राजद विधायक सरोज यादव की बहन हत्याकांड मामले में आरोपियों को आजीवन कारावास, 10000 रूपये की आर्थिक दंड

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भोजपुर – बड़हरा विधानसभा के राजद विधायक सरोज यादव की बहन हत्याकांड मामले में आज आरा कोर्ट ने हत्याकांड में सम्मिलित तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास और 10000 रूपये की आर्थिक दंड की सजा सुनाई है. पूरा मामला 9 अप्रैल 2016 का है जब विधायक सरोज यादव की बड़ी बहन शैल देवी अपने घर शारदा सिंह टोला से चांदी गाँव फाइलेरिया की दवा लेने गई हुई थी. दवा लेने के बाद विधायक की बहन लौटते समय एक टेंपो में सवार हुई, इसके बाद ऑटो के ड्राइवर और उसमें सवार 4 से 5 लोगों ने उसके साथ छेड़खानी की.

विधायक की बहन शैल देवी ने जब अपनी बचाव में कहा कि वह विधायक सरोज यादव की बहन है तो नामजद आरोपियों ने उन पर रॉड से हमला कर दिया. आरोपी ने रॉड से सिर पर हमला करने के बाद विधायक की बहन शैल देवी को सड़क किनारे फेंक दिया था. घायल अवस्था में ग्रामीणों की मदद से विधायक की बहन को आरा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ उनकी स्थिति नाजुक बनी हुयी थी. जिसके बाद शैल देवी को बेहतर इलाज के लिए पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान केंद्र में भर्ती कराया गया. मगर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही विधायक की बहन शैल देवी ने 12 अप्रैल 2016 को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान केंद्र में अपना दम तोड़ दिया था.

जिसके बाद विधायक सरोज यादव ने अपने ही महा-गठ्बन्धन की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था, सड़क से लेकर सदन तक बड़हरा विधायक उस समय के महागठबंधन की सरकार के लॉ एंड ऑर्डर के मसले पर आंदोलन छेड़ दिया था. इस हत्याकांड मामले में चांदी थाना में जिसमें नरवीरपुर निवासी ऑटो चालक संतोष सिंह के साथ सुधीर कुमार और मिथिलेश कुमार को नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. चांदी थाना में तीनों आरोपियों पर धारा 147,323,324,354(A) और 307 I.P.C के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी.

वहीँ आज बड़हरा विधायक सरोज यादव की बहन शैल देवी के हत्याकांड मामले पर आरा कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दफा 341,354(A),302/34 IPC के तहत दोषी करार देते हुए सुधीर कुमार, संतोष सिंह और मिथिलेश कुमार को आजीवन कारावास के साथ-साथ 10-10 हजार की आर्थिक दंड की सजा सुनाई है.

बड़हरा विधानसभा के राजद विधायक सरोज यादव ने कोर्ट के फैसले पर कहा कि कोर्ट ने जो फैसला दिया है उसका मैं सम्मान करता हूं पर जो मेरी बहन के साथ हुआ है वह कोई मामूली बात नहीं थी. मेरी बहन के साथ घिनौनी हरकत और बर्बरतापूर्वक उनकी हत्या की गई थी, जिसमें तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की नहीं बल्कि फांसी की सजा होना चाहिए थी. विधायक आरोपियों की फांसी की सजा के लिए ऊपरी अदालत में अपील करेंगे.