 15 साल के शासनकाल की तुलना में नीतीश कुमार के 12 साल के मुख्यमंत्रित्व काल में पूर्णिया जिले में जहां हत्या के मामलों में 39 प्रतिशत की गिरावट आई, वहीं दुष्कर्म के मामलों में 26 प्रतिशत, फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में 94 प्रतिशत तथा सड़क रॉबरी के मामलों में 63 प्रतिशत की गिरावट आई है

नीतीश के कार्यकाल में पूर्णिया जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 3,237 किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें 2,630 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इसी तरह 1,585 किलोमीटर पथ प्रस्तावित हैं।

’दागी’ तेजस्वी यह भी आपकी जानकारी में होना चाहिए कि नीतीश के शासनकाल में पूर्णिया जिले में अब तक 196 कब्रिस्तानों की घेराबंदी हो चुकी है तथा वर्ष 2008-09 से अल्पसंख्यक छात्रों के लिए वजीफा देने की योजना के तहत अब तक 72,370 छात्रों को वजीफा दिया जा चुका है। राजद के शासनकाल में तो अल्पसंख्यक वोटबैंक मात्र हुआ करता था।

इसी तरह युवाओं में हुनर के लिए कुशल युवा कार्यक्रम के तहत 5,453 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है तथा मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता योजना के तहत 1,833 लोगों को भत्ता दिया जा रहा है।

राजद के शासनकाल में शिक्षा की क्या हालत थी, यह छिपी नहीं है, परन्तु वर्तमान सरकार में शिक्षा पर विशेष ध्यान है। पूर्णिया जिले में 2005-06 में कुल स्कूलों की संख्या जहां 1251 और शिक्षकों की संख्या 5032 थी, वहीं 2015-16 में स्कूलों की संख्या बढ़कर 2,587 व शिक्षकों की संख्या 14,040 हो गई है। इसी तरह स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या में 2005-2006 में जहां 4,00,589 थी वहीं 2015-16 में यह संख्या 8,05,684 हो गई।

पूर्णिया जिले में नीतीश जी के मुख्यमंत्रित्व काल में 30 से ज्यादा मध्य विद्यालय माध्यमिक विद्यालय बन गए। पिछड़ा वर्ग-अति पिछड़ा वर्ग प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत अबतक 8,80,544 छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई।

’दागी’ तेजस्वी आपकी यात्रा मंगलमय हो, परंतु आप अपने पुत्रधर्म का निर्वहन करते हुए जेल में पड़े अपने पिताजी की भी जमानत के प्रति भी कुछ विचार कीजिए।