राजद पार्टी नहीं, बल्कि लालू की निजी संपत्ति है – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

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पटना:- आज 1 अणे मार्ग स्थित लोक संवाद भवन में मुख्यमंत्री के लोक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आज आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन, पुलिस, गृह, निगरानी, पंचायती राज, सहकारिता, नगर विकास एवं आवास, मद्य निषेध निबंधन एवं उत्पाद विभाग, वाणिज्य कर, राजस्व एवं भूमि सुधार, खान एवं भूतत्व, परिवहन तथा आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित मामलों पर 05 लोगों द्वारा मुख्यमंत्री को अपना सुझाव दिया गया।

आयोजित लोकसंवाद कार्यक्रम में सीवान जिले के मोइया गांव के निवासी प्रभात सिंह, सुपौल जिले के डुमरी गांव के आलोक कुमार, कैमूर जिले के खेसारी गांव निवासी परमानंद कुमार यादव, पू.चंपारण जिले के स्टेशन रोड, रगौली निवासी राहुल कुमार मिश्रा, पू0 चंपारण जिले के खजुरिया गांव निवासी जय प्रकाश रामानंद शुक्ला ने अपने-अपने सुझाव एवं राय मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। प्रभात सिंह द्वारा भूमि रूपांतरण के लिये किये गये आवेदन में दो वर्ष बीत जाने पर भी समाधान नहीं होने पर जाॅच कर कार्रवाई का निर्देश मुख्यमंत्री ने विभागीय पदाधिकारी को दिया। आलोक कुमार के भूमि निबंधन से संबंधित समस्या के समाधान हेतु जिला अभिलेखागार एवं जिला निबंधन को आर0टी0पी0एस0 के दायरे में लाने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने प्रधान सचिव गृह विभाग आमिर सुबहानी को कार्रवाई का निर्देश दिया। अन्य प्राप्त सुझाव एवं राय पर संबंधित विभाग के प्रधान सचिव/सचिव ने वस्तु स्थिति को स्पष्ट किया। लोगों से प्राप्त सुझाव एवं राय पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/ सचिव को कार्रवाई हेतु निर्देशित किया।

आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में निबंधन, मद्य निषेध उत्पाद एवं वाण्ज्यि कर मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम नारायण मंडल, परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला, सहकारिता मंत्री राणा रंधीर सिंह, पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक पी0के0 ठाकुर, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी, प्रधान सचिव मंत्रिमण्डल समन्वय ब्रजेश मेहरोत्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा सहित संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव उपस्थित थे।

आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों के ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन के रद्द होने से संबंधित प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भारत सरकार के ऊर्जा विभाग का कार्यक्रम था। अंत समय में रद्द होना इम्बरेशमेंट था। राज्य सरकार की भूमिका फैसिलिटेटर की है, हमलोगों ने लोगों के आतिथ्य की व्यवस्था कर ली थी। इसके लिए स्टेट गेस्ट का भी कुछ लोगों को दर्जा दिया गया था। प्रधान सचिव ऊर्जा प्रत्यय अमृत ने इस विषय पर कहा कि जहां तक खर्च की बात है भारत सरकार के विभिन्न उपक्रमों के द्वारा कुल खर्च का अनुमान 1 करोड़ 90 लाख का था। बिहार सरकार को आतिथ्य पर खर्च करना था जिसके लिए मात्र 15 लाख की जरुरत थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे भी भारत सरकार के राज्य मंत्री ऊर्जा विभाग का पत्र शामिल होने के लिए मिला था। आयोजन होता तो अच्छा होता। बिहार कितना अच्छा है लोग इसे देखते और समझते।

पाटीदारों के आरक्षण के समर्थन से संबंधित प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि न सिर्फ पाटीदार बल्कि जाट, मराठा सभी तरह के समुदाय जो कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, उनके आरक्षण की मांग का समर्थन करते हैं। समय के साथ अग्रेरियन क्रायसिस उत्पन्न हुआ है। कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए लोग इसकी मांग कर रहे हैं। परिस्थिति के अनुसार बदलाव हुआ है। इसका कोई पॉलिटिकल लेना देना नहीं है। महिला आरक्षण के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव हुआ करते थे, उस समय भी राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक का हमारी पार्टी ने समर्थन किया था। आज लोकसभा में ये प्रस्ताव आए तो हमलोग इसका समर्थन करेंगे।

हमलोगों ने क्रमषः वर्ष 2006 एवं 2007 में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया था। इससे सभी वर्ग की महिलाओं को लाभ मिल रहा है। पिछड़ी जाति की महिलाओं को भी इसका लाभ मिल रहा है। यह नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आउट सोर्सिंग में आरक्षण के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आउट सोर्सिंग के जरिए सरकार अपने काम के लिए लोगों को बहाल कर रही है। जिसके लिए सरकारी राजकोष से उस कंपनी को धन मुहैया कराया जाता है। स्वाभाविक है कि सरकार के धन का उपयोग करने पर रिजर्वेशन एक्ट को मानना पड़ेगा। चाहे कॉन्ट्रेक्ट हो चाहे आउटसोर्स हो दोनों में रिजर्वेशन को फॉलो किया जाता है।

गुजरात में हो रहे चुनाव के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस राज्य के प्रधानमंत्री हों, वहां के लोगों की भावना को समझिए। गुजरात चुनाव में बीजेपी के लिए कोई खतरा नहीं है, भाजपा को सफलता मिलेगी, ऐसी मेरी अपनी समझ है। देश के अंदर एक साथ सभी प्रकार के चुनाव होने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं इससे सहमत हूं। वर्ष 1967 तक तो चुनाव एक साथ हो रहे थे। 1967 के बाद मिडटर्म पोल से ये स्थिति बदली है। पांच वर्ष के लिए एक साथ चुनाव हो, तो यह बहुत अच्छा रहेगा। इससे पूरे समय काम करने का मौका मिलेगा। संविधान के अतंर्गत कुछ बदलाव करना होगा। कई प्रावधान करने होंगे। इसके लिए विमर्श की आवश्यकता है। यह तुरंत संभव नहीं है, वक्त लगेगा।

धारा 370 और यूनिफॉर्म सिविल कोड के स्टैंड के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि मैं अपने पुराने स्टैंड पर कायम हूं। गौ-रक्षक की बात पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से इस मामले पर मेरी बात हुई है। उनकी भी सहमति है कि इसके खिलाफ न्यायसंगत सख्त कार्रवाई हो। मैंने पुलिस महानिदेशक, होम सेक्रेटरी को भी इस बारे में कानून अपने हाथ में लेने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

लालू यादव और उनके परिवार से संबंधित पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजद उनकी पार्टी नहीं बल्कि उनकी निजी संपत्ति है। राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर उन्होंने कहा कि पिछले साल ही चुनाव हुआ था और इस बार भी हो रहा है। राजद में किस तरह का संविधान है ये उनका अंदरुनी मामला है। उन्हें मालूम है कि किस तरह मीडिया में जगह बनाया जाता है। आप लोग के आजकल पोस्टर ब्वॉय बने हुए हैं। उनको विकास से कोई लेना देना नहीं है। हमलोगों का स्वाभाव नहीं है कि आरोप-प्रत्यारोप में शामिल हों। अगर विकास के मुद्दे पर डिबेट करेंगे तो उसमें हम भाग लेंगे। तेजस्वी प्रसाद यादव के संबंध में उन्होंने कहा कि वे तो अभी बच्चे हैं उनका क्या जवाब दें।

शौचालय घोटाला के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने निर्देश दिया है कि ओ0डी0एफ0 घोषित करने के पहले चीजों को दुबारा जाॅच लें। थर्ड पार्टी से वेरीफिकेशन करवा लें। सासाराम जिले को ओ0डी0एफ0 घोषित किया गया है, इसको फिर से देख लेने के लिए कहा है। पंचायत स्तर तक पूरी जांच कर लें, एन0जी0ओ0 को पैसा देने से लेकर सारी चीजों की जांच करें, कुछ भी ना छूटे। जो भी घपला किया गया है, सरकारी पैसे का गबन किया है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। अपराधों के खिलाफ सुलभ माहौल अभी बना हुआ है आप लोग भी सहयोग कीजिए। एफ0आई0आर0 दर्ज करने में गड़बड़ी के संबंध में उन्होंने कहा कि कागज एवं अन्य चीजों के लिए थानों को तीन कैटेगरी में बांटकर 25 हजार, 15 हजार, 10 हजार रुपया उपलब्ध कराया गया है। अगर कोई गड़बड़ी करता है तो उसे पुलिस सेवा में रहने का हक नहीं उसके उपर कार्रवाई होगी। आपलोग के सुझाव से हमें सहुलियत होगी। शराब संबंधी शिकायत के लिए बिजली के पोल पर नंबर लिखे जाने के सुझाव पर काम हो रहा है। इसके लिए ऊर्जा विभाग, पुलिस विभाग एवं मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग से बात हो गई है।

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल काॅन्फ्रेंस नेता फारुक अब्दुला के कश्मीर संबंधी दिए गए बयान के संबंध में पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सबकी अपनी-अपनी राय है। मेरा मानना है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर क्षेत्र भी भारत का अभिन्न अंग है।